KISHTWAR DISASTER 2025: जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती गांव में 14 अगस्त 2025 को बादल फटने से आई अचानक बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। इस भीषण आपदा में अब तक 60 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। सैकड़ों लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं, जबकि राहत व बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। यह हादसा मचैल माता मंदिर यात्रा मार्ग पर स्थित चशोती गांव में दोपहर 12 से 1 बजे के बीच हुआ। बादल फटने से आई बाढ़ ने लंगर स्थल, सुरक्षा चौकी और आसपास की कई इमारतों को बहा दिया।

KISHTWAR DISASTER 2025: 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया
चश्मदीदों के मुताबिक, पहाड़ से मलबा और पानी का तेज बहाव अचानक आया, जिससे भागने का मौका तक नहीं मिला। एक पीड़ित ने बताया कि वह लंगर में प्रसाद खा रहे थे, तभी तेज शोर के साथ मलबा गिरने लगा और अफरातफरी मच गई। राहत और बचाव कार्य में राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF), राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF), सेना, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें लगी हुई हैं। अब तक 300 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला गया है और 80 से ज्यादा घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

मृतकों की संख्या 56 से 65 के बीच
NDRF अधिकारियों के अनुसार, मलबा हटाने के लिए JCB मशीनों का उपयोग किया जा रहा है, लेकिन खराब मौसम और मलबे की अधिकता के कारण बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं। खराब मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर से राहत कार्य में भी रुकावटें आ रही हैं। विभिन्न स्रोतों के अनुसार मृतकों की संख्या 56 से 65 के बीच है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के बख्शी स्टेडियम में कहा कि इस आपदा में 60 लोगों की जान जा चुकी है और 100 से अधिक घायल हैं। पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने आशंका जताई कि 500 से 1000 लोग मलबे में फंसे हो सकते हैं, हालांकि लापता लोगों की सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं है।

मृतकों में दो केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के जवान भी शामिल हैं, जो उस समय सुरक्षा चौकी पर तैनात थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात कर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी स्थिति की जानकारी लेकर केंद्र सरकार की ओर से पूरी मदद का वादा किया। उमर अब्दुल्ला ने बताया कि घटना की जांच होगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि मौसम की चेतावनी के बावजूद यह हादसा कैसे हुआ। मचैल माता यात्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम भी रद्द कर दिए गए हैं।

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