DUSSEHRA हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण त्योहार है, जिसे VIJAYADASHAMI के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान राम द्वारा रावण पर विजय प्राप्त करने की याद में मनाया जाता है। इसके साथ ही इस दिन देवी दुर्गा ने राक्षस महिषासुर का वध किया था। ऐसा माना जाता है कि इस दिन प्रभु राम की पूजा करने और धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने से जीवन में सुख, शांति और शुभता का आगमन होता है।

DUSSEHRA के दिन पुतला दहन की परंपरा
दशहरा के दिन लोग भगवान राम और मां दुर्गा की विधिपूर्वक पूजा करते हैं। इस दिन राम जी को उनके प्रिय भोग अर्पित करने की परंपरा है, जिससे भक्तों को उनकी कृपा प्राप्त होती है। इसके अलावा, इस दिन शस्त्रों की पूजा भी की जाती है, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है। दशहरे के अवसर पर जगह-जगह रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों का दहन किया जाता है, जो बुराई के अंत और अच्छाई की विजय का प्रतीक है।

इस पावन अवसर पर रामलीला का आयोजन किया जाता है, जिसमें भगवान राम की कथा का मंचन किया जाता है। कई समुदाय शानदार तरीके से रामायण के प्रसंगों का प्रदर्शन करते हैं, जो इस त्योहार को और भी विशेष बना देता है। इसी दिन मां दुर्गा की प्रार्थना और वैदिक मंत्रों का जाप किया जाता है, और उनकी मूर्तियों का विसर्जन पवित्र नदियों में किया जाता है।

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इस साल इस दिन मनाया जाएगा दशहरा
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस वर्ष दशहरा का पर्व 12 अक्टूबर 2024 को मनाया जाएगा। आश्विन माह की शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि 12 अक्टूबर को सुबह 10:58 बजे से शुरू होगी और 13 अक्टूबर को सुबह 9:08 बजे समाप्त होगी। पूजा का शुभ मुहूर्त दोपहर 1:17 बजे से 3:35 बजे तक रहेगा, जिसमें लोग भगवान राम और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करेंगे और बुराई पर अच्छाई की जीत का जश्न मनाएंगे।

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