BADRI KEDAR REELS BAN: उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम में इस साल से वीडियो और सोशल मीडिया रील बनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। बद्री-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने यह सख्त फैसला मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर लिया है। समिति के अनुसार, अब से मंदिर परिसर के 30 मीटर के दायरे में कोई भी व्यक्ति वीडियो शूट या सोशल मीडिया रील नहीं बना सकेगा। यह निर्णय दोनों धामों में दर्शन को व्यवस्थित बनाए रखने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा सुविधा को प्राथमिकता देने के उद्देश्य से लिया गया है।

बद्रीनाथ और केदारनाथ जैसे आस्था के केंद्रों में बीते वर्षों में रील बनाने की बढ़ती प्रवृत्ति के चलते कई बार अफरातफरी की स्थिति पैदा हो गई थी। श्रद्धालुओं के बीच सेल्फी और वीडियो शूट के लिए भीड़ जमा हो जाती थी, जिससे वहां दर्शन करने आए लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ता था। कई बार रील बनाने वालों और स्थानीय तीर्थ पुरोहितों के बीच बहस और झड़प की घटनाएं भी सामने आईं, जिनमें से कुछ वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए और तीर्थस्थलों की गरिमा को ठेस पहुंची।

BADRI KEDAR REELS BAN: नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई
बीकेटीसी के अनुसार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुगमता से दर्शन मिल सके, इसके लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। इन्हीं तैयारियों के तहत मंदिर परिसरों के पास अनावश्यक भीड़ और अव्यवस्था को रोकने के लिए 30 मीटर के दायरे में वीडियो और रील बनाने पर पूर्ण रोक लगाई गई है। यदि कोई व्यक्ति इस नियम का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया के माध्यम से बद्रीनाथ और केदारनाथ धामों से जुड़ी भ्रामक या झूठी खबरें फैलाने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी, ताकि तीर्थयात्रियों में भ्रम या अफवाहें न फैलें।

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