BEAR ATTACK CHAMOLI: उत्तराखंड के चमोली जिले के पोखरी ब्लॉक के पाव गांव में बुधवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब घास लेने जंगल गई 42 वर्षीय महिला पर भालू ने हमला कर दिया। रामेश्वरी देवी सुबह घर से निकली थीं, लेकिन शाम तक वापस न लौटने पर ग्रामीणों को शक हुआ। देर शाम जंगल के रास्ते पर उनकी दरांती, परांदा और रस्सी बिखरी मिलने के बाद उनकी तलाश तेज कर दी गई। लेकिन रात के अंधेरे और घने जंगल के कारण खोज अभियान रोकना पड़ा।

BEAR ATTACK CHAMOLI: गंभीर हालत में एयरलिफ्ट कर AIIMS ऋषिकेश भेजा गया
गुरुवार सुबह वन विभाग की टीम और ग्रामीणों ने दोबारा जंगल में तलाश शुरू की और करीब दस बजे एक पेड़ की ओट में रामेश्वरी देवी को खून से लथपथ हालत में पाया। उनके चेहरे और सिर पर गंभीर घाव मिले, जो भालू के हमले की पुष्टि करते हैं। उन्हें तुरंत रेस्क्यू कर प्राथमिक इलाज दिया गया और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एयर एम्बुलेंस से AIIMS ऋषिकेश रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी हालत नाजुक बताई है। वन विभाग के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि हमला भालू द्वारा ही किया गया है।

9 नवंबर को गुनियाला गांव में भी एक महिला पर भालू ने हमला किया था। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार बढ़ते हमलों के चलते महिलाओं और बच्चों का जंगल जाना बेहद जोखिम भरा हो गया है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सर्दियों के दौरान भोजन की कमी और जंगलों में मानव हस्तक्षेप बढ़ने के कारण हिमालयी भालू गांवों की ओर आ रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, उत्तराखंड में वर्ष 2000 से 2025 के बीच भालू के हमलों में 71 लोगों की मौत और 2,000 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से त्वरित कार्रवाई, गश्त बढ़ाने और सुरक्षा उपायों को मजबूत करने की मांग की है।


