/ Jan 20, 2026
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SHARE MARKET: आज भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 1065.71 अंक यानी 1.28 प्रतिशत की भारी गिरावट के साथ 82,180.47 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी में भी 353 अंकों यानी 1.38 प्रतिशत की गिरावट देखी गई, जिसके बाद यह 25,232.50 के स्तर पर आ गया। बाजार बंद होने के समय लाल निशान पर था। इससे पहले बाजार में इतनी बड़ी गिरावट 13 मई 2025 को देखी गई थी, जब सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा टूट गया था। उस समय सूचकांक 1,281 अंक गिरकर 81,148 पर बंद हुआ था।

बाजार के जानकारों और एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस बड़ी गिरावट के पीछे सबसे बड़ा कारण अमेरिका और यूरोप के बीच पैदा हुआ नया भू-राजनीतिक तनाव है। दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद ने वैश्विक बाजारों में खलबली मचा दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने उन यूरोपीय सहयोगी देशों से होने वाले आयात पर टैरिफ लगाने का ऐलान किया है जो ग्रीनलैंड पर उनके रुख का विरोध कर रहे हैं। इस तनावपूर्ण स्थिति पर चर्चा करने और जवाबी कार्रवाई की रणनीति बनाने के लिए यूरोपीय संघ (EU) के नेता गुरुवार को ब्रुसेल्स में एक इमरजेंसी समिट करने जा रहे हैं।

निफ्टी सुबह 100 अंक नीचे 25,500 के करीब खुला। दोपहर होते-होते बिकवाली का दबाव इतना बढ़ गया कि सभी प्रमुख सेक्टर्स लाल निशान में चले गए। आईटी, फार्मा और बैंकिंग सेक्टर्स में तेज बिकवाली देखी गई। एनएसई का निफ्टी रियल्टी इंडेक्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ और इसमें 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। ऑटो और आईटी इंडेक्स में भी 2 प्रतिशत से ज्यादा की कमजोरी आई। पीएसयू बैंक इंडेक्स 1 प्रतिशत से ज्यादा लुढ़क गया। विप्रो जैसी दिग्गज आईटी कंपनियों के निराशाजनक नतीजों और कमजोर आउटलुक ने भी आईटी शेयरों पर दबाव बनाने का काम किया।

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बाजार को नीचे लाने में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की लगातार निकासी ने अहम भूमिका निभाई है। आंकड़ों के मुताबिक, 19 जनवरी को विदेशी निवेशकों ने 3,262 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इससे पहले दिसंबर 2025 में भी एफआईआई ने कुल 34,350 करोड़ रुपये के शेयर्स बेचे थे। हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशक (DIIs) बाजार को संभालने की कोशिश कर रहे हैं। 19 जनवरी को जब विदेशी निवेशक बिकवाली कर रहे थे, तब घरेलू निवेशकों ने 4,234 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। इसके अलावा, रुपया 8 पैसे टूटकर 90.98 के स्तर पर आ गया है, जो अर्थव्यवस्था के लिए चिंता का विषय है।

भारतीय SHARE MARKET के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में भी गिरावट का दौर जारी है। कोरिया का कोस्पी 0.39 प्रतिशत गिरकर 4,885 पर बंद हुआ, जबकि जापान का निक्केई इंडेक्स 1.11 प्रतिशत नीचे गिरकर 52,991 पर बंद हुआ। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स और चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी गिरावट के साथ बंद हुए। अमेरिका का डाउ जोन्स, नैस्डेक और एसएंडपी-500 सभी लाल निशान में बंद हुए थे। बाजार में अस्थिरता का पैमाना माने जाने वाले ‘इंडिया VIX’ में भी 4 प्रतिशत से अधिक की तेजी आई है और यह 12.34 पर पहुंच गया है।

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(बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है, इसलिए कोई भी ट्रेड लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें। यह समाचार केवल सामान्य जानकारी के लिए है, इसे किसी भी तरह की निवेश सलाह न मानें।)
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