ASHES 2025: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही एशेज सीरीज का आगाज एक ऐतिहासिक और रोमांचक नतीजे के साथ हुआ है। पर्थ में खेले गए पहले टेस्ट मैच में ऑस्ट्रेलिया ने इंग्लैंड को खेल के दूसरे ही दिन 8 विकेट से करारी शिकस्त दे दी है। यह मैच सिर्फ दो दिनों के भीतर खत्म हो गया। इस जीत के साथ ही ऑस्ट्रेलिया ने पांच मैचों की सीरीज में 1-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है। मैच के हीरो रहे ट्रैविस हेड और मिचेल स्टार्क, जिनके प्रदर्शन के आगे इंग्लिश टीम पूरी तरह बेबस नजर आई। ट्रैविस हेड ने दूसरी पारी में ताबड़तोड़ शतक जड़ा, जबकि मिचेल स्टार्क ने मैच में कुल 10 विकेट चटकाए।

ASHES 2025: ट्रैविस हेड की विस्फोटक बल्लेबाज़ी
मैच के दूसरे दिन ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए चौथी पारी में 205 रनों का लक्ष्य मिला था, जिसे उन्होंने टी20 अंदाज में हासिल कर लिया। उस्मान ख्वाजा के चोटिल होने के कारण ट्रैविस हेड को पारी की शुरुआत करने (ओपनिंग) की जिम्मेदारी दी गई थी और उन्होंने इस मौके को दोनों हाथों से भुनाया। हेड ने इंग्लैंड के गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए महज 69 गेंदों पर अपना शतक पूरा किया। उन्होंने 83 गेंदों में 123 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसमें कई चौके और छक्के शामिल थे। ऑस्ट्रेलिया ने 28.2 ओवर में ही 2 विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया। मार्नस लाबुशेन 51 रन बनाकर नाबाद रहे।

इस जीत की नींव अनुभवी तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क ने रखी थी, जिन्होंने पूरे मैच में इंग्लैंड के बल्लेबाजों को चैन की सांस नहीं लेने दी। स्टार्क को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ चुना गया। उन्होंने पहली पारी में अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 58 रन देकर 7 विकेट झटके थे। स्टार्क ने मैच की शुरुआत ही जैक क्रॉली को पहले ओवर में आउट करके की थी। दूसरी पारी में भी उन्होंने इंग्लैंड के शीर्ष क्रम को झकझोरते हुए 3 महत्वपूर्ण विकेट लिए और मैच में कुल 10 विकेट अपने नाम किए। यह स्टार्क का एशेज इतिहास में एक यादगार प्रदर्शन बन गया है।

इंग्लैंड की टीम के लिए यह मैच एक बुरे सपने जैसा रहा, जहां उनकी बल्लेबाजी दोनों पारियों में ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इंग्लैंड की टीम पहली पारी में महज 172 रनों पर ढेर हो गई थी। हालांकि, उन्होंने शानदार वापसी करते हुए ऑस्ट्रेलिया को पहली पारी में 132 रनों पर समेट दिया था और 40 रनों की बढ़त हासिल की थी। लेकिन दूसरी पारी में इंग्लिश बल्लेबाज स्कॉट बोलैंड और मिचेल स्टार्क की आग उगलती गेंदों का सामना नहीं कर सके। इंग्लैंड की दूसरी पारी सिर्फ 164 रनों पर सिमट गई, जिससे ऑस्ट्रेलिया को एक आसान लक्ष्य मिला।

मैच का पहला दिन भी बेहद नाटकीय रहा था, जब एक ही दिन में कुल 19 विकेट गिरे थे, जो एशेज इतिहास में पिछले 100 सालों में पहले दिन गिरने वाले सर्वाधिक विकेट हैं। इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने अपनी टीम को मैच में बनाए रखने की पूरी कोशिश की। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में शानदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट चटकाए थे, जिसकी बदौलत ऑस्ट्रेलिया 132 पर ऑलआउट हो गई थी। लेकिन स्टोक्स का यह प्रयास उनकी टीम के बल्लेबाजों के खराब प्रदर्शन के कारण बेकार चला गया।

यह जीत ऑस्ट्रेलिया के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि उनके नियमित कप्तान पैट कमिंस और प्रमुख गेंदबाज जोश हेजलवुड चोट के कारण इस मैच का हिस्सा नहीं थे। उनकी गैरमौजूदगी में स्टीव स्मिथ ने टीम की कमान संभाली और टीम ने एक एकजुट इकाई की तरह प्रदर्शन किया। ट्रैविस हेड का यह शतक एशेज इतिहास में लक्ष्य का पीछा करते हुए (चौथी पारी में) लगाया गया सबसे तेज शतक भी बन गया है। इसके अलावा, 1921 के बाद यह पहली बार है जब कोई एशेज टेस्ट मैच केवल दो दिनों में समाप्त हुआ है।

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