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IPO लिस्टिंग के दिन ही शेयर 40% गिर जाए तो क्या करें, पहले ही समझ लें

जनवरी से मध्य जुलाई 2026 के बीच, 34 कंपनियों ने अपने शेयर बाजार में लिस्ट कराए — इनमें से 17 लिस्टिंग डे पर मुनाफे के साथ बंद हुए, 16 नुकसान के साथ, और एक बिल्कुल फ्लैट। यानी बिल्कुल 50-50 का खेल, जहां “लिस्टिंग गेन” की कोई गारंटी नहीं। IPO Investment Guide India में सबसे पहला सबक यही है — हर IPO पहले दिन मुनाफा नहीं देता।

हमने खुद यह गणित निकाला — अगर किसी ने Shree Ram Twistex Ltd जैसे IPO में ₹1 लाख लगाए हों (जो ₹104 के इश्यू प्राइस से गिरकर ₹71.40 पर लिस्ट हुआ), तो सिर्फ पहले ही दिन ₹31,346 का नुकसान हो जाता — यानी 31.35% सीधा झटका, वो भी शेयर बेचने से पहले।

IPO Investment Guide India: लिस्टिंग डे इतना अनप्रेडिक्टेबल क्यों है

IPO लिस्टिंग डे पर, नियमित ट्रेडिंग शुरू होने से पहले एक घंटे का “प्राइस डिस्कवरी सेशन” (कॉल ऑक्शन) होता है। इस सेशन में बना वेटेड एवरेज प्राइस ही उस दिन के सर्किट फिल्टर का आधार बनता है। मतलब, लिस्टिंग प्राइस असल में डिमांड-सप्लाई के इसी शुरुआती एक घंटे से तय होता है, न कि सिर्फ इश्यू प्राइस से।

IPO Investment Guide India: रिटर्न्स में जबरदस्त फर्क

2026 के पहले हिस्से में, 25 सफलतापूर्वक लिस्ट हुई कंपनियों में से टॉप परफॉर्मर्स 151% तक चढ़े, जबकि सबसे कमजोर लिस्टिंग्स 62% तक गिरीं। यह दिखाता है कि सिर्फ “IPO में पैसा लगाना” कोई एक जैसा अनुभव नहीं देता — कुछ निवेशकों के लिए यह जैकपॉट बनता है, कुछ के लिए भारी नुकसान।

IPO Investment Guide India ka calculation notebook mein

IPO Investment Guide India: अलॉटमेंट का गणित समझें

ज्यादातर IPOs में, कुल इश्यू साइज का 50% तक हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIBs) के लिए, 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स के लिए, और बाकी 35% रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व होता है। यानी रिटेल निवेशक के तौर पर, आवेदन करने से पहले यह समझना जरूरी है कि किस कैटेगरी में कितना कॉम्पिटिशन है।

IPO Investment Guide India: 2022 की सीख आज भी याद रखें

सिर्फ लिस्टिंग डे का जोखिम नहीं — लिस्टिंग के हफ्तों बाद भी अस्थिरता बनी रह सकती है। जनवरी 2022 में, एक भारी मार्केट सेल-ऑफ के दौरान, BSE IPO इंडेक्स सिर्फ एक दिन में 8% तक गिर गया था, और कुछ हाल ही में लिस्ट हुई कंपनियों के शेयर इंट्राडे में 20% तक टूट गए थे। IPO Investment Guide India में यह याद रखना जरूरी है — निवेश का जोखिम सिर्फ पहले दिन तक सीमित नहीं रहता।

IPO Investment Guide India: समझदारी से फैसला कैसे लें

सिर्फ “लिस्टिंग गेन” के लालच में आवेदन करने की बजाय, कंपनी के फंडामेंटल्स, बिजनेस मॉडल और वैल्यूएशन को समझना ज्यादा जरूरी है। 50-50 के आंकड़े खुद बताते हैं कि यह कोई पक्का मुनाफे का रास्ता नहीं — बल्कि एक ऐसा निवेश है, जिसमें रिसर्च के बिना कदम रखना जोखिम भरा हो सकता है।

अगर आप शेयर बाजार की बुनियादी बातें भी समझना चाहते हैं, तो How Does Stock Market Work वाला आर्टिकल जरूर पढ़ें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

1. IPO Investment Guide India में सबसे बड़ा जोखिम क्या है?
यह मानना कि हर IPO लिस्टिंग डे पर मुनाफा देगा — 2026 के आंकड़े बताते हैं कि यह बिल्कुल 50-50 का मामला है।

2. लिस्टिंग प्राइस कैसे तय होता है?
नियमित ट्रेडिंग से पहले एक घंटे के “प्राइस डिस्कवरी सेशन” में बना वेटेड एवरेज प्राइस ही लिस्टिंग डे का आधार बनता है।

3. रिटेल निवेशकों को कितना हिस्सा मिलता है?
आमतौर पर कुल इश्यू साइज का 35% रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व होता है, 50% QIBs और 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल बिडर्स के लिए।

4. क्या जोखिम सिर्फ लिस्टिंग डे तक सीमित है?
नहीं, जनवरी 2022 जैसे मार्केट सेल-ऑफ के दौरान, हाल ही में लिस्ट हुए शेयर भी भारी गिरावट झेल चुके हैं — जोखिम हफ्तों तक बना रह सकता है।

5. IPO में निवेश से पहले क्या देखना चाहिए?
सिर्फ लिस्टिंग गेन के लालच की बजाय, कंपनी के फंडामेंटल्स, बिजनेस मॉडल और वैल्यूएशन को समझना ज्यादा जरूरी है।

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यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है और यह कोई निवेश सलाह नहीं है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन है, इसलिए फैसला लेने से पहले अपनी रिसर्च करें और जरूरत पड़ने पर सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर से सलाह लें।

उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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