S Jaishankar आज भारत की विदेश नीति के सबसे मजबूत चेहरों में से एक हैं। S Jaishankar ने वैश्विक मंच पर भारत की स्थिति को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है। ऐसे समय में जब दुनिया अस्थिरता, युद्ध और कूटनीतिक तनाव से गुजर रही है, उन्होंने भारत की विदेश नीति को स्पष्ट, मजबूत और आत्मनिर्भर बनाया है।
S Jaishankar Biography in Hindi
| विवरण (Field) | जानकारी (Details) |
|---|---|
| पूरा नाम | Subrahmanyam Jaishankar |
| प्रचलित नाम | एस. जयशंकर / S Jaishankar |
| मुख्य कीवर्ड | S Jaishankar |
| जन्म तिथि | 9 जनवरी 1955 |
| आयु (2026) | 71 वर्ष |
| जन्म स्थान | New Delhi |
| राष्ट्रीयता | भारतीय |
| धर्म | हिंदू |
| पेशा | राजनयिक (पूर्व), राजनेता |
| सेवा | Indian Foreign Service (1977 बैच) |
| राजनीतिक दल | Bharatiya Janata Party |
| वर्तमान पद | भारत के विदेश मंत्री (External Affairs Minister) |
| कार्यकाल (विदेश मंत्री) | 2019 – वर्तमान |
| पूर्व पद | विदेश सचिव (2015–2018) |
| शिक्षा (स्नातक) | St. Stephen’s College (रसायन विज्ञान) |
| उच्च शिक्षा | Jawaharlal Nehru University (MA, MPhil, PhD – अंतरराष्ट्रीय संबंध) |
| पिता का नाम | K. Subrahmanyam |
| माता का नाम | सुलोचना सुब्रह्मण्यम |
| भाई-बहन | संजय सुब्रह्मण्यम (इतिहासकार), एस विजय कुमार (पूर्व IAS), एक बहन |
| IFS करियर अवधि | 1977 – 2018 (लगभग 38 वर्ष) |
| महत्वपूर्ण विदेश पोस्टिंग | अमेरिका, चीन, रूस, जापान, सिंगापुर |
| राजदूत (USA) | 2014 – 2015 |
| राजदूत (China) | 2009 – 2013 |
| उच्चायुक्त (Singapore) | 2007 – 2009 |
| राजदूत (Czech Republic) | 2001 – 2004 |
| मुख्य उपलब्धि | भारत-अमेरिका परमाणु समझौता (123 Agreement) में भूमिका |
| कूटनीतिक विशेषज्ञता | चीन नीति, अमेरिका संबंध, रणनीतिक मामलों |
| राजनीति में प्रवेश | 2019 |
| राज्यसभा सदस्य | गुजरात से (2019) |
| प्रमुख अभियान | वंदे भारत मिशन, ऑपरेशन गंगा, ऑपरेशन कावेरी |
| भाषाएं | हिंदी, अंग्रेजी, तमिल, रूसी, जापानी, चीनी |
| प्रसिद्ध कथन | “India is not the same country anymore” |
| वैश्विक पहचान | मजबूत और व्यावहारिक कूटनीतिज्ञ |
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परिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा
Subrahmanyam Jaishankar का जन्म 9 जनवरी 1955 को New Delhi में हुआ। उनके पिता K. Subrahmanyam भारत के प्रमुख रणनीतिक विचारकों में से एक थे।
उन्होंने St. Stephen’s College से स्नातक और Jawaharlal Nehru University से राजनीति विज्ञान में उच्च शिक्षा प्राप्त की। अंतरराष्ट्रीय संबंधों और परमाणु कूटनीति पर उनका गहरा अध्ययन रहा है।

भारतीय राजनयिक से विदेश सचिव तक का सफर
1977 में Indian Foreign Service में शामिल होने के बाद उनका करियर लगभग चार दशकों तक चला।
उन्होंने Russia, United States, Japan और China जैसे देशों में महत्वपूर्ण राजनयिक भूमिकाएं निभाईं।
वे भारत के विदेश सचिव (2015–2018) रहे और इस दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण कूटनीतिक पहल को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाया।
S Jaishankar और कूटनीतिक रणनीति
अपने राजनयिक करियर के दौरान उन्होंने भारत-अमेरिका परमाणु समझौते (123 Agreement) में अहम भूमिका निभाई। चीन के साथ डोकलाम और देपसांग जैसे तनावपूर्ण मुद्दों को उन्होंने संतुलित तरीके से संभाला।
उनकी रणनीति हमेशा व्यावहारिक (pragmatic), संतुलित (balanced) और राष्ट्रीय हित केंद्रित रही है।
राजनीति में प्रवेश और विदेश मंत्री बनने का सफर
2019 में Narendra Modi ने उन्हें सीधे कैबिनेट में शामिल किया। 30 मई 2019 को वे भारत के विदेश मंत्री बने।
बाद में वे Bharatiya Janata Party में शामिल हुए और राज्यसभा सदस्य बने। 2024 में उन्हें फिर से विदेश मंत्री नियुक्त किया गया।

S Jaishankar और आधुनिक भारतीय विदेश नीति
विदेश मंत्री के रूप में उन्होंने भारत की विदेश नीति को अधिक assertive और global बनाया।
- Russia-Ukraine War के दौरान भारत के राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी
- G20 Summit में वैश्विक सहमति बनवाई
- कोविड के दौरान 150+ देशों को वैक्सीन सप्लाई
- ‘Vande Bharat Mission’ के जरिए भारतीयों की वापसी
- ‘Operation Ganga’ और ‘Operation Kaveri’ जैसे मिशन सफल
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र जैसे मंचों पर विकासशील देशों की आवाज को मजबूती दी।
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Conclusion:-
S Jaishankar ने भारत की foreign policy, global diplomacy और strategic affairs को नई दिशा दी है। S Jaishankar का योगदान Indian foreign policy leadership, global India image और modern diplomacy strategy का एक बेहतरीन उदाहरण है।
उनकी कूटनीति (Diplomacy), रणनीति (Strategy) और वैश्विक दृष्टिकोण (Global Vision) ने भारत को एक मजबूत और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में स्थापित किया है।

