FOOD ADULTERATION: होली का त्योहार आते ही बाजार में मिठाइयों, रंगों और खाने-पीने की चीजों की मांग बढ़ जाती है। लेकिन इसी मौके का फायदा उठाकर कई दुकानदार और मिलावटखोर नकली और मिलावटी सामान बेचने लगते हैं। बाजार में मिलावट की शिकायतें हर साल बढ़ जाती हैं। ये नकली चीजें न सिर्फ त्योहार के स्वाद को खराब कर सकती हैं, बल्कि गंभीर बीमारियों का कारण भी बन सकती हैं।

FOOD ADULTERATION सबसे ज्यादा इन प्रोडक्टस में होती है
सबसे ज्यादा मिलावट मावा और पनीर में पाई जाती है, जिसमें सिंथेटिक दूध और स्टार्च मिलाकर नकली उत्पाद तैयार किए जाते हैं। इससे पेट की बीमारियां होने का खतरा रहता है। मिठाइयों में भी सस्ते और हानिकारक रंगों का उपयोग किया जाता है, जो शरीर के लिए जहरीले हो सकते हैं। बाजार में बिकने वाले रंग और गुलाल भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं होते, क्योंकि इनमें भारी धातुएं और केमिकल मिले होते हैं, जो त्वचा और आंखों को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

FOOD ADULTERATION की ऐसे करें पहचान
होली से पहले बाजार में मिलावटी सामान की भरमार हो जाती है, जिससे सेहत पर बुरा असर पड़ सकता है। नकली और मिलावटी चीजों की पहचान करना जरूरी है ताकि आप शुद्ध और सुरक्षित उत्पाद खरीद सकें।
- मावा की जांच करने के लिए एक छोटा टुकड़ा पानी में डालें। अगर यह पूरी तरह घुल जाता है या सफेद रंग छोड़ने लगता है, तो यह नकली हो सकता है। असली मावा पानी में आसानी से नहीं घुलता। मावे को गर्म तवे पर डालने पर भी उसकी शुद्धता की जांच की जा सकती है। अगर यह जल्दी से तेल छोड़ने लगे और जलने की गंध आए, तो इसमें मिलावट हो सकती है।

- पनीर की शुद्धता जांचने के लिए उसे आयोडीन टिंचर के घोल में डालें। अगर इसका रंग नीला हो जाए, तो इसमें स्टार्च मिला हुआ हो सकता है। असली पनीर आयोडीन के संपर्क में आने पर अपना रंग नहीं बदलता। इसके अलावा, पनीर को गर्म पानी में डालकर छोड़ दें। अगर यह ज्यादा नरम या टूटने लगे, तो इसमें मिलावट हो सकती है।

- मिठाइयों की पहचान करने के लिए उनके रंग और चमक पर ध्यान दें। बहुत ज्यादा चमकदार या गहरे रंग वाली मिठाइयों में सिंथेटिक रंगों की मिलावट हो सकती है, जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं। एक और तरीका यह है कि मिठाई के छोटे टुकड़े को पानी में डालें। अगर पानी का रंग बदलने लगे, तो उसमें मिलावटी रंग मिले हो सकते हैं।

- खाने के तेल की जांच के लिए उसे कुछ घंटों के लिए फ्रिज में रखें। अगर उसमें सफेद जमाव दिखाई दे, तो इसमें मिलावट हो सकती है। असली तेल ठंड में जमता नहीं है। सरसों के तेल की शुद्धता जांचने के लिए इसमें नाइट्रिक एसिड मिलाएं। अगर तेल का रंग लाल या नारंगी हो जाए, तो यह मिलावटी हो सकता है।

- रंग और गुलाल की शुद्धता जांचने के लिए इसे पानी में मिलाएं। अगर रंग बहुत जल्दी घुल जाता है और पानी गहरे रंग का हो जाता है, तो इसमें हानिकारक केमिकल हो सकते हैं। शुद्ध और प्राकृतिक रंग धीरे-धीरे घुलते हैं और ज्यादा गहरे नहीं होते। हाथों पर गुलाल रगड़कर देखें। अगर यह चिपचिपा लगे या तेज गंध आए, तो इसमें केमिकल मिले हो सकते हैं, जो त्वचा के लिए नुकसानदायक होते हैं।

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