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दिल्ली-एनसीआर में दिवाली पर फोड़ सकेंगे पटाखे, सुप्रीम कोर्ट ने दी ग्रीन पटाखों की बिक्री और फोड़ने की परमिशन

DELHI NCR FIRECRACKER: सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में दिवाली के अवसर पर ग्रीन पटाखों की बिक्री और फोड़ने की अनुमति दे दी है।  बता दें कि कोर्ट ने सख्त शर्तों के साथ छूट दी है। अप्रैल 2024 में लगाए गए पूर्ण प्रतिबंध को आंशिक रूप से ढील दी गई है, लेकिन यह केवल प्रमाणित ग्रीन पटाखों तक सीमित रहेगा। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, ग्रीन पटाखों की बिक्री 18 अक्टूबर से 20 अक्टूबर 2025 तक की जा सकेगी, जबकि फोड़ने की अनुमति 18 से 21 अक्टूबर तक दी गई है। फोड़ने का समय सुबह 6 बजे से 8 बजे और शाम 8 बजे से रात 10 बजे तक सीमित रखा गया है।

DELHI NCR FIRECRACKER
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DELHI NCR FIRECRACKER: एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की होगी निगरानी

केवल NEERI और PESO द्वारा प्रमाणित पटाखे ही अनुमत होंगे और इन्हें केवल नामित स्थानों पर फोड़ा जा सकेगा। पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि वे जांच करें और पैकेजिंग में QR कोड सुनिश्चित करें। फैसले के अनुसार, सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) को 18 अक्टूबर से दिवाली तक एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। यदि प्रदूषण स्तर असामान्य रूप से बढ़ता है, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि यह छूट केवल दिवाली और उससे जुड़े दिनों तक सीमित है, जबकि पारंपरिक पटाखों पर पूर्ण प्रतिबंध बना रहेगा। दिल्ली सरकार, हरियाणा और अन्य एनसीआर राज्यों ने इस छूट का स्वागत किया है।

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DELHI NCR FIRECRACKER: ग्रीन पटाखे क्या हैं?

ये पर्यावरण-अनुकूल पटाखे हैं, जिन्हें CSIR-NEERI ने विकसित किया है। इनमें पारंपरिक पटाखों की तुलना में 30% कम धूल कण (PM) और कम से कम 10% गैसीय प्रदूषण होता है। इनमें हानिकारक रसायन जैसे बेरियम नाइट्रेट नहीं होते, बल्कि धूल दमनकारी additives का उपयोग किया जाता है। शोर स्तर भी 110–125 डेसिबल तक सीमित रखा गया है, जो सामान्य पटाखों के 160 डेसिबल से काफी कम है। भारत में ग्रीन पटाखों के तीन प्रकार हैं: SWAS (Safe Water Release), STAR (Safe Thermite Crackers), SAFAL (Safe Minimal Aluminium)।(DELHI NCR FIRECRACKER)

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DevbhoomiNews Desk
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Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
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