राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार देर रात एक दर्दनाक हादसा सामने आया। यहां फेज-1 स्थित जूता बनाने वाली एक फैक्ट्री में भीषण आग लगने से चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग इतनी भीषण थी कि फैक्ट्री के अंदर मौजूद लोगों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
रात करीब 9:30 बजे फैक्ट्री में लगी आग
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार 30 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित एक जूता निर्माण फैक्ट्री में अचानक आग लग गई। दमकल विभाग को रात करीब 9:32 बजे आग लगने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियों को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। फैक्ट्री में मौजूद कर्मचारियों के बीच चीख-पुकार मच गई। आग और धुएं के कारण अंदर फंसे लोगों के लिए बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने भी मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला।
दमकल की 20 गाड़ियों ने संभाला मोर्चा
आग पर काबू पाने के लिए दिल्ली दमकल विभाग की करीब 20 गाड़ियों को मौके पर लगाया गया। दमकलकर्मियों ने कई घंटों तक लगातार मशक्कत की। आग बुझाने के साथ-साथ फैक्ट्री के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए विशेष बचाव अभियान चलाया गया।
दमकलकर्मियों की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया गया। अधिकारियों के अनुसार, आग सबसे पहले फैक्ट्री के बेसमेंट में लगी थी। दमकल विभाग ने आग को बेसमेंट तक सीमित रखने में सफलता हासिल की, जिससे आग इमारत के अन्य हिस्सों में और अधिक फैलने से रोकी जा सकी।
छह लोगों को बेहोशी की हालत में निकाला गया
राहत एवं बचाव अभियान के दौरान फैक्ट्री के अंदर से कुल छह लोगों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया। सभी को तत्काल मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद चार लोगों को मृत घोषित कर दिया, जबकि दो अन्य घायलों का उपचार जारी है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों की पहचान और उनके परिवारों से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बेसमेंट में लगी आग, ऊपरी मंजिलों तक पहुंचा धुआं
दमकल विभाग के अधिकारी एडीओ पारस कुमार के मुताबिक, यह फुटवियर निर्माण और भंडारण से जुड़ी फैक्ट्री थी। आग की शुरुआत बेसमेंट से हुई थी। घटना के दौरान फैक्ट्री में भारी मात्रा में धुआं भर गया था।
बचाव अभियान के दौरान एक व्यक्ति को तीसरी मंजिल की सीढ़ियों से निकाला गया, जबकि पांच अन्य लोगों को चौथी मंजिल से बाहर निकाला गया। अधिकारियों के अनुसार, आग को पूरी तरह बुझा दिया गया और इसके बाद घटनास्थल पर कूलिंग की प्रक्रिया शुरू की गई, ताकि दोबारा आग लगने की आशंका को खत्म किया जा सके।
फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए बुलाया गया
हादसे के बाद दिल्ली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आउटर जिले के डीसीपी विक्रम सिंह के अनुसार, आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है। पुलिस ने फैक्ट्री मालिक को पूछताछ के लिए तलब किया है।
इसके अलावा ठेकेदार और फैक्ट्री में काम करने वाले कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हादसे के समय फैक्ट्री में कुल कितने मजदूर मौजूद थे और वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए गए थे या नहीं।
औद्योगिक इकाइयों की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
मंगोलपुरी की इस घटना ने दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। फैक्ट्रियों में आग से बचाव के उपकरण, आपातकालीन निकास द्वार, अग्निशमन व्यवस्था और कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी प्रशिक्षण देना बेहद जरूरी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, औद्योगिक इकाइयों में नियमित सुरक्षा जांच और आपातकालीन बचाव योजनाओं का पालन होना चाहिए, ताकि ऐसी घटनाओं में जान-माल के नुकसान को कम किया जा सके।
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जांच के बाद सामने आएगी आग लगने की असली वजह
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहे हैं। जांच में फैक्ट्री की सुरक्षा व्यवस्था, आग बुझाने वाले उपकरणों और अन्य जरूरी मानकों की भी पड़ताल की जा सकती है।
इस दर्दनाक हादसे में चार लोगों की मौत ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। अब सभी की नजर पुलिस जांच और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई है।

