HomeLatest Newsखेलों में डोपिंग के खिलाफ भारत का सख्त रुख, ANTI DOPING CONFERENCE...

खेलों में डोपिंग के खिलाफ भारत का सख्त रुख, ANTI DOPING CONFERENCE में डोपिंग रोकथाम पर जोर

ANTI DOPING CONFERENCE: खेलों में डोपिंग के खिलाफ वैश्विक लड़ाई को और धार देने के लिए भारत ने एक अहम मंच पर अपनी मजबूत मंशा जाहिर की है। आज विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के ग्लोबल एंटी-डोपिंग इंटेलिजेंस एंड इन्वेस्टिगेशन नेटवर्क (जीएआईआईएन) के ANTI DOPING CONFERENCE INDIA 2026 के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने स्वच्छ खेल और डोपिंग से निपटने में सरकार की मंशा के बारे में बताया।

ANTI DOPING CONFERENCE: डोपिंग बन चुका है बहुराष्ट्रीय संगठित उद्यम

उनके अनुसार आज डोपिंग किसी एक खिलाड़ी की व्यक्तिगत गलती नहीं रह गई, बल्कि यह एक संगठित और बहुराष्ट्रीय नेटवर्क का रूप ले चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले के प्रयास मुख्यतः प्रयोगशाला परीक्षण और खिलाड़ियों की अनुपालन जांच तक सीमित थे, लेकिन अब इस जटिल नेटवर्क को तोड़ने के लिए समन्वित वैश्विक प्रतिक्रिया की जरूरत है। इसीलिए जीएआईआईएन जैसा अंतरराष्ट्रीय खुफिया और जांच नेटवर्क इस लड़ाई में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

कानूनी ढांचा और सुधार

ANTI DOPING CONFERENCE के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय डोपिंग विरोधी अधिनियम, 2022 को एक मजबूत वैधानिक ढांचा बताया और कहा कि राष्ट्रीय डोपिंग विरोधी संशोधन अधिनियम, 2025 भारत के नियमों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाता है। डॉ. मांडविया ने कहा कि सरकार प्रतिबंधित पदार्थों के सेवन या तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रावधान लागू करने की दिशा में काम कर रही है।

ANTI DOPING CONFERENCE
ANTI DOPING CONFERENCE

डॉ. मंडाविया ने कहा कि जहां पहले के प्रयास काफी हद तक प्रयोगशाला परीक्षण प्रोटोकॉल और एथलीटों के अनुपालन तक सीमित थे, वहीं आज डोपिंग अब व्यक्तिगत दुर्व्यवहार का कृत्य नहीं रह गया है, बल्कि एक संगठित बहुराष्ट्रीय उद्यम है, जो ऐसे नेटवर्क को प्रभावी ढंग से खत्म करने के लिए समन्वित वैश्विक प्रतिक्रिया की आवश्यकता को रेखांकित करता है।

वाडा अपने काम में लगा हुआ 

वाडा के अध्यक्ष विटॉल्ड बांका ने मजबूत वैश्विक साझेदारी की आवश्यकता को पहचानते हुए कहा कि राष्ट्रीय डोपिंग विरोधी संगठनों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच सहयोग को मजबूत करने के लिए वाडा के खुफिया और जांच मॉडल का विकास हुआ है।

उन्होंने कहा, “यह मॉडल साझेदारी पर आधारित है। यह डोपिंग विरोधी पेशेवरों की विशेषज्ञता को कानून प्रवर्तन की क्षमताओं के साथ जोड़ता है, जिसे यूरोपोल और इंटरपोल जैसे अंतरराष्ट्रीय भागीदारों का समर्थन प्राप्त है।”

ANTI DOPING CONFERENCE में डोपिंग रोकथाम पर जोर

डॉ. मंडाविया ने ANTI DOPING CONFERENCE के दौरान  निवारक उपायों पर कहा कि रोकथाम सबसे प्रभावी रणनीति बनी हुई है  और सही समय पर सही जानकारी प्रदान करने से खिलाड़ी सोच-समझकर निर्णय ले पाते हैं और जानबूझकर या अनजाने में होने वाले उल्लंघनों से बच पाते हैं। उन्होंने शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह खिलाड़ी के पूरे सफर में निरंतर जारी रहनी चाहिए।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय डोप रोधी एजेंसी (एनएडीए) इंडिया ने कार्यशालाओं, सेमिनारों, डिजिटल अभियानों और इवेंट-आधारित शिक्षण के माध्यम से जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक, बहुस्तरीय दृष्टिकोण अपनाया है। सार्वभौमिक डिजाइन ढांचे के तहत दिव्यांग एथलीटों के लिए विशेष शिक्षा मॉड्यूल भी विकसित किए गए हैं।

एजेंसी की संस्थागत और जांच क्षमता होगी मजबूत

ANTI DOPING CONFERENCE के दौरान खेल सचिव हरि रंजन राव ने भारत के सक्रिय दृष्टिकोण पर प्रकाश डालते हुए कहा कि खेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय डोप रोधी एजेंसी की संस्थागत और जांच क्षमता को मजबूत करने की दिशा में काम किया है, जिसमें प्रवर्तन एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय और बेहतर सूचना साझाकरण शामिल है।

READ MORE:

ANTI DOPING CONFERENCE
ANTI DOPING CONFERENCE

भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण और केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन जैसे संगठनों के साथ साझेदारी दूषित या अनियमित पदार्थों से उत्पन्न जोखिमों से निपटने के लिए महत्वपूर्ण है, जो वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण चिंता का विषय बना हुआ है।

परीक्षणों की बढ़ी संख्या 

जांच और प्रवर्तन में हुई प्रगति के बारे में जानकारी देते हुए डॉ. मांडविया ने बताया कि भारत ने डोपिंग विरोधी जांच को वर्ष 2019 में लगभग 4,000 परीक्षणों से बढ़ाकर पिछले वर्ष लगभग 8,000 परीक्षणों तक पहुंचा दिया है। उन्होंने कहा कि प्रतिकूल विश्लेषणात्मक निष्कर्षों में उल्लेखनीय कमी आई है, जो वर्ष 2019 में 5.6 प्रतिशत से घटकर वर्तमान में 2 प्रतिशत से भी कम हो गई है, जो निरंतर जागरूकता और निवारक प्रयासों के प्रभाव को दर्शाती है।

देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

WhatsApp Group
Join Now
DevbhoomiNews Desk
DevbhoomiNews Desk
Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
RELATED ARTICLES

Most Popular