FRANCE PROTEST 2025: नेपाल में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद अब फ्रांस में भी राजनीतिक और आर्थिक अस्थिरता के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा हो गया है। राजधानी पेरिस सहित देश के कई प्रमुख शहरों में बुधवार को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की सरकार के खिलाफ हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। ‘Block Everything’ नामक अभियान के तहत करीब 1 लाख लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसके दौरान जगह-जगह आगजनी, तोड़फोड़ और पुलिस के साथ हिंसक झड़पें हुईं। स्थिति को काबू में रखने के लिए सरकार ने देशभर में 80 हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की है और अब तक 200 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया है।

FRANCE PROTEST 2025: आर्थिक नीतियों से भड़का गुस्सा
इन प्रदर्शनों की मुख्य वजह मैक्रों सरकार की हाल की आर्थिक नीतियां बताई जा रही हैं। 15 जुलाई को तत्कालीन प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरो ने 2026 के लिए 4.38 करोड़ यूरो यानी लगभग 452 करोड़ रुपये की बजट कटौती का ऐलान किया था। इसका असर सीधे तौर पर सामाजिक और आर्थिक सेवाओं पर पड़ा, जिससे महंगाई, बेरोजगारी और असमानता का सामना कर रहे आम नागरिकों में आक्रोश फैल गया। इसी असंतोष ने आंदोलन को जन्म दिया। सोशल मीडिया पर ‘Boycott, désobéissance et solidarité’ यानी बहिष्कार, अवज्ञा और एकजुटता का नारा ट्रेंड करने लगा, जिसके बाद विरोध की लहर पूरे देश में फैल गई।

नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति से बढ़ा विवाद
फ्रांस की संसद में हाल ही में पारित अविश्वास प्रस्ताव के बाद प्रधानमंत्री फ्रांस्वा बायरो को पद से हटना पड़ा। इसके बाद राष्ट्रपति मैक्रों ने अपने करीबी सहयोगी सेबास्टियन लेकोर्नू को 9 सितंबर को नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया। इस फैसले ने खासकर वामपंथी दलों और समूहों में असंतोष को और भड़का दिया, जिससे ‘Block Everything’ आंदोलन को और ताकत मिल गई। प्रदर्शन के दौरान पेरिस, बोर्डो और मार्सिले जैसे शहरों में उग्र भीड़ ने सड़कें जाम कर दीं, कचरे के डिब्बों और वाहनों में आग लगा दी और पुलिस पर बोतलें व फ्लेयर्स फेंके।

पश्चिमी शहर रेन में एक बस को आग के हवाले कर दिया गया, जबकि दक्षिण-पश्चिमी इलाके में पावर लाइन को नुकसान पहुंचाने से रेल सेवाएं ठप हो गईं। राजधानी पेरिस के गारे डु नॉर्ड स्टेशन पर भीड़ ने रेल संचालन रोकने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया। पेरिस पुलिस प्रीफेक्चर के अनुसार, सुबह 9 बजे तक 75 लोगों को हिरासत में लिया गया था, जबकि दिनभर में गिरफ्तारियों का आंकड़ा 200 से पार पहुंच गया।
इस आंदोलन की अगुवाई ‘द सिटीजन कलेक्टिव’ नामक संगठन कर रहा है, जो खुद को किसी भी राजनीतिक दल से स्वतंत्र बताता है। सोशल मीडिया पर #10septembre2025 और #10septembre जैसे हैशटैग के साथ यह अभियान तेजी से फैल रहा है। कुछ उग्र समूहों ने दुकानों और पेट्रोल पंपों पर हमले और लूटपाट की अपील भी की, जिसे देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है। फ्रांस में फिलहाल माहौल बेहद तनावपूर्ण है।

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