DISASTER MANAGEMENT IN UTTARAKHAND: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से आज भारत सरकार की इंटर मिनिस्ट्रीयल टीम ने सचिवालय में मुलाकात की। यह टीम उत्तराखंड में आपदा से हुए नुकसान का जायजा लेने आई थी। केंद्रीय टीम ने उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी गढ़वाल, चमोली, बागेश्वर और नैनीताल जिले के प्रभावित इलाकों का दौरा किया। केंद्रीय टीम ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा आपदा में मृतकों के परिजनों और जिनके घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें 5 लाख रुपये की तात्कालिक सहायता राशि दी गई है, जिससे प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिली है।

DISASTER MANAGEMENT IN UTTARAKHAND: केंद्रीय टीम ने किया आपदा से हुए नुकसान का आकलन
साथ ही गर्भवती महिलाओं का पूरा डाटा जिला प्रशासन के पास उपलब्ध होना और उनके स्वास्थ्य व सुरक्षित प्रसव के लिए लगातार संपर्क बनाए रखना एक बेहद अच्छी पहल है, जिसे अन्य राज्यों में भी अपनाया जा सकता है। पहाड़ी क्षेत्रों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से जमीन का स्थायी नुकसान होता है, जहां दोबारा खेती या निर्माण करना मुश्किल हो जाता है। इस समस्या से निपटने के लिए उन्होंने प्रभावी कार्ययोजना की जरूरत बताई।

बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड आपदा की दृष्टि से बेहद संवेदनशील राज्य है। हर साल मानसून के दौरान यहां भारी बारिश, भूस्खलन, बाढ़ और जलभराव जैसी गंभीर समस्याएं आती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भूस्खलन से होने वाले नुकसान को कम करने के लिए राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों को मिलकर पूर्वानुमान प्रणाली को और मजबूत करना होगा। इस साल भारी बारिश की वजह से राज्य के कई इलाकों में काफी नुकसान हुआ है। जनहानि के साथ ही संपत्तियों को भी काफी क्षति पहुंची है।

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