Business Model Canvas एक पेज का ऐसा खाका है, जिस पर पूरा बिजनेस प्लान नौ हिस्सों में आसानी से समझा और लिखा जा सकता है। नया कारोबार शुरू करने से पहले ज्यादातर लोग लंबे बिजनेस प्लान में उलझ जाते हैं। पन्ने भर जाते हैं, लेकिन साफ नहीं होता कि ग्राहक कौन है और कमाई कहां से होगी।
Business Model Canvas क्या है और इसे किसने बनाया?
Business Model Canvas टूल को स्विट्जरलैंड के बिजनेस थ्योरिस्ट अलेक्जेंडर ऑस्टरवाल्डर ने तैयार किया था। साल 2010 में उनकी और यव्स पिग्नेर की किताब बिजनेस मॉडल जनरेशन के बाद यह दुनिया भर में मशहूर हुआ। आज स्टार्टअप से लेकर बड़ी कंपनियां तक इसका इस्तेमाल करती हैं, क्योंकि यह पूरे कारोबार की तस्वीर एक ही नजर में दिखा देता है।
कैनवास के नौ हिस्से
- आसान भाषा में पहला हिस्सा है ग्राहक वर्ग, यानी आप किन लोगों के लिए काम कर रहे हैं।
- दूसरा है वैल्यू प्रपोजिशन, यानी आपका प्रोडक्ट ग्राहक की कौन सी समस्या हल करता है।
- तीसरा हिस्सा चैनल्स का है, जिसमें लिखा जाता है कि आप ग्राहक तक कैसे पहुंचेंगे, जैसे दुकान, वेबसाइट या सोशल मीडिया।
- चौथा है ग्राहक संबंध, यानी ग्राहक को जोड़े रखने का तरीका।
- पांचवां हिस्सा कमाई के स्रोत का है, जिसमें बताया जाता है कि पैसा किस रूप में आएगा। यह एक बार की बिक्री, सब्सक्रिप्शन या कमीशन हो सकता है।
- छठा हिस्सा मुख्य संसाधन है, जैसे मशीन, टीम, पैसा या तकनीक।
- सातवां है मुख्य गतिविधियां, यानी वे काम जिनके बिना कारोबार नहीं चल सकता।
- आठवां हिस्सा मुख्य साझेदार है, जैसे सप्लायर या डिलीवरी पार्टनर।
- नौवां और आखिरी हिस्सा लागत ढांचा है, जिसमें सारे बड़े खर्च लिखे जाते हैं।
नए बिजनेस के लिए कैनवास कैसे बनाएं?
एक बड़ा कागज या बोर्ड लें और उसे नौ खानों में बांट लें। ऑनलाइन मुफ्त टेम्पलेट भी आसानी से मिल जाते हैं। शुरुआत हमेशा ग्राहक वर्ग और वैल्यू प्रपोजिशन से करें, क्योंकि बाकी सभी हिस्से इन्हीं दो पर टिके होते हैं। हर खाने में छोटे वाक्य या स्टिकी नोट्स लिखें।
लंबे पैराग्राफ लिखने से बचें, ताकि पूरा मॉडल एक नजर में समझ आए। इसके बाद असली ग्राहकों से बात करके अपने अनुमान जांचें। जो बात गलत निकले, उसे बेझिझक बदलें, क्योंकि यह एक बार में पूरा होने वाला दस्तावेज नहीं है।

एक आसान उदाहरण से समझें
मान लीजिए आप अपने शहर में घर का बना टिफिन सर्विस शुरू करना चाहते हैं। आपके ग्राहक होंगे नौकरीपेशा लोग और हॉस्टल में रहने वाले छात्र। आपकी वैल्यू होगी सस्ता, साफ और घर जैसा खाना समय पर। ग्राहक व्हाट्सएप और लोकल फूड ऐप्स से जुड़ेंगे और कमाई मासिक सब्सक्रिप्शन से होगी। रसोई, कुक और डिलीवरी बॉय आपके मुख्य संसाधन होंगे, जबकि सब्जी सप्लायर मुख्य साझेदार।
राशन, गैस, पैकिंग और वेतन लागत का बड़ा हिस्सा बनेंगे। इस्तेमाल करते समय ये गलतियां न करें सभी ग्राहकों को एक जैसा मानना सबसे आम गलती है। जितना साफ ग्राहक वर्ग होगा, उतनी सटीक रणनीति बनेगी। कई लोग लागत को कम आंकते हैं। छोटे खर्च भी जोड़ें, वरना मुनाफे का अनुमान गलत निकल सकता है।
नए कारोबारियों के लिए ये जानकारियां भी काम की हैं
Business Model Canvas तैयार करने के बाद कानूनी और वित्तीय तैयारी भी जरूरी है। इसके लिए ये गाइड पढ़ें: स्टार्टअप्स के लिए एंजेल टैक्स छूट, अपने ब्रांड के लिए सही ट्रेडमार्क क्लास कैसे चुनें और कारोबारी खर्च संभालने में बिजनेस क्रेडिट कार्ड की भूमिका।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. Business Model Canvas और बिजनेस प्लान में क्या फर्क है?
बिजनेस प्लान कई पन्नों का विस्तृत दस्तावेज होता है, जबकि कैनवास एक पेज पर पूरे मॉडल का सार दिखाता है। शुरुआत में कैनवास बनाना आसान और तेज रहता है।
2. क्या छोटे दुकानदार भी Business Model Canvas बना सकते हैं?
हां, यह हर आकार के कारोबार के लिए उपयोगी है, चाहे वह किराना दुकान हो या ऑनलाइन स्टार्टअप।
3. Business Model Canvas कितनी बार अपडेट करना चाहिए?
जब भी ग्राहक, कीमत या बाजार में बड़ा बदलाव आए, तब इसे दोबारा देखें और जरूरी बदलाव करें।
4. Business Model Canvas का मूल टेम्पलेट कहां मिलेगा?
इसे बनाने वाली कंपनी स्ट्रैटजाइज़र की वेबसाइट पर इसका मूल टेम्पलेट और जानकारी उपलब्ध है।
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