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Pay Yourself First: खर्च से पहले बचत करने की आदत कैसे डालें? सैलरी आते ही अपनाएं यह आसान नियम

Pay Yourself First बचत का एक ऐसा आसान नियम है, जिसमें सैलरी आते ही सबसे पहले अपनी बचत का हिस्सा अलग कर दिया जाता है और बाकी पैसे से महीने का खर्च चलाया जाता है। ज्यादातर लोग इसका उल्टा करते हैं, यानी पहले खर्च और फिर जो बचे उसे बचत मान लेते हैं।

नतीजा यह होता है कि महीने के आखिर तक बचाने के लिए कुछ बचता ही नहीं। इस लेख में जानिए यह तरीका कैसे काम करता है और इसे अपनी आदत कैसे बनाएं।

Pay Yourself First का मतलब क्या है?

इसका सीधा अर्थ है कि आप खुद को सबसे पहले भुगतान करें। जैसे आप किराया, बिजली का बिल या ईएमआई समय पर चुकाते हैं, वैसे ही अपनी बचत को भी एक जरूरी बिल की तरह सबसे पहले चुकाएं।

यह विचार नया नहीं है। जॉर्ज एस. क्लासन की मशहूर किताब “द रिचेस्ट मैन इन बेबीलोन” में भी यही सीख दी गई है कि आप जो भी कमाते हैं, उसका एक हिस्सा हमेशा अपने लिए रखें।

यह तरीका क्यों काम करता है?

इंसान की आदत है कि जितना पैसा हाथ में होता है, खर्च भी उसी हिसाब से बढ़ जाता है। जब बचत पहले ही अलग हो जाती है, तो आप बचे हुए पैसे में ही खर्च संभालना सीख जाते हैं।

Pay Yourself First इसी सोच को बदल देता है। इससे हर महीने बचत करने के लिए इच्छाशक्ति पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। पैसा अपने आप जमा होता रहता है और लंबे समय में चक्रवृद्धि ब्याज का फायदा भी मिलता है।

आदत डालने के आसान तरीके

छोटी रकम से शुरुआत करें

शुरुआत में अपनी आय का 10 प्रतिशत बचाने का लक्ष्य रखें। अगर यह मुश्किल लगे तो 500 या 1,000 रुपये से भी शुरू कर सकते हैं। रकम से ज्यादा जरूरी है कि यह हर महीने बिना रुके हो।

बचत के लिए अलग खाता रखें

खर्च वाले खाते और बचत वाले खाते को अलग रखें। बचत का पैसा अगर उसी खाते में पड़ा रहेगा, तो उसे खर्च करने का लालच बना रहेगा।

सब कुछ ऑटोमैटिक कर दें

Pay Yourself First को आसान बनाने का सबसे कारगर तरीका ऑटोमेशन है। सैलरी आने के अगले दिन की तारीख पर बैंक में स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन, रेकरिंग डिपॉजिट या एसआईपी सेट कर दें। इससे पैसा बिना याद रखे अपने आप बचत में चला जाएगा।

सैलरी बढ़े तो बचत भी बढ़ाएं

इंक्रीमेंट या बोनस मिलने पर उसका कम से कम आधा हिस्सा बचत में जोड़ दें। इससे आपकी जीवनशैली के साथ बचत भी लगातार बढ़ती रहेगी।

एक आसान उदाहरण से समझें

मान लीजिए आपकी महीने की सैलरी 40,000 रुपये है। आपने 20 प्रतिशत बचत का लक्ष्य रखा, तो सैलरी आते ही 8,000 रुपये अपने आप बचत खाते या निवेश में चले जाएंगे।

अब आपके पास खर्च के लिए 32,000 रुपये बचेंगे और पूरा महीना इसी में चलाना होगा। साल भर में बिना किसी तनाव के 96,000 रुपये जमा हो जाएंगे, ब्याज या रिटर्न अलग से। यही Pay Yourself First की असली ताकत है।

30 दिन में आदत बनाने का आसान प्लान

पहले हफ्ते में अपने पिछले तीन महीनों के बैंक स्टेटमेंट देखें और समझें कि पैसा कहां जा रहा है। इससे पता चलेगा कि आप आराम से कितनी रकम अलग कर सकते हैं।

दूसरे हफ्ते में बचत खाता और ऑटो डेबिट सेट करें। तीसरे और चौथे हफ्ते में बचे हुए पैसे में खर्च चलाने की कोशिश करें और जहां दिक्कत आए, वहां फालतू खर्च कम करें।

पहला महीना पूरा होते ही Pay Yourself First आपकी रोज की दिनचर्या का हिस्सा बनने लगेगा और आगे बचत बढ़ाना भी आसान लगेगा।

बचत का पैसा कहां लगाएं?

Pay Yourself First से जमा होने वाले पैसे से सबसे पहले तीन से छह महीने के खर्च के बराबर इमरजेंसी फंड बनाएं। इसके लिए बचत खाता, स्वीप सुविधा या लिक्विड फंड जैसे आसानी से निकलने वाले विकल्प ठीक रहते हैं।

इसके बाद लंबे लक्ष्यों जैसे घर, बच्चों की पढ़ाई या रिटायरमेंट के लिए पीपीएफ, एनपीएस या म्यूचुअल फंड एसआईपी जैसे विकल्प चुने जा सकते हैं।

इन गलतियों से बचें

महंगे कर्ज, खासकर क्रेडिट कार्ड का बकाया हो, तो बचत के साथ उसे जल्दी चुकाने पर भी ध्यान दें, क्योंकि उस पर ब्याज बचत के रिटर्न से कहीं ज्यादा होता है।

बचत का पैसा छोटे मोटे खर्चों के लिए बार बार न निकालें। शुरुआत में इतना बड़ा लक्ष्य भी न रखें कि जरूरी खर्च पूरे न हो पाएं और आप बीच में ही हार मान लें।

थोड़े धैर्य और अनुशासन के साथ अपनाया गया Pay Yourself First नियम कुछ ही सालों में आपकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बना सकता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

  1. आय का कितना हिस्सा बचाना चाहिए?
    Pay Yourself First अपनाते समय शुरुआत 10 प्रतिशत से करना अच्छा है। धीरे धीरे इसे 20 से 30 प्रतिशत तक ले जाने की कोशिश करें।
  2. 2. क्या कम सैलरी में भी यह तरीका अपनाया जा सकता है?
    हां, Pay Yourself First का असली फायदा आदत बनाने में है। कम सैलरी में 500 रुपये महीने से शुरू करके भी यह अनुशासन सीखा जा सकता है।
  3. 3. जिनकी आय हर महीने बदलती है, वे क्या करें?
    फ्रीलांसर और कारोबारी तय रकम की जगह हर भुगतान मिलते ही उसका एक तय प्रतिशत बचत में डाल सकते हैं।
  4. 4. वित्तीय जानकारी के लिए भरोसेमंद स्रोत कौन सा है?
    बचत और निवेश से जुड़ी आसान और भरोसेमंद जानकारी नेशनल सेंटर फॉर फाइनेंशियल एजुकेशन की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।

आगे और समाचार पढ़े:

बचत और बजट से जुड़ी ये जानकारियां भी पढ़ें: 50 30 20 बजट नियम से सैलरी का सही बंटवारा, कम सैलरी में पैसे कैसे बचाएं और अपने वित्तीय लक्ष्य कैसे तय करें।

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उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

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