GOA NIGHTCLUB FIRE: गोवा के अर्पोरा स्थित ‘बिर्च बाय रोमियो लेन’ नाइट क्लब में हुए भीषण अग्निकांड के मुख्य आरोपी सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा को आखिरकार कानून के दायरे में लाया गया है। 25 लोगों की जान लेने वाले इस हादसे के बाद फरार हुए दोनों भाइयों को मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे थाईलैंड से भारत डिपोर्ट कर दिल्ली लाया गया। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर उतरते ही वहां पहले से मौजूद गोवा पुलिस की एक टीम ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस उन्हें दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश करेगी ताकि उनकी ट्रांजिट रिमांड हासिल की जा सके।

GOA NIGHTCLUB FIRE: थाईलैंड में ऐसे पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों भाई
ट्रांजिट रिमांड की अनुमति मिलते ही गोवा पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर गोवा रवाना होगी, जहां अंजुना पुलिस स्टेशन में उनसे आगे की पूछताछ की जाएगी। लूथरा बंधुओं को पकड़ने के लिए गोवा पुलिस ने विदेश मंत्रालय और सीबीआई के जरिए इंटरपोल से मदद मांगी थी, जिसके बाद उनके खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया गया था। भारत सरकार ने दोनों के पासपोर्ट भी रद्द कर दिए थे और उनकी भूमिका से जुड़ा एक डोजियर थाईलैंड को सौंपा था। सूत्रों के अनुसार, 9 दिसंबर को थाई अधिकारियों को सूचना मिली कि भारतीय एजेंसियां जिन आरोपियों को ढूंढ रही हैं, वे फुकेट में छिपे हैं।

इसके बाद होटलों पर निगरानी बढ़ाई गई। 11 दिसंबर को जब दोनों भाई होटल से बाहर खाना खाने निकले, तो थाई इमिग्रेशन और पुलिस अधिकारियों ने उनकी पहचान और यात्रा दस्तावेजों की जांच की, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। भारत और थाईलैंड के बीच 2013 की प्रत्यर्पण संधि के तहत यह डिपोर्टेशन संभव हो सका है। मीडिया रिपोर्ट्स और कॉर्पोरेट रिकॉर्ड से यह भी खुलासा हुआ है कि सौरभ और गौरव लूथरा सिर्फ बिर्च क्लब ही नहीं, बल्कि 42 अन्य कंपनियों से भी जुड़े हुए हैं। इनमें से कई कंपनियां केवल कागजों पर मौजूद हैं और दिल्ली के एक ही पते (2590, ग्राउंड फ्लोर, हडसन लाइन, नॉर्थ वेस्ट दिल्ली) पर रजिस्टर्ड हैं।

रिकॉर्ड बताते हैं कि लूथरा भाई इन फर्जी कंपनियों और लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLPs) में डायरेक्टर या पार्टनर के तौर पर लिस्टेड हैं। ऐसी कंपनियों का इस्तेमाल आमतौर पर बेनामी लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के लिए किया जाता है, हालांकि इस पहलू पर अभी विस्तृत जांच होना बाकी है। चूंकि लूथरा ब्रदर्स, उनके बिजनेस पार्टनर और कई कर्मचारी दिल्ली के रहने वाले हैं, इसलिए गोवा पुलिस के साथ-साथ दिल्ली पुलिस भी मामले की जांच कर रही है और दिल्ली में भी एक केस दर्ज किया गया है।

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