DHARALI RESCUE OPERATION: उत्तरकाशी जिले के आपदा प्रभावित धराली और आसपास के क्षेत्रों में राहत और बचाव अभियान लगातार युद्धस्तर पर जारी है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) की ओर से मिली जानकारी के अनुसार, पानी के बढ़ते स्तर और भूस्खलन के कारण फंसे लोगों को निकालने के लिए सेना, वायुसेना, NDRF, SDRF, ITBP, पुलिस, और कई केंद्रीय एजेंसियां लगातार मोर्चे पर डटी हुई हैं। धराली में खीर गाड़ के पास बही पुलिया को दुबारा बनाकर आवाजाही शुरू कर दी गई है। इस पुलिया के चालू होते ही खोज और बचाव दलों की गतिविधियों में तेजी आई है।

DHARALI RESCUE OPERATION में अब तक क्या क्या हुआ?
राहत टीमों की मदद से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों तक राहत सामग्री, राशन, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। हेलीकॉप्टरों की मदद से बुधवार शाम तक कुल 48 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाया गया और अलग-अलग इलाकों में जरूरी सामान पहुंचाया गया। इस दौरान धराली से मुखबा को जोड़ने वाले मुख्य झूला पुल का तुरंत मरम्मत कार्य भी शुरू किया गया। पुल की जांच सेना के इंजीनियर, NDRF और BRO की टीम ने की, जिसमें पाया गया कि पुल की मरम्मत बेहद जरूरी है।

राज्य के पर्यटन, जल शक्ति और ऊर्जा विभाग ने भी प्रभावित इलाकों में बिजली और पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए टीमें तैनात की हैं। UJVNL की ओर से आसपास के गांवों को बिजली आपूर्ति के लिए हर्षिल जल परियोजना को चालू कर दिया गया है। माइक्रो हाइड्रो इलेक्ट्रिक परियोजना भी फिर से चालू की गई है। राहत और बचाव कार्यों में अब तक कुल 1056 लोग शामिल हैं, जिनमें सेना, स्पेशल फोर्स, NDRF, SDRF, ITBP और पुलिस विभाग की टीमें शामिल हैं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, 5 अगस्त 2025 को आई आपदा में अब तक 25 नेपाली नागरिकों समेत कुल 68 लोग लापता या मृत घोषित किए जा चुके हैं।

मेडिकल सेवाओं को भी तेज किया गया है। धराली में एक मेडिकल टीम, एक डॉक्टर, एक फार्मासिस्ट और एक एंबुलेंस तैनात है, जबकि हर्षिल में सात स्पेशलिस्ट डॉक्टर और एक SMO मौजूद हैं। मातली में दो डॉक्टर और चार स्पेशलिस्ट हेल्थ विभाग के हैं, और जिला अस्पताल उत्तरकाशी में आठ स्पेशलिस्ट मौजूद हैं। कुल 294 बेड और 65 ICU बेड की व्यवस्था की गई है। अब तक जिला अस्पताल उत्तरकाशी में 6, एम्स अस्पताल में 2, दून अस्पताल में 2 और ITBP अस्पताल देहरादून में 1 घायलों का इलाज किया जा रहा है।

धराली में काम के लिए 21 भारी मशीनें जैसे जेसीबी, डोजर, टिपर, एक्स्कवेटर और जनरेटर लगाई गई हैं। परिवहन विभाग और निगम ने 110 वाहन भी उपलब्ध कराए हैं। प्रभावित परिवारों के लिए मुख्यमंत्री की ओर से 5 लाख रुपये की तत्कालिक सहायता राशि की घोषणा की गई है। राज्य सरकार ने बताया कि मौसम साफ होते ही हेलीकॉप्टर सेवाएं फिर से शुरू कर दी गई हैं। 12 अगस्त तक एयरफोर्स, UCADA और आर्मी के हेलीकॉप्टरों ने 356 बार उड़ान भरकर राहत और बचाव सामग्री पहुंचाई है।

NDRF ने 8 साइटों पर मैनुअल सर्च, टेक्निकल सर्च और डॉग स्क्वाड की मदद से खुदाई और सफाई की है। SDRF ने भी 8 साइटों पर Thermal Imaging और VLC उपकरण से खोजबीन की, और हर्षिल से पानी का प्रवाह सुचारू करने के लिए चैनल बनाए। ITBP ने धराली में क्षतिग्रस्त घरों से दो शव बरामद किए और गर्भवती महिलाओं और बीमार लोगों को हेलीकॉप्टर से हर्षिल पहुंचाया। सेना ने ऊंचे इलाकों में मेटल डिटेक्टर से स्कैनिंग की, 25 जवानों की टीम हेलीपैड की सुरक्षा में लगाई और 800 मीटर पैदल मार्ग तैयार किया।

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