KEDARNATH HELICOPTER CRASH: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में हुए गौरीकुंड हेलीकॉप्टर हादसे को लेकर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। फाटा के राजस्व उपनिरीक्षक की तहरीर पर सोनप्रयाग थाने में आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के बेस मैनेजर विकास तोमर और एकाउंटेबल मैनेजर कौशिक पाठक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। इस हादसे को लेकर अधिकारियों पर यह आरोप है कि उन्होंने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) और उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) द्वारा जारी नियमों की अनदेखी की, जिससे यह भीषण हादसा हुआ।

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हादसा रविवार सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर हुआ, जब आर्यन एविएशन का हेलीकॉप्टर केदारनाथ से छह श्रद्धालुओं को लेकर गुप्तकाशी के लिए रवाना हुआ था। तय उड़ान स्लॉट सुबह 6 बजे से 7 बजे के बीच का था, लेकिन कंपनी ने नियमों की अनदेखी करते हुए हेलीकॉप्टर को सुबह 5 बजकर 11 मिनट पर ही उड़ा दिया। यह हेलीकॉप्टर उड़ान भरते हुए जैसे ही गौरी माई खर्क के पास जंगलों में पहुंचा, वहां घना कोहरा छा गया और दृश्यता शून्य हो गई। इसी दौरान हेलीकॉप्टर एक ऊंचे पेड़ से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद हेलीकॉप्टर में आग लग गई और उसमें सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

हेलीकॉप्टर हादसे में जान गंवाने वालों में पायलट कैप्टन राजबीर सिंह चौहान (39, जयपुर), बीकेटीसी प्रतिनिधि विक्रम रावत (रासी, ऊखीमठ), विनोद देवी (66, उत्तर प्रदेश), तृष्टि सिंह (19, उत्तर प्रदेश), राजकुमार सुरेश जायसवाल (41, गुजरात), श्रद्धा राजकुमार जायसवाल (महाराष्ट्र) और उनकी दो साल की बेटी काशी शामिल हैं। इस पूरे मामले में जिला प्रशासन ने हेलीकॉप्टर उड़ाने की अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच शुरू कर दी है। डीजीसीए और यूकाडा द्वारा जारी एसओपी के अनुसार, उड़ान केवल तय समय में ही होनी चाहिए थी।

मैनेजरों पर ये है आरोप
आर्यन एविएशन के मैनेजरों पर आरोप है कि उन्होंने इन नियमों को नजरअंदाज किया, जिससे यह जानलेवा हादसा हुआ। कोतवाली सोनप्रयाग में दर्ज एफआईआर में दोनों अधिकारियों पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 105 और वायुयान अधिनियम 1934 की धारा 10 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार परिजनों की शिकायत और राजस्व उपनिरीक्षक की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों अधिकारियों की भूमिका की जांच की जा रही है और जल्द ही अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

हादसे के बाद डीजीसीए ने चारधाम यात्रा के लिए आर्यन एविएशन के सभी उड़ानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा मैसर्स ट्रांस भारत एविएशन के दो हेलीकॉप्टरों को भी खराब मौसम में उड़ान भरते पाया गया। इन दोनों हेलीकॉप्टरों को उड़ा रहे पायलटों के लाइसेंस भी छह महीने के लिए सस्पेंड कर दिए गए हैं।

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