HomeBusinessबिना एक भी पैसा विज्ञापन पर खर्च किए ग्राहक खुद कैसे बढ़ा...

बिना एक भी पैसा विज्ञापन पर खर्च किए ग्राहक खुद कैसे बढ़ा सकते हैं किसी कंपनी का बिजनेस?

Referral Marketing वह तरीका है जिसमें कोई कंपनी अपने मौजूदा ग्राहकों की मदद से नए ग्राहक जोड़ती है, यानी ग्राहक खुद अपने दोस्तों और रिश्तेदारों को कंपनी से जोड़ता है। “दोस्त को ऐप पर बुलाओ और 100 रुपये पाओ” जैसे ऑफर आपने UPI ऐप, ऑनलाइन ब्रोकिंग और फूड डिलीवरी ऐप्स में जरूर देखे होंगे। यह सबसे पुराना और सबसे भरोसेमंद मार्केटिंग तरीका माना जाता है, क्योंकि लोग विज्ञापन से ज्यादा अपने जानने वालों की बात पर भरोसा करते हैं।

ग्राहक से ग्राहक कैसे जुड़ते हैं?

जब किसी ग्राहक को कोई प्रोडक्ट या सेवा पसंद आती है, तो वह उसके बारे में अपने परिवार, दोस्तों या सहकर्मियों को बताता है। इसे वर्ड ऑफ माउथ यानी मुंह से मुंह तक पहुंचने वाला प्रचार कहते हैं। Referral Marketing इसी स्वाभाविक आदत को एक सिस्टम में बदल देता है। कंपनी ग्राहक को एक खास लिंक या कोड देती है और बदले में दोनों पक्षों को इनाम देती है।

Referral Marketing कैसे काम करता है?

पहले चरण में मौजूदा ग्राहक को ऐप या वेबसाइट पर उसका यूनिक रेफरल कोड या लिंक मिलता है। ग्राहक इसे WhatsApp, सोशल मीडिया या मैसेज के जरिए अपने जानने वालों को भेजता है। नया व्यक्ति उस लिंक से साइन अप करता है और कोई तय काम पूरा करता है, जैसे पहली खरीदारी, पहला पेमेंट या खाता खोलना।

सिस्टम अपने आप ट्रैक करता है कि नया ग्राहक किसके लिंक से आया। Referral Marketing की शर्त पूरी होते ही रेफर करने वाले और नए ग्राहक, दोनों को कैशबैक, डिस्काउंट, पॉइंट्स या मुफ्त सेवा जैसा इनाम मिल जाता है।

इनाम देने के मुख्य तरीके

कुछ कंपनियां दोनों पक्षों को इनाम देती हैं, जिसे टू साइडेड रेफरल कहते हैं। यह सबसे ज्यादा कारगर माना जाता है, क्योंकि नए ग्राहक को भी जुड़ने की वजह मिलती है। कुछ कंपनियां पैसे की जगह अतिरिक्त सेवा देती हैं, जैसे ज्यादा क्लाउड स्टोरेज, मुफ्त डिलीवरी या प्रीमियम फीचर। इससे ग्राहक प्रोडक्ट का और ज्यादा इस्तेमाल करने लगता है। कई ब्रांड लेवल वाला सिस्टम भी चलाते हैं, जिसमें जितने ज्यादा लोग जोड़ेंगे, उतना बड़ा इनाम मिलेगा।

कंपनियों के लिए क्यों फायदेमंद है?

Referral Marketing में कंपनी तभी पैसा खर्च करती है जब नया ग्राहक सच में जुड़ता है, इसलिए यह विज्ञापन के मुकाबले काफी सस्ता पड़ता है। दोस्त के कहने पर आए ग्राहक आमतौर पर ज्यादा भरोसे के साथ जुड़ते हैं और लंबे समय तक बने रहते हैं। इससे ब्रांड की साख भी मजबूत होती है। स्टार्टअप और छोटे कारोबार के लिए, जिनके पास बड़ा विज्ञापन बजट नहीं होता, यह तेजी से बढ़ने का बेहतरीन रास्ता है।

छोटे दुकानदार कैसे अपनाएं?

किराना, सैलून, कोचिंग, जिम या कैफे जैसे छोटे कारोबार भी Referral Marketing आसानी से शुरू कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, नया ग्राहक लाने वाले को अगली खरीदारी पर छूट या मुफ्त सेवा दी जा सकती है। WhatsApp बिजनेस पर एक छोटा सा ऑफर मैसेज, रेफरल कार्ड या QR कोड से भी यह काम हो सकता है। जरूरी बात यह है कि इनाम साफ हो और वादा समय पर पूरा किया जाए।

किन बातों का ध्यान रखें?

सबसे पहले अपना प्रोडक्ट या सेवा अच्छी होनी चाहिए। खराब अनुभव वाले ग्राहक रेफर नहीं करेंगे, चाहे इनाम कितना भी बड़ा हो। फर्जी अकाउंट बनाकर इनाम लेने जैसी धोखाधड़ी रोकने के लिए शर्तें साफ रखें, जैसे पहली खरीदारी या KYC पूरी होने के बाद ही इनाम देना। ग्राहकों को भी सलाह है कि रेफरल के लालच में किसी अनजान ऐप या स्कीम में पैसा न लगाएं।

Referral Marketing
Referral Marketing

बिजनेस से जुड़ी ये जानकारी भी पढ़ें: Freemium Business Model क्या है?, Google Maps पर अपनी दुकान ऐसे करें रजिस्टर और D2C Brand क्या होता है?

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. Referral Marketing और एफिलिएट मार्केटिंग में क्या अंतर है?

रेफरल में आमतौर पर कंपनी के मौजूदा ग्राहक अपने जानने वालों को जोड़ते हैं, जबकि एफिलिएट मार्केटिंग में ब्लॉगर या इन्फ्लुएंसर कमीशन के लिए प्रोडक्ट का प्रचार करते हैं।

2. क्या Referral Marketing से मिला कैशबैक टैक्स के दायरे में आता है?

छोटी रकम पर आमतौर पर कोई दिक्कत नहीं होती, लेकिन रेफरल से नियमित बड़ी कमाई हो तो वह आपकी आय मानी जा सकती है। ऐसे में किसी टैक्स सलाहकार से राय जरूर लें।

3. छोटे बिजनेस के लिए Referral Marketing कैसे शुरू करें?

एक आसान इनाम तय करें, ग्राहकों को रेफरल कोड या कार्ड दें और WhatsApp के जरिए ऑफर की जानकारी भेजें। रिकॉर्ड रखें कि कौन ग्राहक किसके जरिए आया।

4. इस मार्केटिंग तरीके के बारे में और जानकारी कहां मिलेगी?

रेफरल मार्केटिंग के इतिहास और अलग अलग तरीकों की विस्तृत जानकारी Wikipedia पर पढ़ी जा सकती है।

आगे और समाचार पढ़े:

Chromebook for Students: छात्रों के लिए सबसे सस्ता लैपटॉप या सिर्फ एक ब्राउजर? खरीदने से पहले जानें पूरा सच

WiFi Bands क्या होते है? कैसे काम करते हैं? आपके घर के राउटर के लिए कौन सा बैंड है बेस्ट?

पीएम मोदी ने पुणे मेट्रो लाइन-3 का किया उद्घाटन, 21,800 करोड़ रुपये की फेज-II परियोजनाओं की रखी आधारशिला

उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

WhatsApp Group
Join Now
RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular