Bihar में लड़कियों और महिलाओं से सार्वजनिक जगहों पर कथित बदसलूकी के मामले लगातार चर्चा में हैं। जमुई और समस्तीपुर के बाद अब बांका जिले के मंदार पर्वत से एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें एक नाबालिग लड़की के साथ कुछ युवकों द्वारा कथित तौर पर दुर्व्यवहार किए जाने का दृश्य दिखाई दे रहा है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए छह अज्ञात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। हालांकि, पुलिस अभी यह भी जांच कर रही है कि वीडियो वास्तव में कब रिकॉर्ड किया गया था।
मंदार पर्वत का बताया जा रहा है वायरल वीडियो
वायरल वीडियो को बांका जिले के बौंसी थाना क्षेत्र स्थित मंदार पर्वत का बताया जा रहा है। वीडियो में युवकों का एक समूह लड़की को घेरता नजर आता है। पुलिस के मुताबिक, फुटेज में एक युवक कथित तौर पर लड़की का हाथ मरोड़ता दिखाई देता है, जबकि दूसरा युवक चप्पल से मारने की कोशिश करता नजर आता है। एक अन्य युवक के हाथ में डंडा दिखाई देने की बात भी सामने आई है।
वीडियो को एडिट कर उसमें एक ऐसा गाना लगाया गया है जिसे कथित तौर पर दबंगई या हुड़दंग को बढ़ावा देने वाला माना जा रहा है। सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद यह वीडियो पुलिस तक पहुंचा, जिसके बाद जांच शुरू की गई।
वीडियो की तारीख को लेकर बिहार पुलिस कर रही जांच
इस मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू वीडियो की तारीख है। वायरल क्लिप पर 3 सितंबर की तारीख दिखाई दे रही है, लेकिन पुलिस की शुरुआती जांच में यह संभावना सामने आई है कि वीडियो करीब छह महीने पुराना हो सकता है। इसलिए पुलिस घटना की वास्तविक तारीख और परिस्थितियों की पुष्टि कर रही है।
बौंसी थाना प्रभारी पंकज कुमार झा के मुताबिक, पुलिस के सोशल मीडिया सेल को यह वीडियो 22 सितंबर को व्हाट्सऐप के जरिए मिला था। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके का निरीक्षण किया और शुरुआती जांच में पाया कि वीडियो मंदार पर्वत का प्रतीत होता है।
छह अज्ञात युवकों पर मामला दर्ज
पुलिस ने मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए छह अज्ञात युवकों के खिलाफ FIR दर्ज की है। आरोपियों की पहचान अभी नहीं हो सकी है। बौंसी के एसडीपीओ इंद्रजीत बैथा ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं। पहचान और जांच के आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि वीडियो किसने रिकॉर्ड किया, इसे किसने सोशल मीडिया पर प्रसारित किया और घटना के पीछे वास्तव में क्या परिस्थितियां थीं।
समस्तीपुर में भी वायरल वीडियो के बाद चार गिरफ्तार
बांका की घटना ऐसे समय सामने आई है जब कुछ ही दिन पहले समस्तीपुर में एक लड़की से कथित सार्वजनिक बदसलूकी का वीडियो वायरल हुआ था। समस्तीपुर पुलिस ने मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, वीडियो करीब एक सप्ताह पुराना प्रतीत हुआ और इसमें दिखाई दे रही लड़की प्रथम दृष्टया नाबालिग लग रही थी।
पुलिस ने वीडियो की तकनीकी जांच के बाद घटनास्थल की पहचान जगतसिंहपुर गांव के पास एक बांध की सड़क के रूप में की थी। मामले में BNS, POCSO Act और IT Act की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई। पुलिस ने लोगों से पीड़िता की पहचान उजागर करने वाला कोई भी वीडियो या पोस्ट साझा नहीं करने की अपील भी की थी।
जमुई मामले के बाद बढ़ी चिंता
इससे पहले जमुई में भी एक नाबालिग लड़की और उसके साथ मौजूद एक लड़के को कथित तौर पर युवकों के समूह ने रोककर परेशान किया था। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और कई आरोपियों को गिरफ्तार किया।
लगातार सामने आ रहे वीडियो ने सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा तथा सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो के प्रसार को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, अलग-अलग मामलों की वास्तविक घटनाक्रम और समय-सीमा पुलिस जांच के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट होगी।
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सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करने से बचें
बांका मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है। ऐसे मामलों में वायरल वीडियो को बिना पुष्टि के साझा करने से पीड़िता की पहचान उजागर होने और उसकी निजता को नुकसान पहुंचने का खतरा रहता है। समस्तीपुर पुलिस ने भी इसी तरह लोगों से पीड़िता की पहचान से जुड़े कंटेंट को साझा नहीं करने की अपील की थी।
फिलहाल बांका पुलिस का फोकस वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे छह युवकों की पहचान करने, घटना की वास्तविक तारीख पता लगाने और वीडियो की पूरी परिस्थितियों की पुष्टि करने पर है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि घटना कब हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

