/ Feb 27, 2026
All rights reserved with Masterstroke Media Private Limited.
HARIDWAR JUNA AKHARA HOLI: धर्मनगरी हरिद्वार में शुक्रवार को होली का एक बेहद अनूठा और पारंपरिक स्वरूप देखने को मिला। जूना अखाड़ा स्थित माया देवी मंदिर प्रांगण में निरंजनी और जूना अखाड़ा के संतों ने रंगों के साथ-साथ गाय के गोबर से होली खेलकर सनातन परंपरा और आस्था का संदेश दिया। भजनों की थाप और जयकारों के बीच संतों ने एक-दूसरे को गोबर और गुलाल लगाकर इस उत्सव को दिव्यता के साथ मनाया।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने इस आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि गोबर से होली खेलना हमारी प्राचीन सनातन परंपरा का अभिन्न हिस्सा है। हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है और उसका गोबर न केवल पवित्र माना जाता है, बल्कि इसमें औषधीय गुण भी होते हैं। यह परंपरा प्रकृति के प्रति सम्मान, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति की विशिष्टता को दर्शाती है।

अखाड़ा परिषद के महामंत्री स्वामी हरिगिरि महाराज ने कहा कि होली का यह पावन पर्व समस्त संत समाज को एक सूत्र में पिरोने का काम करता है। (HARIDWAR JUNA AKHARA HOLI) संतों का मानना है कि रासायनिक रंगों के बजाय प्राकृतिक वस्तुओं का उपयोग उत्सव की शुचिता को बढ़ाता है। समारोह के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। संतों की इस अनूठी होली ने श्रद्धालुओं का भी ध्यान खींचा, जो इस सांस्कृतिक विरासत के गवाह बने।

देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज
All Rights Reserved with Masterstroke Media Private Limited.