/ Jan 29, 2026
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UTTARAKHAND LAB ON WHEELS: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने छात्रों को भविष्य की आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में अपने कैंप कार्यालय से ‘लैब ऑन व्हील्स’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह पहल इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड के सहयोग से शुरू की गई है। यह एक मोबाइल लैब है जो सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि चलता-फिरता शिक्षण संस्थान है। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य के दूरदराज के इलाकों तक तकनीकी शिक्षा पहुंचाना और छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोडिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) जैसी उभरती हुई तकनीकों में प्रशिक्षित करना है।
मोबाइल लैब छात्रों को पारंपरिक किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करेगी। इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड के सहयोग से तैयार की गई यह लैब अत्याधुनिक उपकरणों और डिजिटल संसाधनों से पूरी तरह सुसज्जित है। इसके माध्यम से छात्रों को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी यानी भविष्य की तकनीकों के बारे में विस्तार से जानने का मौका मिलेगा। इसमें विशेष रूप से एआई, कोडिंग और आईओटी जैसे विषयों पर फोकस किया गया है, जो आज के डिजिटल युग की मांग हैं। यह लैब छात्रों को इन विषयों में केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं देगी, बल्कि उन्हें ‘हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग’ यानी खुद करके सीखने का अवसर भी प्रदान करेगी।

शिक्षा विभाग और सरकार का मानना है कि तकनीकी विषयों को केवल पढ़कर नहीं समझा जा सकता, बल्कि उन्हें करके देखना जरूरी होता है। इसी सोच के साथ ‘UTTARAKHAND LAB ON WHEELS’ को ‘लर्निंग बाई डूइंग’ के प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। इस लैब के जरिए छात्र विज्ञान विषयों के विभिन्न जटिल प्रयोगों को वर्चुअल मोड में देख और समझ सकेंगे। यह सुविधा उन छात्रों के लिए वरदान साबित होगी जिनके पास अपने स्कूलों या कॉलेजों में उन्नत प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
जानकारी के अनुसार, इंफोसिस स्प्रिंगबोर्ड की यह पहल आगामी पांच वर्षों तक लगातार जारी रहेगी। इस दौरान यह मोबाइल लैब पूरे उत्तराखंड के विभिन्न शिक्षण संस्थानों का दौरा करेगी। यह लैब स्कूलों, कॉलेजों और तकनीकी संस्थानों में जाकर वहां के छात्रों को नई तकनीकों के प्रति जागरूक करेगी। इसका एक बड़ा लक्ष्य राज्य के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों तक पहुंचना है, ताकि उन्हें भी आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण का समान अवसर मिल सके। इस पहल के जरिए छात्रों को वैश्विक करियर संभावनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, जिससे वे भविष्य में रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त कर सकें।

उत्तराखंड के शिक्षण संस्थानों में लंबे समय से छात्रों के लिए प्रैक्टिकल और हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग की कमी महसूस की जा रही थी। कई बार संसाधनों के अभाव में छात्र केवल थ्योरी तक ही सीमित रह जाते थे। सरकार का मानना है कि UTTARAKHAND LAB ON WHEELS इस खाई को पाटने में एक प्रभावी समाधान साबित होगी। यह पहल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और विद्यालयी शिक्षा, तीनों स्तरों के छात्रों के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगी। इससे राज्य में तकनीकी प्रशिक्षण की अनुपलब्धता को काफी हद तक कम किया जा सकेगा।
लैब ऑन व्हील्स को रवाना करने के दौरान मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में एक संक्षिप्त कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक सविता कपूर और विधायक प्रमोद नैनवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके अलावा उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डॉ. देवेन्द्र भसीन और डॉ. जयपाल सिंह चौहान भी मौजूद थे। प्रशासनिक अधिकारियों में सचिव उच्च शिक्षा डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा सहित उच्च शिक्षा एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। साथ ही, इस प्रोजेक्ट में सहयोगी संस्था इंफोसिस के प्रतिनिधि भी कार्यक्रम में उपस्थित थे।

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