भारत ने एशियाई खेलों में एक और स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। महिला कबड्डी टीम ने रोमांचक फाइनल में ईरान को 37-34 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। अब निगाहें युवा स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह पर हैं, जो महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में जापान की सातोमी वातानाबे से भिड़ेंगी।
जापान के आइची-नागोया में Asian Games 2026 में भारत के लिए 26 सितंबर का दिन बेहद अहम है। महिला कबड्डी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। इसके साथ ही भारत ने महिला कबड्डी में अपना एशियाई खेलों का खिताब बरकरार रखा। फाइनल में भारत ने पहले हाफ में 22-16 की बढ़त बनाई थी और दूसरे हाफ में ईरान की वापसी के बावजूद मुकाबला अपने नाम कर लिया।
महिला कबड्डी में भारत का दबदबा कायम
भारतीय महिला टीम ने पूरे टूर्नामेंट में अपना दबदबा बनाए रखा। सेमीफाइनल में भारत ने नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। उस मुकाबले में भारतीय रेडर्स ने लगातार अंक जुटाए और टीम ने तीन ऑल-आउट लगाए थे। सैनजू देवी ने भी आक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
फाइनल में ईरान ने दूसरे हाफ में जोरदार वापसी की। उसने दूसरे हाफ में भारत से ज्यादा अंक जुटाए, लेकिन पहले हाफ में मिली छह अंकों की बढ़त निर्णायक साबित हुई। भारत ने अंत तक संयम बनाए रखा और 37-34 के स्कोर के साथ स्वर्ण अपने नाम कर लिया।
यह महिला कबड्डी में भारत का लगातार दूसरा एशियाई खेलों का खिताब है। 2022 हांगझोउ एशियाई खेलों में भी भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण पदक जीता था।
Asian गेम्स में अब अनाहत सिंह पर नजर
कबड्डी के बाद भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें अनाहत सिंह पर होंगी। 18 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी महिला सिंगल्स के सेमीफाइनल में जापान की सातोमी वातानाबे का सामना करने के लिए तैयार हैं। मुकाबला सुबह करीब 10:30 बजे से निर्धारित है।
अनाहत ने क्वार्टरफाइनल में हमवतन तन्वी खन्ना को केवल 19 मिनट में 11-2, 11-5, 11-3 से हराया था। इस जीत के साथ उन्होंने अंतिम चार में जगह बनाई। अब उनके सामने जापान की विश्व नंबर छह खिलाड़ी वातानाबे की चुनौती है।
अनाहत की जीत भारत के लिए स्क्वैश में पदक की स्थिति को और मजबूत कर सकती है। हालांकि सेमीफाइनल में जीत के लिए उन्हें मजबूत जापानी प्रतिद्वंद्वी का सामना करना होगा।
पुरुष कबड्डी टीम भी उतरेगी गोल्ड के लिए
भारत की पुरुष कबड्डी टीम भी 26 सितंबर को स्वर्ण पदक के लिए मैदान में उतरेगी। उसका फाइनल ईरान के खिलाफ निर्धारित है। मुकाबला दोपहर 2:30 बजे से शुरू होना है। इससे पहले भारत ने सेमीफाइनल में थाईलैंड को 66-28 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।
इस तरह भारत के पास महिला और पुरुष दोनों कबड्डी स्पर्धाओं में स्वर्ण जीतने का मौका है। दोनों टीमें पिछले एशियाई खेलों में भी चैंपियन रही थीं और इस बार भी खिताब बचाने की कोशिश में हैं।
एथलेटिक्स में भी कई पदक दांव पर
कबड्डी और स्क्वैश के अलावा एथलेटिक्स में भी भारत की नजरें कई पदक मुकाबलों पर रहेंगी। दो बार के एशियाई खेल स्वर्ण पदक विजेता तजिंदरपाल सिंह तूर पुरुष शॉटपुट फाइनल में उतरेंगे। पुरुष ट्रिपल जंप में प्रवीण चित्रवेल और कार्तिक उन्नीकृष्णन भी पदक की दौड़ में होंगे।
महिलाओं की 100 मीटर बाधा दौड़ में ज्योति याराजी और नंदिनी कोंगन भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। महिलाओं की 1500 मीटर और 400 मीटर में भी भारतीय एथलीटों से उम्मीदें रहेंगी।
बैडमिंटन में सिंधु और लक्ष्य भी एक्शन में
बैडमिंटन में पीवी सिंधु, लक्ष्य सेन और उन्नति हुड्डा सहित कई भारतीय खिलाड़ी अपने मुकाबलों में उतरेंगे। सिंधु महिला सिंगल्स में आगे बढ़ने की कोशिश करेंगी, जबकि लक्ष्य सेन पुरुष सिंगल्स में चुनौती पेश करेंगे।
दिन के अंत में पुरुष हॉकी टीम भी जापान के खिलाफ पूल मुकाबला खेलेगी। ऐसे में भारत के लिए यह दिन कई खेलों में पदक और अगले दौर की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाला है।
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भारत की नजर पदक तालिका पर
Day 7 के अंत तक भारत के खाते में 23 पदक थे—2 स्वर्ण, 9 रजत और 12 कांस्य—और टीम पदक तालिका में 12वें स्थान पर थी। महिला कबड्डी का स्वर्ण जुड़ने के बाद भारत की कुल स्वर्ण संख्या बढ़ गई है।
अब अनाहत सिंह, पुरुष कबड्डी टीम और एथलेटिक्स के खिलाड़ियों पर नजर रहेगी। खासतौर पर कबड्डी में भारत के पास एक ही दिन में दो स्वर्ण पदक जीतने का मौका है।

