Dubai से तेल अवीव जा रही एक फ्लाइट में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब विमान से कथित तौर पर हाइजैक से जुड़ा इमरजेंसी कोड ट्रिगर हुआ। सुरक्षा अलर्ट मिलते ही विमान का रूट बदल दिया गया और उसे सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया। विमान में करीब 180 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, विमान ने दुबई से उड़ान भरने के बाद तेल अवीव की ओर यात्रा शुरू की थी। घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने विमान और उसमें सवार लोगों की सुरक्षा को लेकर तत्काल कदम उठाए।
विमान से मिला हाइजैक का इमरजेंसी सिग्नल
रिपोर्ट के मुताबिक, फ्लाइट ने एक ऐसा इमरजेंसी सिग्नल दिया, जिसे संभावित हाइजैक या सुरक्षा संकट से जोड़कर देखा गया। इस अलर्ट के बाद विमान को उसके निर्धारित गंतव्य तेल अवीव जाने के बजाय सऊदी अरब की ओर मोड़ दिया गया।
विमान ने तबुक एयरपोर्ट पर अनिर्धारित लैंडिंग की। शुरुआती रिपोर्ट में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि विमान से हाइजैक का संकेत किस परिस्थिति में जारी हुआ और इसके पीछे वास्तविक कारण क्या था। सुरक्षा एजेंसियों की ओर से मामले की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।
करीब 180 लोग थे Dubai विमान में सवार
रिपोर्ट के अनुसार, फ्लाईदुबई की इस उड़ान में करीब 180 लोग सवार थे। इमरजेंसी अलर्ट के बाद विमान को सुरक्षित रूप से तबुक एयरपोर्ट तक पहुंचाया गया। इस दौरान विमान के निर्धारित रूट में बदलाव किया गया।
एयरलाइन और संबंधित अधिकारियों की ओर से घटना की विस्तृत परिस्थितियों को लेकर तत्काल ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। ऐसे में यह भी स्पष्ट नहीं है कि विमान में किसी यात्री, चालक दल के सदस्य या किसी अन्य व्यक्ति की ओर से कोई वास्तविक खतरा पैदा किया गया था या नहीं।
तबुक एयरपोर्ट पर उतारा गया विमान
सऊदी अरब का तबुक एयरपोर्ट इस घटना के बाद विमान के लिए अस्थायी गंतव्य बना। हाइजैक की आशंका से जुड़ा अलर्ट मिलने के बाद विमान को वहां उतारना सुरक्षा प्रक्रिया के तहत उठाया गया कदम माना जा रहा है।
इस तरह की परिस्थितियों में विमान के रूट को बदलकर सुरक्षित एयरपोर्ट पर उतारना यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम होता है। हालांकि, इस मामले में अभी तक यह आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं है कि इमरजेंसी कोड क्यों सक्रिय हुआ था।
क्या वास्तव में हुआ था? जांच के बाद होगा खुलासा
फिलहाल घटना को ‘हाइजैक स्केयर’ यानी हाइजैक की आशंका के तौर पर रिपोर्ट किया गया है। शुरुआती रिपोर्टों में किसी वास्तविक अपहरण, हिंसा या विमान पर नियंत्रण हासिल किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस घटना के वास्तविक कारण को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।
सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि इमरजेंसी कोड कैसे और क्यों सक्रिय हुआ। इसके अलावा विमान के कॉकपिट सिस्टम, चालक दल की रिपोर्ट और विमान में मौजूद परिस्थितियों की भी जांच की जा सकती है।
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दुबई-तेल अवीव एयर रूट पर बढ़ी सतर्कता
दुबई और तेल अवीव के बीच हवाई संपर्क मध्य पूर्व की मौजूदा सुरक्षा परिस्थितियों के कारण विशेष संवेदनशीलता वाला क्षेत्र माना जाता है। ऐसे में किसी भी सुरक्षा अलर्ट को विमानन एजेंसियां गंभीरता से लेती हैं।
बुधवार की घटना में भी इमरजेंसी संकेत मिलने के बाद विमान को निर्धारित गंतव्य से हटाकर सऊदी अरब के तबुक में उतारा गया। करीब 180 यात्रियों को लेकर उड़ रहे विमान की सुरक्षित लैंडिंग के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इमरजेंसी कोड आखिर किस वजह से सक्रिय हुआ।
फिलहाल उपलब्ध शुरुआती जानकारी के आधार पर किसी वास्तविक हाइजैक की पुष्टि नहीं हुई है। मामले की आगे की जांच और एयरलाइन या संबंधित अधिकारियों की आधिकारिक जानकारी से ही घटना की पूरी तस्वीर साफ होने की उम्मीद है।

