HomeNational Headlinesनोएडा को मिलेगा 6 किलोमीटर लंबा सिक्स-लेन एलिवेटेड रोड, रजनीगंधा अंडरपास से...

नोएडा को मिलेगा 6 किलोमीटर लंबा सिक्स-लेन एलिवेटेड रोड, रजनीगंधा अंडरपास से यूफ्लेक्स तक सफर होगा जाम मुक्त

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में तेजी से बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के लिए नोएडा प्राधिकरण ने एक बड़ी आधारभूत संरचना (इन्फ्रास्ट्रक्चर) परियोजना को मंजूरी देने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

शहर में रजनीगंधा अंडरपास से सेक्टर-60 स्थित यूफ्लेक्स चौराहे तक लगभग 5.4 से 6 किलोमीटर लंबा छह-लेन एलिवेटेड रोड बनाया जाएगा। करीब 700 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पूरी होने के बाद DND फ्लाईवे से आने-जाने वाले यात्रियों को जाम से काफी राहत मिलने की उम्मीद है।

नोएडा शहर का तीसरा बड़ा एलिवेटेड रोडनोएडा

नोएडा प्राधिकरण के अनुसार, यह प्रस्तावित एलिवेटेड रोड शहर का तीसरा प्रमुख एलिवेटेड कॉरिडोर होगा। यह रजनीगंधा अंडरपास से शुरू होकर सेक्टर-3, सेक्टर-10, सेक्टर-12, सेक्टर-22 होते हुए सेक्टर-57/60 के यूफ्लेक्स चौराहे तक पहुंचेगा। परियोजना का उद्देश्य शहर के सबसे व्यस्त मार्गों पर ट्रैफिक का दबाव कम करना और तेज़, सिग्नल-फ्री यात्रा उपलब्ध कराना है।

IIT रुड़की ने तैयार की व्यवहार्यता रिपोर्ट

परियोजना की व्यवहार्यता (Feasibility) का अध्ययन आईआईटी रुड़की द्वारा किया गया है। संस्थान ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट नोएडा प्राधिकरण को सौंप दी है और अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। DPR तैयार होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा और परियोजना पर काम शुरू होगा।

इस नोएडा रोड से किसे मिलेगा सबसे अधिक फायदा?

यह एलिवेटेड रोड खासतौर पर उन लाखों लोगों के लिए राहत लेकर आएगा जो रोज़ाना दिल्ली से नोएडा और ग्रेटर नोएडा की ओर यात्रा करते हैं।

वर्तमान में DND फ्लाईवे से सेक्टर-18, सेक्टर-16, सेक्टर-12 और सेक्टर-57 की ओर जाने वाले मार्गों पर पीक आवर्स में लंबा ट्रैफिक जाम लग जाता है। नई सड़क बनने के बाद वाहन बिना ट्रैफिक सिग्नल के सीधे यूफ्लेक्स चौराहे तक पहुंच सकेंगे।

इससे सेक्टर-57, सेक्टर-58, सेक्टर-59, सेक्टर-60, इलेक्ट्रॉनिक सिटी और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की ओर जाने वाले यात्रियों का समय भी काफी बचेगा।

नोएडा को जाम से मिलेगी बड़ी राहत

नोएडा के कई प्रमुख चौराहों—रजनीगंधा, सेक्टर-12/22, सेक्टर-57 और यूफ्लेक्स—पर प्रतिदिन भारी ट्रैफिक रहता है। कार्यालय समय के दौरान इन स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं।

एलिवेटेड रोड बनने के बाद लंबी दूरी का ट्रैफिक ऊपर से निकलेगा, जबकि स्थानीय यातायात नीचे की सड़क का उपयोग करेगा। इससे ट्रैफिक का बेहतर विभाजन होगा और जाम की समस्या में उल्लेखनीय कमी आने की संभावना है।

