Uttarakhand Gutkha Ban के तहत राज्य सरकार ने 13 अक्टूबर 2026 से तंबाकू और निकोटीन वाले गुटखा, पान मसाला और ऐसे दूसरे खाद्य उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री पर एक साल के लिए पूरी तरह रोक लगा दी है। यह फैसला जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है।
आदेश जारी होते ही यह पूरे प्रदेश में लागू हो गया है। ऐसे में दुकानदारों और आम लोगों के मन में कई सवाल हैं, जैसे किन चीजों पर रोक है, क्या सादा पान मसाला भी बंद होगा और नियम तोड़ने पर क्या होगा। आइए आसान भाषा में पूरी जानकारी समझते हैं।
किसने और कब जारी किया आदेश?
यह आदेश उत्तराखंड के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने मंगलवार, 13 अक्टूबर 2026 को जारी किया। प्रतिबंध आदेश जारी होने की तारीख से एक साल तक लागू रहेगा। यानी अक्टूबर 2027 तक प्रदेश में इन उत्पादों का कारोबार गैरकानूनी रहेगा।
आदेश की प्रति स्वास्थ्य विभाग, सभी जिलाधिकारियों, मुख्य चिकित्साधिकारियों, खाद्य सुरक्षा अधिकारियों और गढ़वाल व कुमाऊं मंडल के अधिकारियों को भेजी गई है, ताकि हर जिले में इसका पालन कराया जा सके।
Uttarakhand Gutkha Ban किस कानून के तहत लगा?
यह रोक खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30 की उपधारा 2(क) के तहत लगाई गई है। यह धारा राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त को जनहित में किसी खाद्य उत्पाद पर अधिकतम एक साल तक रोक लगाने का अधिकार देती है। आदेश में खाद्य सुरक्षा और मानक (विक्रय प्रतिषेध और निर्बंधन) विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 का भी जिक्र है।
इसके अनुसार किसी भी खाद्य पदार्थ में तंबाकू और निकोटीन को सामग्री के रूप में मिलाना प्रतिबंधित है। चूंकि गुटखा और पान मसाला खाद्य उत्पाद की श्रेणी में आते हैं, इसलिए इनमें तंबाकू या निकोटीन मिलाकर बेचना पहले से ही नियमों के खिलाफ है। नया आदेश इस पर सख्ती से रोक लगाने के लिए जारी किया गया है।
किन उत्पादों पर लगी है रोक?
प्रतिबंध तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा, पान मसाला और ऐसे दूसरे खाद्य उत्पादों पर है, जिन्हें अलग-अलग नामों से बाजार में बेचा जाता है। आदेश में उन उत्पादों को भी शामिल किया गया है, जिनमें तंबाकू या निकोटीन अलग से मिलाकर बेचा जाता है।
कई जगह पान मसाला और तंबाकू के पाउच अलग-अलग लेकिन साथ बेचे जाते हैं, ताकि ग्राहक खुद मिला सके। रोक सिर्फ दुकानों पर बिक्री तक सीमित नहीं है। प्रदेश में इन उत्पादों को बनाना, गोदाम में रखना और एक जगह से दूसरी जगह सप्लाई करना भी प्रतिबंधित है।

सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
Uttarakhand Gutkha Ban आदेश के अनुसार ये उत्पाद जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं। तंबाकू और निकोटीन वाले चबाने वाले उत्पाद मुंह, गले और भोजन नली के कैंसर का बड़ा कारण माने जाते हैं। प्रतिबंधित होने के बावजूद गुटखा और पान मसाला में तंबाकू और निकोटीन मिलाने के मामले बार-बार सामने आ रहे थे।
इसी वजह से सरकार ने सख्त कदम उठाना जरूरी समझा। युवाओं और स्कूली बच्चों में गुटखे की बढ़ती लत भी चिंता का बड़ा कारण है। देवभूमि की स्वच्छता और पर्यटन स्थलों पर थूकने की समस्या को देखते हुए भी इस फैसले को अहम माना जा रहा है।
पहले भी लगा था बैन, दूसरे राज्यों में भी सख्ती
उत्तराखंड में यह पहली बार नहीं है। अक्टूबर 2019 में भी तत्कालीन खाद्य सुरक्षा आयुक्त ने गुटखा और पान मसाला पर एक साल का प्रतिबंध लगाया था। दूसरे राज्य भी इस दिशा में सख्ती कर रहे हैं। कर्नाटक ने अगस्त 2026 में तंबाकू और निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला पर एक साल का बैन लगाया था। बिहार, झारखंड और महाराष्ट्र जैसे राज्य भी समय-समय पर ऐसे आदेश जारी करते रहे हैं।
दुकानदारों और आम लोगों के लिए जरूरी बातें
दुकानदारों को अपने स्टॉक से तंबाकू और निकोटीन वाले गुटखा और पान मसाला तुरंत हटा लेने चाहिए। जांच में ऐसे उत्पाद मिलने पर खाद्य सुरक्षा कानून के तहत माल जब्त करने और कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। आम लोग अगर कहीं प्रतिबंधित उत्पाद बिकते देखें, तो जिले के खाद्य सुरक्षा अधिकारी या स्वास्थ्य विभाग को इसकी सूचना दे सकते हैं।
जो लोग इन उत्पादों की लत से जूझ रहे हैं, उनके लिए यह छोड़ने का अच्छा मौका है। सरकारी अस्पतालों में तंबाकू छुड़ाने के लिए परामर्श की सुविधा भी मिलती है। कुल मिलाकर Uttarakhand Gutkha Ban की सफलता इस पर टिकी है कि जमीन पर इसका कितनी सख्ती से पालन होता है और लोग खुद इसमें कितना साथ देते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)
1. Uttarakhand Gutkha Ban कब से कब तक लागू है?
यह प्रतिबंध 13 अक्टूबर 2026 से लागू हुआ है और एक साल तक प्रभावी रहेगा।
2. क्या Uttarakhand Gutkha Ban के तहत बिना तंबाकू वाला सादा पान मसाला भी बंद है?
आदेश तंबाकू या निकोटीन युक्त गुटखा, पान मसाला और ऐसे खाद्य उत्पादों पर है। साथ में अलग से तंबाकू मिलाकर बेचे जाने वाले उत्पाद भी इसके दायरे में हैं।
3. Uttarakhand Gutkha Ban किस कानून के तहत लगाया गया है?
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 30(2)(क) और खाद्य सुरक्षा विनियम, 2011 के विनियम 2.3.4 के तहत।
4. Uttarakhand Gutkha Ban में किन गतिविधियों पर रोक है?
इन उत्पादों के निर्माण, भंडारण, वितरण और बिक्री, चारों पर पूरी तरह रोक है।
5. Uttarakhand Gutkha Ban और खाद्य सुरक्षा नियमों की आधिकारिक जानकारी कहां मिलती है?
खाद्य सुरक्षा कानून और विनियमों की पूरी जानकारी FSSAI की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
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उपरोक्त Uttarakhand Gutkha Ban की जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

