दुबई से तेल अवीव जा रही Flydubai की फ्लाइट FZ1073 में हुए कॉकपिट हमले के बाद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Smit Machchhar) की चोटों को लेकर नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान उनके सिर पर गंभीर चोट लगी, जिसमें डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर भी शामिल है। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की, जिससे यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचकर हमलावर सह-पायलट को काबू करने का मौका मिला। विमान को बाद में सऊदी अरब के तबूक में आपातकालीन रूप से उतारा गया।
कॉकपिट में कैसे हुआ हमला?
यह घटना 30 सितंबर 2026 को हुई, जब Flydubai का Boeing 737 विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। उड़ान के दौरान ओमानी नागरिक बताए जा रहे सह-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कथित तौर पर कॉकपिट में कैप्टन मच्छार पर हमला कर दिया। जांच से जुड़े अधिकारियों के अनुसार, हमले में कॉकपिट में मौजूद क्रैश एक्स का इस्तेमाल किया गया। UAE के अधिकारियों ने बाद में घटना को कथित आतंकवादी कृत्य के तौर पर जांच के दायरे में रखा।
हमले के दौरान विमान तेजी से नीचे उतरने लगा। रिपोर्टों के अनुसार, विमान कुछ ही समय में हजारों फीट नीचे आ गया। उस वक्त यात्रियों को कॉकपिट के भीतर चल रहे संघर्ष की पूरी जानकारी नहीं थी।
गंभीर चोट के बावजूद दरवाजा खोला
कैप्टन मच्छार ने बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वीडियो कॉल पर घटना के बारे में बताया था। उन्होंने कहा कि उन्हें कई चोटें लगी थीं और वह नीचे गिर गए थे। लेकिन जब उन्हें महसूस हुआ कि विमान नीचे जा रहा है और अगर वह उठकर कुछ नहीं करते तो यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है, उन्होंने दोबारा उठने की कोशिश की।
गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। इसके बाद यात्रियों और क्रू के कुछ सदस्यों ने अंदर पहुंचकर हमलावर को काबू किया। विमान में मौजूद अन्य पायलटों ने भी नियंत्रण संभालने में मदद की।
सिर, गर्दन और हाथ में चोटें
हालिया रिपोर्टों के अनुसार, मच्छार को सिर के अलावा गर्दन और हाथ में भी गंभीर चोटें आई थीं। सिर की चोट को लेकर सामने आई जानकारी में डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर का उल्लेख है। हमले के बाद उन्हें पहले सऊदी अरब के तबूक में चिकित्सा सहायता दी गई और बाद में अबू धाबी ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।
रिपोर्टों के मुताबिक उनकी स्थिति में सुधार हो रहा है। हालांकि, सिर की गंभीर चोट के कारण उनकी रिकवरी पर डॉक्टरों की निगरानी बनी हुई है।
174 से ज्यादा लोगों की जान बची
विमान में यात्रियों और चालक दल समेत 170 से अधिक लोग सवार थे। अलग-अलग शुरुआती रिपोर्टों में यात्रियों की संख्या में अंतर आया है, जबकि Reuters ने 174 यात्रियों का आंकड़ा रिपोर्ट किया है। विमान के तेजी से नीचे आने के दौरान कैप्टन मच्छार द्वारा कॉकपिट का दरवाजा खोलना और यात्रियों द्वारा हमलावर को काबू करना घटना का महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।
इसके बाद फ्लाइट को तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। आपातकालीन लैंडिंग के बाद यात्रियों और घायल पायलट को चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।
डेंटिस्ट ने भी की मदद
घटना के दौरान विमान में मौजूद जॉर्जियाई मूल के डेंटिस्ट डॉ. शोटा मुसायेव ने भी कैप्टन मच्छार की मदद की। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, हमले के बाद उन्होंने करीब 45 मिनट तक घायल पायलट को प्राथमिक चिकित्सा देने की कोशिश की। उन्होंने रक्तस्राव नियंत्रित करने के लिए कपड़ों और बर्फ का इस्तेमाल किया तथा मच्छार को होश में बनाए रखने के लिए उनसे बातचीत करते रहे।
इस दौरान अन्य यात्रियों ने कथित हमलावर को काबू करने में भूमिका निभाई। घटना ने दिखाया कि आपात स्थिति में विमान के भीतर मौजूद यात्रियों और क्रू की प्रतिक्रिया कितनी महत्वपूर्ण हो सकती है।
हमले के मकसद की जांच जारी
हमले के बाद सह-पायलट की पृष्ठभूमि और संभावित मकसद को लेकर कई सवाल उठे हैं। कुछ अधिकारियों के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि उसे पहले ओमान में उड़ान से संबंधित प्रतिबंधों का सामना करना पड़ा था और उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर चिंताएं थीं। हालांकि, जांच एजेंसियां अभी यह निर्धारित कर रही हैं कि हमले के पीछे वास्तविक मकसद क्या था और क्या किसी संगठन से उसका संबंध था।
UAE, सऊदी अरब और अन्य संबंधित एजेंसियां घटना की अलग-अलग पहलुओं से जांच कर रही हैं। इस घटना ने एयरलाइन सुरक्षा, पायलटों की स्क्रीनिंग और कॉकपिट सुरक्षा प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।
आगे और समाचार पढ़े:
- RBI MPC Meeting October 2026 Highlights: RBI Governor Sanjay Malhotra Announces 25 bps Rate Hike
- बेंगलुरु में 8 अक्टूबर को CJP का ‘चप्पल प्रोटेस्ट’, प्रकाश राज भी होंगे शामिल; SIR को लेकर विरोध
कैप्टन मच्छार की बहादुरी की चर्चा
घटना के बाद कैप्टन स्मित मच्छार को उनकी सूझबूझ और साहस के लिए व्यापक प्रशंसा मिली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अस्पताल में उनसे बातचीत की और उनके साहस की सराहना की। मच्छार ने उस बातचीत में बताया कि मुश्किल समय में उन्होंने हनुमान चालीसा का पाठ किया और यात्रियों को बचाने के लिए खुद को संभालने की कोशिश की।
अमेरिका में भी उनके साहस को सम्मानित करने के लिए प्रतिनिधि सभा में एक द्विदलीय प्रस्ताव पेश किया गया है। प्रस्ताव में घटना की जांच और कैप्टन मच्छार के साहस का उल्लेख किया गया है।
फिलहाल कैप्टन मच्छार का इलाज जारी है और उनकी पूरी रिकवरी पर नजर बनी हुई है। वहीं Flydubai कॉकपिट हमले की जांच के साथ यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि सुरक्षा व्यवस्था में कोई चूक हुई थी या नहीं और इस घटना के पीछे वास्तविक उद्देश्य क्या था।

