LUCC CHIT FUND SCAM: उत्तराखंड के चर्चित एलयूसीसी (लोनी अर्बन मल्टी स्टेट क्रेडिट एंड थ्रिफ्ट को-ऑपरेटिव सोसाइटी) चिटफंड घोटाले में सीबीआई को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए मुंबई से दो और अहम आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान किशन जैन और पंकज जैन उर्फ पंकज चौधरी के रूप में हुई है। सीबीआई के मुताबिक, वित्तीय दस्तावेजों की जांच, बैंक खातों के लेन-देन, गवाहों के बयान और विभिन्न राज्यों में की गई पड़ताल के दौरान ऐसे पर्याप्त साक्ष्य मिले, जिनके आधार पर यह कार्रवाई की गई।
नेटवर्क के प्रमुख संचालकों में शामिल थे
LUCC CHIT FUND SCAM की जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी इस पूरे नेटवर्क के प्रमुख संचालकों में शामिल थे। उन पर आरोप है कि उन्होंने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर निवेशकों से जमा कराई गई रकम को इकट्ठा करने, उसे अलग-अलग जगहों पर ट्रांसफर करने और बड़े पैमाने पर धन के गबन में सक्रिय भूमिका निभाई।
सीबीआई को यह भी जानकारी मिली है कि दोनों आरोपी मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल की अवैध कमाई को विभिन्न अचल संपत्तियों में निवेश कराने का काम देख रहे थे। गिरफ्तारी के बाद दोनों को ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया जा रहा है, जहां उन्हें विशेष बड्स (BUDS) एक्ट कोर्ट में पेश किया जाएगा।

LUCC CHIT FUND SCAM में जांच और कार्रवाई
LUCC CHIT FUND SCAM की जांच उत्तराखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई को सौंपी गई थी। 17 सितंबर 2025 को हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्रीय एजेंसी को जांच के निर्देश दिए थे। इसके बाद सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) देहरादून ने 26 नवंबर 2025 को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।
एजेंसी ने राज्य पुलिस की ओर से पहले दर्ज की गई 18 एफआईआर अपने कब्जे में लेकर पूरे मामले की विस्तृत पड़ताल शुरू की थी। इन मामलों में धोखाधड़ी के साथ-साथ बैनिंग ऑफ अनरेगुलेटेड डिपॉजिट स्कीम्स एक्ट (बड्स एक्ट) और उत्तराखंड निवेशकों के हित संरक्षण अधिनियम की धाराएं भी शामिल हैं।
कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच दिया था
LUCC CHIT FUND SCAM की जांच खुलासा हुआ है कि एलयूसीसी सोसाइटी ने फिक्स्ड डिपॉजिट और रेकरिंग डिपॉजिट जैसी योजनाओं के जरिए लोगों को कम समय में पैसा दोगुना करने का लालच दिया था। इस झांसे में आकर उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों के एक लाख से अधिक लोगों ने अपनी जमा-पूंजी निवेश कर दी।
जांच के मुताबिक कुल निवेश करीब 800 करोड़ रुपये तक पहुंच गया था, जबकि इनमें से लगभग 400 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम के गबन और दुरुपयोग की आशंका जताई गई है। सबसे ज्यादा प्रभावित लोग मध्यम वर्ग, छोटे निवेशक, गृहणियां और दिहाड़ी मजदूरी करने वाले परिवार बताए जा रहे हैं। कंपनी का नेटवर्क उत्तराखंड के अलावा उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों तक फैला हुआ था।
बड़े निवेशकों को आकर्षित करने के लिए कथित तौर पर फर्जी बैंक स्टेटमेंट, मनगढ़ंत आयकर रिटर्न और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज दिखाए जाते थे। संस्था की विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए अभिनेता आलोक नाथ और श्रेयस तलपड़े जैसी फिल्मी हस्तियों का भी प्रचार में इस्तेमाल किया गया। बाद में जून 2024 में उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों में चल रही सोसाइटी की 35 शाखाएं अचानक बंद हो गईं, जिसके बाद निवेशकों की शिकायतों का सिलसिला शुरू हो गया।

मुख्य आरोपी विदेश में
LUCC CHIT FUND SCAM के मुख्य आरोपी समीर अग्रवाल और उसकी पत्नी सानिया अग्रवाल फिलहाल विदेश में बताए जा रहे हैं। जांच एजेंसियों ने दोनों के खिलाफ लुकआउट नोटिस और अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू कर रखी है। इससे पहले सीबीआई 12 और 13 मई 2026 को भी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनमें सुशील गोखरू, राजेंद्र सिंह बिष्ट, तरुण कुमार मौर्य, गौरव रोहिल्ला और ममता भंडारी शामिल हैं।
ये सभी आरोपी उत्तराखंड में विभिन्न शाखाओं के संचालन और लोगों से निवेश जुटाने में प्रमुख भूमिका निभा रहे थे। वर्तमान में सभी आरोपी देहरादून की सुधोवाला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। हालिया दो गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में अब तक कुल सात लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
जांच के दौरान सीबीआई ने आरोपियों की ओर से कथित तौर पर ठगी की रकम से खरीदी गई कई बेनामी और अचल संपत्तियों का भी पता लगाया है। इन संपत्तियों की पूरी जानकारी उत्तराखंड सरकार के सक्षम प्राधिकारी यानी वित्त सचिव को भेज दी गई है। एजेंसी ने बड्स एक्ट के तहत इन संपत्तियों को फ्रीज करने की सिफारिश की है, ताकि आगे चलकर कानूनी प्रक्रिया पूरी होने पर इनसे प्राप्त धनराशि का उपयोग पीड़ित निवेशकों को राहत देने के लिए किया जा सके।
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