देश के पहले उपप्रधानमंत्री गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 31 अक्टूबर को पूरे देश में राष्ट्रीय एकता दिवस (राष्ट्र्रीय एकता दिवस) के रूप में मनाया जाता है। इस मौके पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार पटेल को अखंड भारत का शिल्पकार और देश का लौह पुरुष बताते हुए उनके राष्ट्र निर्माण में दिए गए अतुलनीय योगदान को याद किया।
सरदार पटेल को आधुनिक भारत की एकता और अखंडता का सबसे मजबूत स्तंभ माना जाता है। आजादी के बाद जब देश सैकड़ों रियासतों में बंटा हुआ था, तब उन्होंने अपनी राजनीतिक सूझबूझ, दृढ़ इच्छाशक्ति और दूरदर्शिता से उन्हें भारतीय संघ में शामिल कराने का ऐतिहासिक कार्य किया था।
पीएम मोदी ने बताया अखंड भारत का शिल्पकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट साझा कर सरदार वल्लभभाई पटेल को उनकी जयंती पर नमन किया। उन्होंने कहा कि अखंड भारत के प्रणेता और देश के लौह पुरुष सरदार पटेल ने एक सशक्त, समृद्ध और समर्थ भारत के निर्माण के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि मां भारती की सेवा में सरदार पटेल का त्याग, समर्पण और राष्ट्र के प्रति उनकी निष्ठा हमेशा देशवासियों को प्रेरित करती रहेगी। उनका जीवन विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
पीएम मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि सरदार पटेल का योगदान केवल स्वतंत्रता आंदोलन तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने आजादी के बाद देश को एकजुट करने और मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
अमित शाह ने कहा- सरदार पटेल ने रियासतों में बंटे देश को एक सूत्र में पिरोया
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित की और राष्ट्रीय एकता दिवस की देशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सरदार पटेल को आधुनिक भारत का शिल्पकार और राष्ट्रीय एकता एवं अखंडता का प्रतीक बताया।
अमित शाह ने अपने संदेश में कहा कि सरदार साहब ने अपने अदम्य साहस और दूरदर्शिता से रियासतों में बंटे भारत को एक सूत्र में पिरोकर मजबूत राष्ट्र की नींव रखी। उन्होंने अखिल भारतीय सेवाओं की स्थापना में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, जिससे देश की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत आधार मिला।
गृह मंत्री ने कहा कि सरदार पटेल का जीवन त्याग, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। उनका संघर्ष आने वाली पीढ़ियों को एक भारत, श्रेष्ठ भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करता रहेगा।
1,218 दिनों में किया असंभव को संभव: अमित शाह
अमित शाह ने सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि आजादी के समय दुनिया के कई राजनीतिक विशेषज्ञों को आशंका थी कि भारत विभिन्न रियासतों और क्षेत्रों में बंटकर बिखर जाएगा।
उनके अनुसार, स्वतंत्रता के बाद शुरुआती 1,218 दिनों में सरदार पटेल ने वह ऐतिहासिक कार्य कर दिखाया, जिसे दुनिया असंभव मान रही थी। उन्होंने अपनी कुशल रणनीति और मजबूत नेतृत्व के दम पर देश की एकता को मजबूत किया।
शाह ने यह भी कहा कि सरदार पटेल ने किसानों के अधिकारों के लिए खेड़ा और बारडोली सत्याग्रह के माध्यम से संघर्ष किया। उनका नेतृत्व और जनसेवा के प्रति समर्पण भारतीय इतिहास में हमेशा याद किया जाएगा।
रन फॉर यूनिटी में भी लिया हिस्सा
राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर देशभर में रन फॉर यूनिटी का आयोजन किया जा रहा है। अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली के मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और सरदार पटेल को पुष्पांजलि अर्पित की।
इस आयोजन का उद्देश्य लोगों, विशेषकर युवाओं के बीच राष्ट्रीय एकता, अखंडता और सामाजिक सद्भाव की भावना को मजबूत करना है। देश के अलग-अलग हिस्सों में भी स्कूलों, कॉलेजों और सरकारी संस्थानों में एकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
स्टैच्यू ऑफ यूनिटी में विशेष कार्यक्रम
गुजरात के केवड़िया स्थित स्टैच्यू ऑफ यूनिटी भी सरदार पटेल की जयंती के मुख्य आयोजनों का केंद्र बना हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लेने और सरदार पटेल को श्रद्धांजलि अर्पित करने वाले हैं।
इस अवसर पर एकता और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी सरदार पटेल की विरासत और भारत की राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बन चुका है।
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सरदार पटेल की विरासत आज भी देश के लिए प्रेरणा
सरदार वल्लभभाई पटेल का जन्म 31 अक्टूबर 1875 को गुजरात के नडियाद में हुआ था। स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका और आजादी के बाद देश की रियासतों के एकीकरण में उनके योगदान के कारण उन्हें लौह पुरुष की उपाधि मिली।
15 दिसंबर 1950 को उनका निधन हो गया, लेकिन राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान आज भी भारतीय इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है। उन्हें वर्ष 1991 में मरणोपरांत भारत रत्न से सम्मानित किया गया।
राष्ट्रीय एकता दिवस केवल एक महान नेता की जयंती मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि यह देश की एकता, अखंडता और विविधता में एकता के संकल्प को दोहराने का दिन भी है। सरदार पटेल का जीवन संदेश देता है कि मजबूत राष्ट्र का निर्माण आपसी विश्वास, एकजुटता और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने से ही संभव है।

