HomeLatest Newsलोकसभा में 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने पर आज होगी...

लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर आज होगी चर्चा, प्रधानमंत्री मोदी दोपहर 12 बजे करेंगे शुरुआत

VANDE MATARAM LOK SABHA: संसद के शीतकालीन सत्र के छठे दिन सोमवार को लोकसभा में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चर्चा निर्धारित की गई है। कार्यसूची के अनुसार, इस चर्चा की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 12 बजे करेंगे। संसद में इस विषय पर चर्चा के लिए कुल 10 घंटे का समय तय किया गया है। इससे पहले 2 दिसंबर को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सभी दलों के प्रतिनिधियों की बैठक बुलाई थी, जिसमें यह निर्णय लिया गया था कि 8 दिसंबर को लोकसभा में और 9 दिसंबर को राज्यसभा में इस विषय पर चर्चा होगी।

VANDE MATARAM LOK SABHA
VANDE MATARAM LOK SABHA

VANDE MATARAM LOK SABHA: सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेता रखेंगे अपनी बात

सदन में होने वाली इस चर्चा में सरकार और विपक्ष दोनों ओर से सदस्य भाग लेंगे। सरकार की तरफ से प्रधानमंत्री के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य केंद्रीय मंत्री अपनी बात रखेंगे। वहीं, मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी और लोकसभा में उपनेता प्रतिपक्ष गौरव गोगोई सहित 8 सांसद चर्चा में शामिल होंगे। इसके अलावा अन्य दलों के सांसद भी राष्ट्रगीत के इतिहास और महत्व पर अपने विचार सदन के पटल पर रखेंगे।

VANDE MATARAM LOK SABHA
VANDE MATARAM LOK SABHA

चर्चा के पीछे के राजनीतिक और सामाजिक कारण

संसद में इस चर्चा के आयोजन के पीछे कई कारण माने जा रहे हैं। सरकार का उद्देश्य इसके 150 वर्ष पूरे होने पर इसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को रेखांकित करना है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, इसका संबंध अगले साल होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से भी देखा जा रहा है, क्योंकि इस गीत का इतिहास बंगाल से जुड़ा है। इसके अलावा, आजादी से पहले 1937 में गीत के कुछ हिस्सों को हटाए जाने से जुड़े ऐतिहासिक विवाद और बंगाल विभाजन (1905) के दौरान इसकी भूमिका जैसे विषयों पर भी सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच बहस होने की संभावना है।

VANDE MATARAM LOK SABHA
VANDE MATARAM LOK SABHA

गीत का इतिहास और संवैधानिक दर्जा

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने ‘वंदे मातरम्’ की रचना 7 नवंबर 1875 को की थी। यह गीत बाद में 1882 में उनके उपन्यास ‘आनंदमठ’ में प्रकाशित हुआ। रवींद्रनाथ टैगोर ने 1896 के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अधिवेशन में इसे पहली बार सार्वजनिक मंच पर गाया था। आजादी के बाद 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा ने इसे ‘जन गण मन’ के साथ ही राष्ट्रगीत का दर्जा दिया था। संविधान सभा के तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने उस समय कहा था कि स्वतंत्रता संग्राम में इस गीत की भूमिका को देखते हुए इसे समान सम्मान दिया जाएगा।

VANDE MATARAM LOK SABHA
VANDE MATARAM LOK SABHA

साल भर चलेंगे आयोजन

केंद्र सरकार ने वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने पर साल भर कार्यक्रम आयोजित करने की योजना बनाई है। दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में एक राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम होगा। इसके अतिरिक्त, डाक टिकट और स्मारक सिक्का जारी करने के साथ-साथ ‘वंदे मातरम्: सैल्यूट टू मदर अर्थ’ थीम पर वृक्षारोपण और भित्ति चित्र अभियान चलाने की तैयारी है। भारतीय दूतावासों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

ये भी पढ़िए-

ARMED FORCES FLAG DAY
ARMED FORCES FLAG DAY

7 दिसंबर को ही क्यों मनाया जाता है सशस्त्र सेना झंडा दिवस? जानिए इसका इतिहास, महत्व और उद्देश्य

देश दुनिया से जुड़ी हर खबर और जानकारी के लिए क्लिक करें-देवभूमि न्यूज

WhatsApp Group
Join Now
DevbhoomiNews Desk
DevbhoomiNews Desk
Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular