DHARALI DISASTER RELIEF: धराली क्षेत्र में बादल फटने से आई आपदा के बाद सीएम धामी ने मौके पर पहुंचकर प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उनका हालचाल जाना। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता प्रदान करेगी और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए पूरी तरह तत्पर है। मुख्यमंत्री ने राहत कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और मौके पर तैनात बचाव एवं राहत कर्मियों से भी बातचीत की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि राहत सामग्री समयबद्ध तरीके से सभी प्रभावित परिवारों तक पहुंचनी चाहिए और कोई भी जरूरतमंद सहायता से वंचित न रहे।’

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ToggleDHARALI DISASTER RELIEF: राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी
राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं, जिसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस, फायर सर्विस और सेना की टीमें लगातार जुटी हुई हैं। घटना की सूचना मिलते ही राहत दल घटनास्थल पर पहुंच गए और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया। अब तक 130 से अधिक लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है, जिनमें 100 लोग धराली के पास और 35 लोग हर्षिल आर्मी गेट के नीचे से रेस्क्यू किए गए। आईटीबीपी ने 80 आपदा पीड़ितों को कोपांग कैंप में सुरक्षित पहुंचाया, जहां उन्हें भोजन, आश्रय और चिकित्सा सुविधा दी जा रही है।

राहत कार्यों को गति देने के लिए दो आईजी, तीन एसपी, एक कमांडेंट, 11 डिप्टी एसपी और 300 पुलिसकर्मियों की तैनाती की है। हर्षिल के पास एक अस्थायी पुलिया बनाई गई है, ताकि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।आज मौसम साफ होने से हेलीकॉप्टर के जरिए रेस्क्यू ऑपरेशन को तेजी मिली है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चिकित्सा सुविधाएं भी सुदृढ़ की गई हैं।

हवाई मार्ग से सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था
बता दें कि राहत कार्यों को तेज करने के लिए राज्य सरकार ने हवाई मार्ग से सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की है। दो हेलीकॉप्टरों के माध्यम से आवश्यक खाद्य और राहत सामग्री धराली क्षेत्र में पहुंचाई गई है। इसके अलावा, भारतीय वायुसेना के चिनूक हेलीकॉप्टर के जरिए भारी मशीनरी भेजी जा रही है, ताकि क्षतिग्रस्त मार्गों की मरम्मत, मलबा हटाने और अन्य आवश्यक कार्य जल्द से जल्द पूरे किए जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि हर प्रभावित व्यक्ति को समय पर सहायता मिले और क्षेत्र में सामान्य जीवन जल्द बहाल हो।

आपदा के बाद स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया गया है, ताकि घायलों को समय पर बेहतर इलाज मिल सके। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने बताया कि देहरादून, ऋषिकेश और अन्य प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में घायलों के इलाज के लिए बेड आरक्षित कर दिए गए हैं। इसके साथ ही, आपदा से प्रभावित लोगों में मानसिक तनाव और अवसाद की स्थिति को देखते हुए सरकार ने तीन मनोचिकित्सकों को विशेष रूप से धराली क्षेत्र में तैनात किया है।

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