DEHRADUN NURSING PROTEST: देहरादून में नर्सिंग अभ्यर्थी के साथ पुलिसकर्मी द्वारा थप्पड़ मारने का वीडियो वायरल होने के बाद मामला गरमा गया है। इस घटना के विरोध में मंगलवार को महिला कांग्रेस ने पुलिस और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और नर्सिंग अभ्यर्थियों ने पुलिस मुख्यालय की ओर कूच किया। इस दौरान सुभाष रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया, जिसके चलते पुलिस और कांग्रेस नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई।
DEHRADUN NURSING PROTEST: बैरिकेडिंग पर चढ़ीं नेत्रियां, पुलिस ने वैन में भरा
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर एकता विहार भेज दिया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस भवन से निकली रैली को पुलिस मुख्यालय से ठीक पहले रोक दिया गया। इस कार्रवाई से नाराज कांग्रेस प्रवक्ता गरिमा दसौनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आशा मनोरमा डोबरियाल शर्मा और अध्यक्ष ज्योति रौतेला बैरिकेडिंग पर चढ़ गईं। प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए और सरकार व पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाने के लिए बल प्रयोग किया और उन्हें गाड़ियों में बैठाकर धरना स्थल एकता विहार छोड़ दिया।

क्या था DEHRADUN NURSING PROTEST का पूरा मामला ?
यह विवाद सोमवार को शुरू हुआ था, जब नर्सिंग एकता मंच के नेतृत्व में सैकड़ों बेरोजगार नर्सिंग अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों (वर्षवार भर्ती और आयु सीमा में छूट) को लेकर मुख्यमंत्री आवास कूच किया था। हाथीबड़कला में पुलिस ने उन्हें रोका तो झड़प हो गई। आरोप है कि इसी दौरान एक महिला पुलिसकर्मी ने एक महिला अभ्यर्थी को थप्पड़ मार दिया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद विपक्ष ने इसे बड़ा मुद्दा बना लिया। नर्सिंग एकता मंच के अध्यक्ष नवल पुंडीर ने बताया कि संगठन पिछले छह दिनों से धरना दे रहा है और 5 दिसंबर को उन्हें परेड ग्राउंड से हटाकर एकता विहार भेजा गया था।

पीड़िता का आरोप- सर्जरी के बावजूद की गई मारपीट
घटना की शिकार हुई अभ्यर्थी सपना ने मीडिया को बताया कि घटना के 24 घंटे बीत जाने के बाद भी आरोपी पुलिसकर्मी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सपना ने आरोप लगाया, “मेरी सर्जरी हुई थी, मैंने पुलिसकर्मी से सिर्फ थोड़ा पीछे हटने का अनुरोध किया था, जिस पर उन्होंने गालियां दीं और थप्पड़ मार दिया।” सपना ने यह भी दावा किया कि अन्य महिला पुलिसकर्मियों ने अभद्र टिप्पणी की और कपड़े फाड़ने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में सेवा करने वाले नर्सिंग कर्मचारियों के साथ ऐसा व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है।

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