जब माता की मूर्ती को आता है पसीना तो होती है हर भक्त की मुराद पूरी

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Bhalei Mata Mandir: मां भद्रकाली का चमतकारी मंदिर 60 के दशक में महिलाओं के प्रवेश पर थी रोक

Bhalei Mata Mandir: देवी का एक ऐसा मंदिर जहां जब मां प्रसन्न होती हैं तो माता के शरीर से पसीना आता है और इस दौरान वहां मौजूद लोग जो भी मुराद मांगते हैं वो पूरी जरूर होती है। इस मंदिर के प्रति लोगों की इतनी आस्था है कि यहां लोग देश के अलग अलग कोनों से माता का ये रूप देखने आते हैं और मनोकामना मांगते हैं। इस मंदिर (Bhalei Mata Mandir) के बारे में कई रोचक तथ्य हैं, जैसे की 60 के दशक में यहां महिलाओं का प्रवेश निषेद था लेकिन उसके बाद महिलाएं इस मंदिर में जाकर मां के दर्शन करने लगी लेकिन ऐसा क्या हुआ फिर जो महिलाएं बाद में इस मंदिर में प्रवेश करने लगीं।   

भद्रकाली माता (Bhalei Mata Mandir) का ये एतिहासिक मंदिर हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित है जो यहां मौजूद एक छोटे से गांव के नाम पर पड़ा है जिसका नाम है भलेई। माना जाता है कि माता भद्रकाली यहां स्वयंभू प्रकट हुईं थी जिसके बाद चंबा के राजा प्रताप सिंह द्वारा यहां माता का मंदिर (Bhalei Mata Mandir) बनवाया गया था।

स्थानीय लोगों के मुताबिक चंबा के राजा प्रताप सिंह को भलेई माता द्वारा ही धन उपलब्ध कराया गया था। इस मंदिर की वास्तुकला और खूबसूरती को देख हर कोई आश्चर्यचकित रह जाता है। मान्यता के अनुसार माता भलेई (Bhalei Mata Mandir) की चतुर्भुजी मूर्ती खुद ब खुद यहां प्रकट हुई थी जिसमें माता के दाएं हाथ में त्रिशूल और बाएं हाथ में खप्पर है।

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वहीं इस मंदिर में 60 के दशक में महिलाओं का प्रवेश निषेद था लेकिन एक दिन मां भलेई (Bhalei Mata Mandir) अपनी एक परम भक्त दुर्गा के सपने में आई और माता ने दुर्गा से कहा कि वह सबसे पहले उनके मंदिर में जाकर उनके दर्शन करें और इसके बाद अन्य महिलाएं भी भलेई मंदिर (Bhalei Mata Mandir) में जाकर माता के दर्शन कर सकती हैं। बस इसके बाद माता के आदेश के अनुसार दुर्गा ने भलेई माता के मंदिर में जाकर माता के दर्शन किए और इसके बाद से सभी महिलाएं भी मां के दर्शन करने के लिए माता के मंदिर के अंदर प्रवेश करने लगीं।

वहीं इस मंदिर (Bhalei Mata Mandir) को लेकर जो सबसे बड़ी मान्यता है वो ये है कि जब भी माता को पसीना आता है इसका मतलब होता है कि मां प्रसन्ना है और इस दौरान भक्तों द्वारा मांगी गई हर मुराद जरूर पूरी होती है। वहीं मंदिर को लेकर एक मान्यता ये भी है कि जब कोई व्यक्ति माता के मंदिर (Bhalei Mata Mandir) में आकर माता के सामने कोई मानोकामना मांगता है और अगर इस समय पर माता को पसीना आता है तो इसका मतलब है कि माता अपने उस भक्त की मुराद को पूरा करेंगी।           

Bhalei Mata Mandir
Source: Social Media

वहीं एक बार मंदिर (Bhalei Mata Mandir) से कुछ चोरों ने माता की मूर्ती को चोरी किया और जब ये चोर आगे चलकर चौहड़ा गांव के पास पहुंचे तो इन चोरों की आखों की रोशनी ही चली गई। चोर जब इस गांव से आगे की ओर बढ़े वैसे ही उनकी आखों के आगे अंधेरा छा गया लेकिन जैसे ही ये चोर पीछे मुड़कर देखें तो उन्हें सब कुछ दिखाई देने लगा। चोर ये दृश्य देख घबरा गए और माता की मूर्ती को वहीं छोड़कर वहां से भाग निकले। इसके बाद पूरे विधी विधान के साथ माता की मूर्ती को वापिस मंदिर में स्थापित किया गया।   

जब माता की मूर्ती को आता है पसीना तो होती है हर भक्त की मुराद पूरी

भलेई माता (Bhalei Mata Mandir) के मंदिर आने के लिए आपको सबसे पहले हिमाचल के डलहौजी आना पड़ेगा यहां से करीबन 38 किलोमीटर का सफर तय करने के बाद आप भलेई माता के मंदिर में पहुंचेगे। नवरात्रि के समय पर इस मंदिर (Bhalei Mata Mandir) में श्रद्धालुओं की भीड़ और भी ज्यादा देखने को मिलती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि भलेई माता (Bhalei Mata Mandir) के मंदिर में आकर जो कोई भी सच्चे मन से माता से मुराद मांगता है वो पूरी जरूर होती है।

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