UTTARAKHAND TOURISM POLICY 2023: उत्तराखंड में पर्यटन को आर्थिक सशक्तिकरण और रोजगार सृजन का आधार बनाने की दिशा में सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज पर्यटन विभाग की ‘गेम चेंजर योजनाओं’ की वर्चुअल समीक्षा की, जिसमें राज्य की नई पर्यटन नीति-2023, निजी निवेश, ग्रामीण पर्यटन और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने शीतकालीन पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रचार-प्रसार बढ़ाने और पर्यटकों की सुविधाएं सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।

UTTARAKHAND TOURISM POLICY 2023: नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर बल दिया गया
मसूरी, नैनीताल जैसे बड़े पर्यटन स्थलों की वहन क्षमता (कैरिंग कैपेसिटी) का आकलन करते हुए नए पर्यटन स्थलों को विकसित करने पर बल दिया गया ताकि पर्यावरण संतुलन बना रहे और पर्यटक दबाव नियंत्रित किया जा सके। पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय परिवारों को होमस्टे से जोड़ने के प्रयासों को तेज़ करने की बात कही गई। मुख्यमंत्री ने तकनीकी और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने, ट्रैकिंग रूट्स के पास स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और ‘ट्रैकिंग ट्रैक्शन सेंटर होम-स्टे अनुदान योजना’ को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए।

विवाह पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए संभावित स्थलों की पहचान और प्रचार के लिए विशेष अभियान शुरू करने की बात कही गई। साथ ही गंगोत्री और ध्याणोत्थान क्षेत्र को वेलनेस और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमिक ज़ोन’ की अवधारणा को साकार करने हेतु एक माह में कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा गया। इस समीक्षा बैठक में पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, मीनाक्षी सुन्दरम, पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल, उत्तराखंड स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा सहित पर्यटन विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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