INDIA US RELATIONS: भारत और अमेरिका के बीच हाल के दिनों में बढ़े व्यापारिक तनाव और टैरिफ विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते अत्यंत सकारात्मक, दूरदर्शी, व्यापक और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर आधारित हैं। उनका यह बयान ट्रंप के उस टिप्पणी के बाद आया जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका संबंधों को बेहद विशेष बताया और मोदी को महान प्रधानमंत्री और हमेशा का दोस्त कहा था।

INDIA US RELATIONS: ट्रंप का बयान और पृष्ठभूमि
5-6 सितंबर 2025 की रात को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि भारत और अमेरिका के संबंध बेहद विशेष हैं और मौजूदा तनाव के बावजूद वे और पीएम मोदी हमेशा दोस्त रहेंगे। हालांकि, उन्होंने भारत द्वारा रूस से तेल खरीदने पर निराशा जताई और कहा कि इस वजह से भारत पर 50% टैरिफ लगाया गया है। इसमें से 25% टैरिफ रूस से तेल खरीदने पर पेनल्टी के रूप में जोड़ा गया है। ट्रंप ने यह भी आरोप लगाया कि भारत, रूस और चीन की हालिया मुलाकात से ऐसा लगता है कि अमेरिका ने भारत और रूस को चीन के पाले में धकेल दिया है।

पीएम मोदी का कूटनीतिक जवाब
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वे राष्ट्रपति ट्रंप की भावनाओं और संबंधों के सकारात्मक मूल्यांकन की तहे दिल से सराहना करते हैं। उन्होंने ट्रंप की बात का समर्थन करते हुए कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते दूरदर्शी और वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर टिके हैं। पीएम मोदी ने अपने पोस्ट में ट्रंप को टैग करते हुए लिखा-

भारत-अमेरिका तनाव?
भारत और अमेरिका के बीच मौजूदा तनाव का मुख्य कारण 27 अगस्त 2025 से लागू किया गया 50% टैरिफ है। ट्रंप प्रशासन ने यह कदम भारत के रूस से सस्ते तेल खरीदने और द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन को लेकर उठाया था। ट्रंप प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भारत की नीतियों की आलोचना की और राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ और भारतीय व्यापार नीतियों को ‘घटिया’ करार दिया था। इसके जवाब में भारत ने साफ कहा कि वह अपनी रणनीतिक स्वतंत्रता से समझौता नहीं करेगा और जहां से सस्ता तेल मिलेगा, वहां से खरीदेगा। विदेश मंत्रालय ने ट्रंप प्रशासन की टिप्पणियों को भ्रामक और गलत बताया था।

कूटनीतिक महत्व और भविष्य
विशेषज्ञों के अनुसार, पीएम मोदी का यह बयान एक संतुलित कूटनीतिक प्रतिक्रिया है। उन्होंने ट्रंप की दोस्ती और संबंधों की मजबूती को स्वीकार किया, लेकिन साथ ही भारत की स्वतंत्र विदेश नीति का संदेश भी स्पष्ट किया। यह बयान ऐसे समय में आया है जब पीएम मोदी हाल ही में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) सम्मेलन में शामिल होने चीन गए थे और वहां उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। इस मुलाकात को लेकर ट्रंप ने असहजता जताई थी।

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