दिल्ली की यमुना नदी एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है। इस बार वजह नदी की सफाई के साथ-साथ नेताओं के बीच शुरू हुई दिलचस्प बयानबाजी है। भारतीय जनता पार्टी के सांसद मनोज तिवारी ने छठ पूजा से पहले यमुना नदी में डुबकी लगाई और पानी की सफाई को लेकर सरकार के प्रयासों की सराहना की। इसके बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने ऐसा मजेदार सुझाव दे दिया, जिसने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी।
रिजिजू ने मनोज तिवारी के वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए यमुना में तैराकी प्रतियोगिता कराने का प्रस्ताव रख दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि जब यमुना का पानी इतना साफ हो गया है, तो क्यों न दोनों के बीच तैराकी प्रतियोगिता आयोजित की जाए? उनके इस हल्के-फुल्के अंदाज ने पूरे मामले को और दिलचस्प बना दिया।
मनोज तिवारी ने यमुना में लगाई डुबकी, सफाई अभियान की तारीफ की
दरअसल, दिल्ली में छठ पूजा की तैयारियों के बीच उत्तर पूर्वी दिल्ली से भाजपा सांसद मनोज तिवारी गुरुवार को सोनिया विहार स्थित यमुना घाट पहुंचे थे। यहां उन्होंने नदी में डुबकी लगाई और तैराकी भी की। इस दौरान उन्होंने यमुना के पानी की स्थिति में सुधार होने का दावा किया।
मनोज तिवारी ने कहा कि नदी की सफाई के लिए किए जा रहे प्रयासों से वह काफी खुश हैं। उन्होंने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व में चल रहे कार्यों की सराहना की। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को भी इसका श्रेय दिया।
तिवारी का कहना था कि दिल्लीवासियों को स्वच्छ यमुना उपलब्ध कराना सरकार का लक्ष्य है और इस दिशा में किए जा रहे कामों के सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वह यमुना में जाकर लोगों को यह संदेश देना चाहते थे कि नदी की सफाई के लिए प्रयास किए जा रहे हैं।
किरेन रिजिजू ने दिया तैराकी प्रतियोगिता का सुझाव
मनोज तिवारी के यमुना में डुबकी लगाने वाले वीडियो पर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने मजाकिया अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि मनोज जी, क्या आपको नहीं लगता कि यमुना जी का पानी काफी साफ हो गया है, इसलिए हम दोनों के बीच तैराकी प्रतियोगिता होनी चाहिए?
रिजिजू की इस टिप्पणी को सोशल मीडिया पर राजनीतिक हल्के-फुल्के अंदाज के रूप में देखा जा रहा है। उनके बयान ने यमुना की सफाई को लेकर चल रही चर्चा में एक नया मोड़ जोड़ दिया।
हालांकि, इस टिप्पणी के बाद यह सवाल भी उठने लगा कि क्या यमुना की सफाई को लेकर नेताओं के बीच कोई प्रतीकात्मक प्रतियोगिता देखने को मिलेगी या यह केवल मजाकिया राजनीतिक संवाद बनकर रह जाएगा।
राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल का भी आया जिक्र
यमुना की सफाई का मुद्दा दिल्ली की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। इस मामले में भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप होते रहे हैं। मनोज तिवारी ने अपने बयान में आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल का भी जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि वह केजरीवाल को यमुना में किए गए सफाई कार्यों के बारे में बताएंगे। वहीं, इस राजनीतिक चर्चा में राहुल गांधी का नाम भी सामने आया है। नेताओं के बीच यमुना में उतरने और नदी की वास्तविक स्थिति देखने को लेकर सियासी तंज का माहौल बना हुआ है।
हालांकि, राहुल गांधी या अरविंद केजरीवाल की ओर से इस कथित तैराकी प्रतियोगिता में शामिल होने की कोई पुष्टि सामने नहीं आई है।
आम आदमी पार्टी ने भाजपा के दावों पर उठाए सवाल
भाजपा सांसद मनोज तिवारी के दावों को आम आदमी पार्टी ने स्वीकार नहीं किया। पार्टी ने यमुना की सफाई को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि नदी की वास्तविक स्थिति को लेकर जनता के सामने गलत तस्वीर पेश की जा रही है।
आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं का दावा है कि उन्होंने संबंधित स्थान का दौरा किया था और वहां पानी काला तथा प्रदूषित दिखाई दे रहा था। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि मनोज तिवारी ने जिस स्थान पर डुबकी लगाई, वहां घाट की सफाई का अभियान चल रहा था।
AAP ने भाजपा सांसद को खुली चुनौती देते हुए कहा कि वह उस स्थान पर जाकर डुबकी लगाएं, जहां नाले का पानी यमुना में मिलता है। पार्टी ने यह भी कहा कि यदि नदी का पानी वास्तव में साफ है, तो वहां की स्थिति का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर लाइव दिखाया जाना चाहिए।
आम आदमी पार्टी ने मनोज तिवारी पर छठ पूजा से पहले राजनीतिक दिखावा करने का आरोप भी लगाया।
छठ पूजा से पहले यमुना की सफाई बना बड़ा राजनीतिक मुद्दा
दिल्ली में छठ पूजा के दौरान यमुना नदी और उसके घाटों का विशेष महत्व होता है। हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना और अर्घ्य देने के लिए नदी के किनारे पहुंचते हैं। ऐसे में नदी के पानी की गुणवत्ता और घाटों की साफ-सफाई का मुद्दा बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
यमुना की सफाई को लेकर भाजपा और आम आदमी पार्टी के बीच आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं है। लेकिन इस बार मनोज तिवारी की डुबकी और किरेन रिजिजू के तैराकी प्रतियोगिता वाले बयान ने इस बहस को नया रंग दे दिया है।
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राजनीतिक बयानबाजी से आगे असली सवाल यमुना की स्वच्छता का
फिलहाल किरेन रिजिजू का तैराकी प्रतियोगिता वाला सुझाव चर्चा का विषय बना हुआ है। एक तरफ भाजपा नेता यमुना की सफाई में सुधार का दावा कर रहे हैं, वहीं आम आदमी पार्टी नदी की वास्तविक स्थिति पर सवाल उठा रही है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच सबसे महत्वपूर्ण सवाल यही है कि क्या यमुना वास्तव में इतनी साफ हो चुकी है कि श्रद्धालु बिना किसी चिंता के इसमें आस्था की डुबकी लगा सकें?
राजनीतिक बयानबाजी और सोशल मीडिया पर चल रही बहस से अलग, दिल्ली के लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित यमुना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि नदी में गिरने वाले नालों को रोका जाए, प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण हो और सफाई के दावों की पारदर्शी जांच की जाए। आखिरकार यमुना की स्वच्छता किसी एक राजनीतिक दल की उपलब्धि नहीं, बल्कि दिल्ली के करोड़ों लोगों और पर्यावरण से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।

