ANKITA BHANDARI CASE: उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में बुधवार का दिन बेहद घटनापूर्ण रहा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने देर शाम अपने आवास पर अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी और माता सोनी देवी से मुलाकात की। इस दौरान पीड़ित माता-पिता ने एक बार फिर अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए सीबीआई जांच की मांग दोहराई। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए सीबीआई जांच पर सहमति जता दी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस मामले का विधिक परीक्षण कराएगी और उसके बाद ठोस कार्रवाई करेगी।
मुख्यमंत्री से मुलाकात से पहले अंकिता के पिता वीरेंद्र भंडारी ने स्पष्ट किया कि जब तक निष्पक्ष जांच नहीं होती, उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है। उन्होंने तथाकथित ‘वीआईपी’ की कॉल डिटेल खंगालने की मांग की और भाजपा के सांसदों, विधायकों और कार्यकर्ताओं से भी समर्थन की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने जनता से 11 जनवरी को प्रस्तावित ‘उत्तराखंड बंद’ को पूरी तरह शांतिपूर्ण रखने की अपील की है।

ANKITA BHANDARI CASE: उर्मिला सनावर से मैराथन पूछताछ
दूसरी तरफ, ‘वीआईपी’ का नाम उजागर करने का दावा करने वाली अभिनेत्री उर्मिला सनावर से पुलिस ने बुधवार को करीब 6 घंटे (दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक) लंबी पूछताछ की। देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि उर्मिला ने जांच में सहयोग किया और सुरेश राठौर के साथ हुई अपनी बातचीत की ऑडियो क्लिप पुलिस को सौंपी। हालांकि, पुलिस सूत्रों का कहना है कि उर्मिला के पास उस वायरल ऑडियो और उनके खुद के वीडियो के अलावा कोई नया या ठोस सबूत नहीं मिला है। जिस ऑडियो को वे सबूत बता रही हैं, उसमें सिर्फ बातचीत है, लेकिन उसे साबित करने वाले तथ्यों का उनके पास कोई जवाब नहीं था।

मेरा नार्को टेस्ट करा लो: उर्मिला
पूछताछ के बाद उर्मिला सनावर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा कि वे नार्को टेस्ट के लिए भी तैयार हैं। उन्होंने कहा, “मेरा नाम बेवजह राजनीति से जोड़ा जा रहा है। मेरा उद्देश्य सिर्फ अंकिता को न्याय दिलाना है, चाहे इसके लिए सीबीआई जांच हो या कोई और उच्च स्तरीय जांच।” उर्मिला आज (बृहस्पतिवार) हरिद्वार एसआईटी के सामने पेश हो सकती हैं, जहां उनसे हरिद्वार में दर्ज मुकदमों के सिलसिले में पूछताछ की जाएगी।

सीबीआई जांच पर अंतिम फैसला जल्द?
सूत्रों के अनुसार, सरकार सीबीआई जांच से इनकार नहीं कर रही है, लेकिन कोई भी फैसला लेने से पहले कानूनी पहलुओं को परखा जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को अंकिता के माता-पिता की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई करने का भरोसा दिया है। अंकिता के परिजन पिछले कई महीनों से सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं और हालिया विवादों के बाद सरकार पर भी दबाव बढ़ा है। अब देखना होगा कि विधिक राय के बाद सरकार आधिकारिक तौर पर सीबीआई जांच की सिफारिश कब करती है।(ANKITA BHANDARI CASE)

हिमालय की सुरक्षा पर मंथन, इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विलांस बढ़ाने पर दिया गया जोर
देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

