NAGPUR VIOLENCE: महाराष्ट्र के नागपुर शहर में सोमवार शाम को हिंसा भड़क उठी, जिसका मुख्य कारण औरंगजेब की मजार को हटाने की मांग को लेकर हुआ प्रदर्शन और इसके बाद उत्पन्न तनाव माना जा रहा है। यह घटना शहर के महल इलाके में शुरू हुई, जहां विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल जैसे संगठनों ने औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान एक प्रतीकात्मक पुतला जलाया गया, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक जानकारी फैली और स्थिति बिगड़ गई।

NAGPUR VIOLENCE के बाद सोशल मीडिया पर फैली अफवाहें
स्थानीय लोगों के अनुसार, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अफवाहें और उत्तेजक संदेशों का तेजी से प्रसार हुआ, जिसके बाद भीड़ ने पत्थरबाजी और आगजनी शुरू कर दी। पुलिस ने पुष्टि की कि कोई धार्मिक पुस्तक नहीं जली, लेकिन सोशल मीडिया पर फैली गलत सूचनाओं ने स्थिति को बेकाबू कर दिया। दोनों समुदायों के बीच तनाव बढ़ा और महल, हंसपुरी, कोतवाली जैसे इलाकों में पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ शुरू हो गई। भीड़ ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और पुलिस पर भी हमला किया, जिसमें कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए।

पुलिस ने हालात को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस और लाठीचार्ज का इस्तेमाल किया, साथ ही शहर में पुलिस ने आगे की घटनाओं को रोकने और शांति बनाए रखने के लिए धारा 163 के तहत प्रभावित क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की। उन्होंने कहा, “नागपुर की शांति हमारी परंपरा रही है, इसे बनाए रखें।” केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने भी लोगों से संयम बरतने का आग्रह किया। पुलिस ने अब तक 60 से अधिक उपद्रवियों को हिरासत में लिया है और जांच जारी है।

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