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वोटर वेरिफिकेशन के खिलाफ महागठबंधन का प्रदर्शन, ट्रेनें रोकीं, हाईवे जाम

बिहार (bihar) में बुधवार को महागठबंधन ने चुनाव आयोग द्वारा कराए जा रहे वोटर वेरिफिकेशन के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया। इस बंद के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में व्यापक असर देखने को मिला, जहां 6 जगहों पर ट्रेनें रोकी गईं और 12 राष्ट्रीय राजमार्गों को अवरुद्ध कर दिया गया। बंद का नेतृत्व राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी), कांग्रेस, वाम दल, वीआईपी पार्टी और जन अधिकार पार्टी (पप्पू यादव) समेत महागठबंधन के छह से अधिक दलों ने किया।

प्रदर्शन में कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी शामिल हुए, जो विशेष रूप से दिल्ली से (bihar) पटना पहुंचे। पटना में राहुल गांधी, तेजस्वी यादव और दीपांकर भट्टाचार्य एक ही वाहन में सवार होकर इनकम टैक्स चौराहे से चुनाव आयोग कार्यालय की ओर रवाना हुए। पप्पू यादव भी इस विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बने।

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राज्य भर में महागठबंधन कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह सड़क और रेल यातायात बाधित किया। भोजपुर में आरजेडी कार्यकर्ताओं ने श्रमजीवी एक्सप्रेस और विभूति एक्सप्रेस को कुछ समय के लिए रोका और नारेबाजी की, हालांकि करीब तीन मिनट बाद ट्रेनों को रवाना कर दिया गया। बेगूसराय में NH-31 को जाम किया गया, वहीं जहानाबाद में महागठबंधन नेताओं ने मेमू पैसेंजर को रोक दिया। थोड़ी देर बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए प्रदर्शनकारियों को ट्रैक से हटाया। इसी तरह दरभंगा में नमो भारत ट्रेन को भी रोका गया।

bihar : ट्रेनें रोकीं, नेशनल हाईवे जाम

पटना (bihar) के मनेर क्षेत्र में NH-30 को अवरुद्ध कर दिया गया। यहां प्रदर्शनकारियों ने आगजनी भी की। भाकपा (माले) के नेतृत्व में आरा–सासाराम मार्ग को जाम कर दिया गया, जिससे सैकड़ों वाहन फंसे रहे। समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर, कटिहार, सुपौल, मधेपुरा, मोतिहारी, वैशाली, और औरंगाबाद जैसे जिलों में भी जाम की वजह से आम जनजीवन प्रभावित हुआ। रेलवे के प्रमुख स्टेशनों—दरभंगा, भोजपुर, सुपौल, जहानाबाद, पटना और मुंगेर पर भी ट्रेनों की आवाजाही बाधित रही।

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वोटर वेरिफिकेशन को लेकर यह विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है। दरअसल, 5 जुलाई को ‘एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ (ADR) नामक गैर सरकारी संस्था ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुनाव आयोग के आदेश को चुनौती दी थी। इस याचिका में मांग की गई है कि बिहार (bihar) में मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया को रद्द किया जाए। कोर्ट ने मामले को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया है और 10 जुलाई को इस पर सुनवाई की तारीख तय की गई है।

इस बीच महागठबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि उनका विरोध लोकतंत्र को कमजोर करने वाली गतिविधियों के खिलाफ है और यदि जरूरत पड़ी तो वे आगे भी संघर्ष जारी रखेंगे। प्रदर्शन के कारण आम जनता को दिनभर परेशानियों का सामना करना पड़ा, लेकिन विपक्ष ने अपने आंदोलन को लोकतांत्रिक अधिकार बताया और वोटर वेरिफिकेशन प्रक्रिया को पक्षपातपूर्ण करार दिया।

 

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Abhishek Semwal is Postgraduate in Mass Communication with over three years of experience across digital and print media. Covering a wide range of subjects, with a strong focus on local and regional issues, delivering clear, insightful and engaging content.
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