BARGI DAM CRUISE ACCIDENT: मध्य प्रदेश के जबलपुर में BARGI DAM पर गुरुवार शाम जो हादसा हुआ, उसने हर किसी को अंदर तक झकझोर दिया। पर्यटन विभाग का एक क्रूज अचानक आई तेज आंधी और करीब 74 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं की चपेट में आकर बेकाबू हो गया और किनारे से सिर्फ 300 मीटर दूर पानी में डूब गया।
इस दर्दनाक घटना में अब तक 9 लोगों के शव मिल चुके हैं, जिनमें 8 महिलाएं और एक 4 साल का मासूम बच्चा शामिल है। वहीं सेना, एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें शुक्रवार सुबह से ही लापता 4 लोगों की तलाश में लगातार जुटी हुई हैं।
BARGI DAM CRUISE ACCIDENT ने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए
BARGI DAM CRUISE ACCIDENT के बाद जो बातें सामने आई हैं, उन्होंने सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चश्मदीदों और पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि क्रूज में तय सीमा से ज्यादा लोग सवार थे। बताया जा रहा है कि नाव पर 43 से 47 लोग मौजूद थे, जबकि आधिकारिक तौर पर सिर्फ 29 लोगों के ही टिकट बने थे।
यानी 11 से ज्यादा लोग बिना टिकट के ही सवार हो गए थे। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि किसी भी यात्री ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। खुद पर्यटन विभाग ने भी माना है कि यह क्रूज साल 2006 में बना था और करीब 20 साल पुराना हो चुका था।

मौत भी माँ बेटे को अलग नहीं कर पाई
BARGI DAM CRUISE ACCIDENT रेस्क्यू के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। दिल्ली से घूमने आई मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान के शव एक-दूसरे से लिपटे हुए मिले।
मां ने अपने बच्चे को इतनी मजबूती से सीने से लगा रखा था कि मौत भी उन्हें अलग नहीं कर पाई। इस हादसे में मरीना के पति प्रदीप मैसी और उनकी बेटी सिया किसी तरह बच गए, लेकिन उन्होंने अपने परिवार के दो सबसे अहम सदस्यों को खो दिया।
हिम्मत और इंसानियत की मिसाल
BARGI DAM CRUISE ACCIDENT के बीच, एक और कहानी सामने आई जो हिम्मत और इंसानियत की मिसाल बन गई। क्रूज पर मौजूद इजरायल की सविता वर्मा ने बहादुरी दिखाते हुए कई बच्चों की जान बचाई। स्कूबा डाइविंग का अनुभव होने की वजह से उन्होंने तेज लहरों और तूफान के बीच अपनी जान जोखिम में डालकर बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
पीएम मोदी ने BARGI DAM CRUISE ACCIDENT पर शोक व्यक्त किया
BARGI DAM CRUISE ACCIDENT पर केंद्र और राज्य सरकार दोनों ने दुख जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।
वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।
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राहत एवम् बचाव कार्य जारी
फिलहाल BARGI DAM CRUISE ACCIDENT के बाद राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है। कोलकाता से आई अर्धसैनिक बल की टीम और हैदराबाद से भेजे गए विशेष हेलिकॉप्टर की मदद ली जा रही है।

डैम के करीब 20 फीट गहरे पानी में फंसे क्रूज को बाहर निकालने के लिए हाइड्रोलिक क्रेन और दूसरी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। खराब मौसम और मुश्किल हालात के बावजूद टीमें लगातार काम कर रही हैं।
डिस्क्लेमर: ऊपर दी गई BARGI DAM CRUISE ACCIDENT से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया, गूगल और विभिन्न वेबसाइट्स/न्यूज़ मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है।
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