79th INDEPENDENCE DAY: उत्तराखंड में आज 79वां स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षोल्लास और देशभक्ति के जज्बे के साथ मनाया गया। राज्य की राजधानी देहरादून से लेकर उत्तरकाशी, हर्षिल और अन्य क्षेत्रों में ध्वजारोहण, सांस्कृतिक कार्यक्रम और स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि देने जैसे आयोजन हुए। राज्य भर में स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक संस्थानों में ध्वजारोहण, देशभक्ति गीत, नाटक और परेड जैसे कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई स्थानों पर पतंगबाजी भी देखी गई, जो स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में लोकप्रिय है।

देहरादून के परेड ग्राउंड में 79वें स्वतंत्रता दिवस के मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम
देहरादून के परेड ग्राउंड में 79वें स्वतंत्रता दिवस के मुख्य राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ध्वजारोहण किया और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मानित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने फोटो प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस मौके पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य और सेवा के लिए पुलिस, फायर सेवा और अन्य विभागों के अधिकारियों व कर्मियों को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक और मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक से सम्मानित किया।

79th INDEPENDENCE DAY: पुलिस कर्मियों की किया गया सम्मानित
अपर पुलिस महानिदेशक अजय प्रकाश अंशुमान को राष्ट्रपति विशिष्ट सेवा पदक प्रदान किया गया। सेवा के आधार पर श्वेता चौबे, योगेश चंद्र, विपिन चंद्र पाठक, नरेंद्र सिंह बिष्ट, राकेश चंद्र भट्ट, अजय प्रकाश सेमवाल और सुनीत कुमार को मुख्यमंत्री सराहनीय सेवा पदक दिया गया। विशिष्ट कार्य के लिए शेखर चंद्र सुयाल, राजेंद्र सिंह खोलिया, कैलाश चंद्र भट्ट, मनोहर सिंह रावत, ओमकांत भूषण, दीपक कुमार, गोपाल राम, अमरजीत और राहुल को सम्मानित किया गया। खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रिया राणा, मनीषा चौहान, राहुल सरनालिया, अमीषा चौहान, विशम कश्यप, अमित बेलवाल और महक चौहान को भी सम्मान मिला।

सीएम धामी ने की ये बड़ी घोषणाएँ
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि जिन विद्यालयों में मिड-डे मील के लिए गैस सिलेंडर और चूल्हा नहीं है, वहां सरकार दो गैस सिलेंडर और एक चूल्हा उपलब्ध कराएगी। जिन विधानसभा क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति में कठिनाई है, वहां 10-10 हैंडपंप लगाए जाएंगे। ग्राम चौकीदार और ग्राम प्रहरी के मानदेय में 1000 रुपये तथा सैनिक कल्याण विभाग के ब्लॉक प्रतिनिधियों के मानदेय में 2000 रुपये की वृद्धि की जाएगी। राज्य में दूरस्थ और रोजगार मूलक उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए जनपद स्तर पर विशेष शैक्षणिक केंद्र स्थापित किए जाएंगे, जिनका संचालन उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय करेगा।

गंगोत्री ग्लेशियर और अन्य हिमालयी ग्लेशियरों का नियमित अध्ययन होगा और आपदा प्रबंधन विभाग को और सशक्त बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री ने वीर बलिदानियों, स्वतंत्रता सेनानियों और राज्य आंदोलनकारियों को नमन किया और उत्तरकाशी के धराली सहित आपदा प्रभावित क्षेत्रों के पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट, नरेश बंसल, विधायक खजानदास, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, डीजीपी दीपम सेठ, जिलाधिकारी सविन बंसल, एसएसपी अजय सिंह और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे।

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