घर में बारात लौटने की बजाय पहुंची दूल्हे की अर्थी तो मच गया कोहराम, शादी की शहनाई रूदाली और चीख पुकार में बदली

लखनऊ, ब्यूरो। दो घंटे पहले फेरे लिए थे और विधवा हो गई युवती…। कुछ ऐसी दर्दनाक कहानी है सोनिया भारती की। उत्तर प्रदेश के आदमपुर निवासी जमुना भारती की बेटी सोनिया की शादी बभनी निवासी प्रदीप भारती से तय हुई थी। दो दिन पहले रविवार सुबह से घर में शादी की तैयारियां चल रही थी। बारात पहुंची और देर रात तक शादी की रस्में चलती रही। करीब तीन बजे तक कार्यक्रम और सारी रस्में पूरी की गई। इसके बाद सुबह करीब पांच बजे दूल्हे की अचानक तबीयत नासाज हो गई। कोई कुछ भी समझ पाता कि दूल्हा सीधे खून की उल्टियां करने लगा। इससे मौके पर हड़कंप मच गया। किसी तरह दूल्हे को जिला अस्पताल ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उसकी सांसें थम गई। बाराती युवक की बारात वापस लाने की बजाय अर्थी लेकर घर पहुंचे तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। महज दो घंटे में ही सुहाग उजड़ने से दुल्हन और दूल्हे दोनों के ही गांव में कोहराम मच गया।

बता दें कि रविवार रात जिस घर में शहनाई की गूंज थी सोमवार सुबह वहां रूदाली और चीख-पुकार मच गई। हर कोई गमजदा था। दुल्हन फेरे लेने के दो घंटे बाद ही विधवा हो गई। सुबह होते-होते कुछ ऐसा हुआ कि हर कोई सदमे में है। दूल्हे को एकाएक खून की उल्टी शुरू हो गई, जब तक उसे अस्पताल लाते रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। महज दो घंटे के भीतर ही बेटी का सुहाग उजड़ने से घराती पक्ष के लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।

दूल्हे की हालत खराब होने के बाद आनन फानन में दूल्हे को एक निजी चिकित्सक के पास ले गए। वहां से जिला अस्पताल ले जाने को कहा गया। जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दूल्हे ने दम तोड़ दिया। इसके बाद दूल्हे के शव को लेकर बाराती घर चले गए। दूल्हे बारात की बजाय अर्थी घर आने से पूरे इलाके में कोहराम मच गया। दो घंटे पहले जिस बेटी ने शादी के सात फेरे लिए थे, उसका सुहाग उजड़ने की खबर से हर कोई सदमे में है। दुल्हन के पिता जमुना भारती ने कहा कि दूल्हे का अंतिम संस्कार करने के लिए उसके पिता राम भवन उसे अपने आवास ले गए हैं। दूल्हे के पिता रामभवन ने कहा कि बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया गया है।

दरअसल, आदमपुर के जमुना भारती की बेटी सोनिया भारती की शादी बभनान के बभनी निवासी प्रदीप भारती के साथ तय हुई थी। रविवार सुबह से ही शादी की तैयारी चल रही थी। घराती पक्ष के लोग भी तैयारियों में जुटे थे। शाम को गाजे-बाजे के साथ प्रदीप भारती बारात लेकर पहुंचा। विधिविधान पूर्वक द्वार पूजा की रस्म हुई। इसके बाद रात में प्रदीप व सोनिया ने शादी के सात फेरे लिए। इसमें रात के तीन बज गये। विवाह होने के बाद दूल्हा जनवासे में पहुंचा। सुबह पांच बजे एकाएक दूल्हे की तबीयत बिगड़ गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक उसे खून की उल्टियां होने लगी। यह देख वहां पर अफरा तफरी मच गई।