700 करोड़ रुपये की लागत

परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 700 करोड़ रुपये बताई गई है। इसमें एलिवेटेड कॉरिडोर, रैंप, ड्रेनेज सिस्टम, स्ट्रीट लाइट, सुरक्षा बैरियर, ट्रैफिक प्रबंधन और अन्य सहायक ढांचे का निर्माण शामिल होगा।

नोएडा प्राधिकरण का कहना है कि परियोजना को आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा ताकि भविष्य में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को भी संभाला जा सके।

दिल्ली-नोएडा यात्रा होगी आसान

यह परियोजना विशेष रूप से DND फ्लाईवे से आने वाले यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अभी दिल्ली से नोएडा प्रवेश करने के बाद कई प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक के कारण यात्रा धीमी हो जाती है।

एलिवेटेड रोड बनने के बाद वाहन सीधे सेक्टर-57 और यूफ्लेक्स की ओर बढ़ सकेंगे, जिससे यात्रा का समय कम होगा और ईंधन की भी बचत होगी। इसके साथ ही प्रदूषण में कमी आने की भी उम्मीद जताई जा रही है।

नोएडा के इंफ्रास्ट्रक्चर को मिलेगा नया आयाम

पिछले कुछ वर्षों में नोएडा में कई बड़ी सड़क और मेट्रो परियोजनाओं पर तेजी से काम हुआ है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, नए फ्लाईओवर और मेट्रो विस्तार जैसी परियोजनाओं के बीच यह नया एलिवेटेड रोड शहर के सड़क नेटवर्क को और मजबूत करेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि बेहतर सड़क संपर्क से औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।

रियल एस्टेट को भी होगा लाभ

इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का सबसे अधिक प्रभाव आसपास के रियल एस्टेट बाजार पर पड़ता है। सेक्टर-57, सेक्टर-58, सेक्टर-60 और नोएडा एक्सटेंशन की बेहतर कनेक्टिविटी से इन क्षेत्रों में आवासीय और व्यावसायिक संपत्तियों की मांग बढ़ सकती है।

रियल एस्टेट विशेषज्ञों का कहना है कि बेहतर परिवहन सुविधाएं निवेशकों और घर खरीदने वालों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बनती हैं।

DPR के बाद शुरू होगा निर्माण

फिलहाल परियोजना विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार होने के चरण में है। इसके बाद निर्माण एजेंसी का चयन किया जाएगा और टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अधिकारियों के अनुसार, सभी तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियां मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना है ताकि यातायात पर न्यूनतम प्रभाव पड़े।

आगे और समाचार पढ़े:

भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर डिजाइन

एलिवेटेड रोड को इस प्रकार डिजाइन किया जाएगा कि भविष्य में बढ़ने वाले ट्रैफिक को भी आसानी से संभाला जा सके। इसमें आधुनिक सुरक्षा मानकों, बेहतर जल निकासी, स्मार्ट लाइटिंग और सुचारु यातायात प्रबंधन जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह परियोजना आने वाले वर्षों में नोएडा के परिवहन नेटवर्क की रीढ़ साबित हो सकती है।

निष्कर्ष

रजनीगंधा अंडरपास से यूफ्लेक्स तक प्रस्तावित लगभग 6 किलोमीटर लंबा छह-लेन एलिवेटेड रोड नोएडा के सड़क नेटवर्क में एक महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ सकता है। करीब 700 करोड़ रुपये की इस परियोजना से DND फ्लाईवे से आने-जाने वाले लाखों यात्रियों को जाम से राहत मिलेगी, यात्रा का समय कम होगा और शहर की कनेक्टिविटी पहले से अधिक बेहतर होगी।

IIT रुड़की की व्यवहार्यता रिपोर्ट के बाद अब विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है। यदि योजना तय समय पर आगे बढ़ती है, तो यह एलिवेटेड कॉरिडोर नोएडा के सबसे महत्वपूर्ण परिवहन प्रोजेक्ट्स में से एक बन सकता है।

WhatsApp Group
Join Now
PandeyAbhishek
PandeyAbhishek
Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular