बिहार में NDA को जोर का झटका, 3 सांसद जा सकते हैं नीतीश -तेजस्वी के साथ

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पिछले एक हफ्ते से बिहार का सियासी पारा चढ़ा हुआ है और उतरने का नाम नहीं ले रहा। ताज़ा ख़बरों के अनुसार जहां एक तरफ नितीश-तेजस्वी की नई सरकार ने अपना नया सफर शुरू किया, वहीं दूसरी तरफ NDA की मुश्किल लगातार बढ़ती जा रही है। सूत्रों के अनुसार 3 सांसद NDA छोड़कर नितीश -तेजस्वी का दामन थाम सकते हैं। बिहार में बीजेपी से अलग होने के बाद नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव के साथ मिलकर सरकार बना ली है। अचानक इस सत्ता परिवर्तन से बिहार ही नहीं बल्कि देश के अन्य राज्यों में राजनीतिक हलचल मचा दी है। इसी बीच खबर आ रही है की NDA के 3 और सांसद भी नीतीश -तेजस्वी का दामन थाम सकते हैं।

Political Crisis से जूझ रहा बिहार

लग रहा कि जैसे बिहार में सियासी बवाल थमने का नाम ही नहीं ले पा रहा। अभी- अभी नीतीश बाबू बीजेपी से नाता तोड़कर RJD के साथ बिहार में सरकार बना ली है, जहां नीतीश फिर से मुख्यमंत्री बन गए हैं, वहीं लालू के लाल तेजस्वी यादव भी उप मुख्यमंत्री बन कर मालामाल हो गए। खैर मामला यहीं नहीं निबटा, पता चला है कि नई कैबिनेट को लेकर भी घमासान जारी है। इसी बीच एक और खबर ने हलचल मचा दी है, जहाँ NDA के 3 सांसद भी बीजेपी छोड़कर नीतीश -तेजस्वी के साथ जा सकते हैं।

NDA को झटका

जानकारी के अनुसार बिहार के NDA से 3 सांसद JDU और RJD का समर्थन कर सकते हैं। ये तीनों सांसद लोक जनशक्ति पार्टी के पारस गट से हैं। केंद्रीय मंत्री पशुपति पारस ने एलान किया था की वो NDA के साथ रहेंगे, ऐसे में खगड़िया के संसाद मेहबूब अली RJD में और वैशाली से सांसद वीणा देवी और नवादा से चन्दन सिंह JDU में जा सकते हैं।

NDA में टूट का कारण

लोक जनशक्ति पार्टी के 6 सांसद 2019 में जीते थे। पिछले साल पार्टी दो भाग में टूट गयी, एक धड़ा चिराग पासवान के साथ और दूसरा धड़ा पारस के साथ हो गया, जहां पारस के साथ 5 सांसद थे और चिराग अकेले। अब खबर आयी है कि जमुई से चिराग ,हाजीपुर से पारस और समस्तीपुर से प्रिंस जो की एक ही परिवार हैं ,इनको छोड़ सभी 3 सांसद NDA छोड़ देंगे।

दूसरी तरफ बिहार में नीतीश कुमार के खिलाफ बीजेपी नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है बेगूसराय में सांसद गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव पर हमला बोला। उन्होंने नीतीश को अति महत्वाकांक्षी बताते हुए कहा की इतिहास गवाह है की बीजेपी की बदौलत ही नीतीश मुख्यमंत्री रहे हैं, लेकिन कुछ लोगों के बहकावे में आ गए। नीतीश को अब “पल्टूराम “कह कर बुलाया जा रहा है. देखते हैं आगे क्या होता है।