BENGALURU STAMPEDE: कर्नाटक सरकार ने 4 जून 2025 को बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर हुए दर्दनाक भगदड़ हादसे पर हाईकोर्ट में विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपी है। यह भगदड़ रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) की पहली IPL जीत के जश्न के दौरान हुई थी, जिसमें 11 लोगों की मौत और 50 से अधिक लोग घायल हुए थे। जस्टिस जॉन माइकल डी’कुन्हा की अध्यक्षता में गठित एकल न्यायिक आयोग की रिपोर्ट में कई चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं। रिपोर्ट में RCB, कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA), इवेंट मैनेजमेंट कंपनी DNA एंटरटेनमेंट नेटवर्क्स और बेंगलुरु पुलिस को इस हादसे का जिम्मेदार ठहराया गया है। खास बात यह है कि रिपोर्ट में विराट कोहली का नाम भी सामने आया है।

BENGALURU STAMPEDE मामले में क्या हुआ?
3 जून 2025 को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में RCB ने पंजाब किंग्स को हराकर IPL का खिताब जीता था। इसके अगले दिन बेंगलुरु में विधान सौधा से चिन्नास्वामी स्टेडियम तक विजय जुलूस निकाला गया। इस आयोजन में मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और राज्यपाल सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए थे। लेकिन आयोजन स्थल की क्षमता 40 हजार थी, जबकि वहां 2.5 से 5 लाख लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। दोपहर 3:14 बजे आयोजकों द्वारा अचानक पास की अनिवार्यता की घोषणा ने हालात को और बिगाड़ दिया, जिसके कारण भगदड़ मच गई।

जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि RCB और DNA एंटरटेनमेंट ने पुलिस को केवल सूचना दी थी, लेकिन कोई लिखित अनुमति नहीं ली गई। पुलिस ने भीड़ को देखते हुए अनुमति देने से इनकार कर दिया था, फिर भी आयोजन कराया गया। स्टेडियम के बाहर मात्र 79 पुलिसकर्मी तैनात थे, जो इतने बड़े जनसमूह के लिए नाकाफी थे। कोई एम्बुलेंस तैनात नहीं थी और न ही किसी आपात योजना की व्यवस्था थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि RCB ने बिना पुलिस से सलाह लिए सोशल मीडिया पर जश्न का प्रचार किया था।

विराट कोहली का एक वीडियो विशेष रूप से उल्लेखनीय है जिसमें उन्होंने प्रशंसकों को मुफ्त प्रवेश के साथ आने का निमंत्रण दिया था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद स्टेडियम के बाहर अपार भीड़ उमड़ पड़ी। रिपोर्ट में कोहली के खिलाफ कोई सीधी कानूनी कार्रवाई नहीं सुझाई गई है, लेकिन सामाजिक कार्यकर्ता एच.एम. वेंकटेश द्वारा 5 जून को दर्ज की गई शिकायत को पहले से दर्ज एफआईआर में शामिल कर लिया गया है।

सरकार ने इस मामले में तत्काल कार्रवाई करते हुए बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त बी. दयानंद समेत पांच अधिकारियों को निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव को भी निलंबित किया गया है और इंटेलिजेंस प्रमुख का तबादला किया गया है। मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की गई है, जिसमें RCB ने भी ‘RCB Cares’ फंड के तहत इतनी ही राशि देने की बात कही है। घटना के बाद पुलिस ने RCB के मार्केटिंग हेड निखिल सोसाले, उनके सहयोगी सुमंत, DNA के मैनेजर किरण कुमार और सुनील मैथ्यू को गिरफ्तार किया है। इन पर गैर-इरादतन हत्या और लापरवाही की धाराओं में FIR दर्ज की गई है।

बेंगलुरु भगदड़ मामले में हाईकोर्ट ने सरकार से मांगी रिपोर्ट, अगली सुनवाई 10 जून को
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