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Inventory Turnover Ratio क्या है? समझें स्टॉक टर्नओवर का पूरा गणित और इसके फायदे

Inventory Turnover Ratio वह आंकड़ा है, जो बताता है कि किसी कारोबार ने एक तय समय, आमतौर पर एक साल में, अपना पूरा स्टॉक कितनी बार बेचकर दोबारा भरा। आसान शब्दों में, यह बताता है कि आपका माल दुकान या गोदाम में पड़ा रहता है या तेजी से बिक जाता है।

बहुत से दुकानदार सिर्फ बिक्री और मुनाफा देखते हैं, लेकिन यह नहीं देखते कि उनका कितना पैसा बिना बिके सामान में फंसा है। यही छोटी सी अनदेखी धीरे-धीरे कैश फ्लो की बड़ी परेशानी बन जाती है और Inventory Turnover Ratio इसी खतरे को समय रहते पकड़ने में मदद करता है।

इसका फॉर्मूला क्या है?

Inventory Turnover Ratio निकालने का सबसे आम तरीका है बेचे गए माल की लागत को औसत स्टॉक से भाग देना। बेचे गए माल की लागत को अंग्रेजी में Cost of Goods Sold यानी COGS कहते हैं। औसत स्टॉक निकालने के लिए साल की शुरुआत के स्टॉक और साल के आखिर के स्टॉक को जोड़कर 2 से भाग दिया जाता है।

कुछ लोग Inventory Turnover Ratio में COGS की जगह कुल बिक्री भी इस्तेमाल करते हैं, लेकिन लागत वाला तरीका ज्यादा सही तस्वीर दिखाता है, क्योंकि स्टॉक भी लागत पर ही दर्ज होता है।

एक आसान उदाहरण से समझें

मान लीजिए एक किराना दुकान के पास साल की शुरुआत में 2 लाख रुपये का स्टॉक था और साल के आखिर में 3 लाख रुपये का। तो औसत स्टॉक 2.5 लाख रुपये हुआ। अगर पूरे साल में बेचे गए सामान की लागत 15 लाख रुपये रही, तो 15 लाख को 2.5 लाख से भाग देने पर 6 आता है। यानी दुकानदार ने साल में 6 बार अपना पूरा स्टॉक बेचा और फिर से भरा।

स्टॉक कितने दिन में बिकता है?

इस रेशियो से यह भी पता चलता है कि औसतन माल कितने दिन दुकान में रुकता है। इसके लिए साल के 365 दिनों को रेशियो से भाग दिया जाता है। ऊपर के उदाहरण में 365 को 6 से भाग देने पर करीब 61 दिन आते हैं। यानी उस दुकान का माल औसतन दो महीने में बिक जाता है। इसे Days Inventory Outstanding भी कहा जाता है।

Inventory Turnover Ratio ज्यादा या कम होने का मतलब

ज्यादा रेशियो का मतलब है कि माल तेजी से बिक रहा है, पैसा कम समय के लिए फंसा रहता है और सामान के खराब या पुराना होने का खतरा भी कम रहता है। कम रेशियो इशारा करता है कि या तो जरूरत से ज्यादा माल खरीदा गया है, या कुछ सामान ग्राहकों को पसंद नहीं आ रहा।

अगर इसी दुकान का औसत स्टॉक 5 लाख रुपये होता, तो रेशियो सिर्फ 3 रहता और माल को बिकने में करीब 4 महीने लगते। लेकिन बहुत ज्यादा रेशियो भी हमेशा अच्छा नहीं होता। इसका मतलब यह भी हो सकता है कि स्टॉक इतना कम रखा जा रहा है कि ग्राहक खाली हाथ लौट रहे हैं।

हर कारोबार का पैमाना अलग होता है

सब्जी, दूध और किराने जैसे जल्दी खराब होने वाले सामान बेचने वालों का रेशियो स्वाभाविक रूप से काफी ज्यादा होता है। वहीं फर्नीचर, ज्वेलरी या भारी मशीनरी बेचने वालों का माल धीरे बिकता है, इसलिए उनका रेशियो कम रहता है। इसलिए अपने रेशियो की तुलना हमेशा अपने ही क्षेत्र के कारोबारों और अपने पिछले सालों के आंकड़ों से करें, किसी दूसरे उद्योग से नहीं।

Inventory Turnover Ratio
Inventory Turnover Ratio

इसे बेहतर कैसे करें?

सबसे पहले देखें कि कौन से प्रोडक्ट सबसे तेजी से बिकते हैं और कौन से महीनों से पड़े हैं। धीमे बिकने वाले सामान पर छूट या कॉम्बो ऑफर देकर उसे निकालें और आगे उसकी खरीद कम करें। एक साथ भारी मात्रा में खरीदने की जगह मांग के हिसाब से छोटे और नियमित ऑर्डर दें। साथ ही स्टॉक का हिसाब रखने के लिए कोई आसान बिलिंग या अकाउंटिंग सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करें, ताकि हर हफ्ते साफ दिखे कि क्या बिक रहा है।

बिजनेस के पैसों को और बेहतर समझने के लिए पढ़ें Working Capital की प्लानिंग और Accounts Payable पर हमारे लेख। स्टॉक से लेकर हिसाब तक सब एक जगह संभालने के लिए ERP सिस्टम के बारे में भी जानें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

1. Inventory Turnover Ratio का फॉर्मूला क्या है?
बेचे गए माल की लागत को औसत स्टॉक से भाग देने पर यह रेशियो मिलता है।

2. Inventory Turnover Ratio कैसे निकालते हैं?
साल की शुरुआत और आखिर के स्टॉक को जोड़कर 2 से भाग देने पर औसत स्टॉक मिलता है।

3. अच्छा Inventory Turnover Ratio कितना होना चाहिए?
इसका कोई एक तय आंकड़ा नहीं है। यह उद्योग पर निर्भर करता है, इसलिए अपने क्षेत्र के दूसरे कारोबारों और अपने पिछले आंकड़ों से तुलना करें।

4. कम रेशियो से क्या नुकसान होता है?
कम रेशियो का मतलब है कि पैसा लंबे समय तक बिना बिके माल में फंसा है, जिससे कैश फ्लो पर दबाव और सामान खराब होने का खतरा बढ़ता है।

5. इसके बारे में और विस्तार से कहां पढ़ें?
इसकी विस्तृत परिभाषा और उदाहरण आप Investopedia पर पढ़ सकते हैं।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है।

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