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यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, प्रयागराज-वाराणसी में भारी बारिश का अलर्ट; 5 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। सोमवार, 31 अगस्त से प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। प्रयागराज, वाराणसी और आसपास के इलाकों में भी बारिश का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने पांच जिलों—प्रयागराज, चित्रकूट, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र—के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं वाराणसी समेत कई जिलों में येलो अलर्ट घोषित किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार, प्रदेश में एक नया मौसम तंत्र सक्रिय होने से बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। सोमवार को करीब 16 जिलों में भारी बारिश और लगभग 50 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है। कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी जताया गया है।

यूपी के पांच जिलों में ऑरेंज अलर्टयूपी

IMD ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के पांच जिलों को भारी बारिश की दृष्टि से संवेदनशील माना है। प्रयागराज, चित्रकूट, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र में कई स्थानों पर बहुत भारी बारिश के साथ गरज और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है।

इन जिलों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों में जलभराव, सड़क यातायात प्रभावित होने और स्थानीय नदियों-नालों के जलस्तर में वृद्धि की स्थिति बन सकती है।

पहाड़ी और नदी किनारे वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी मौसम विभाग की चेतावनी महत्वपूर्ण है। लगातार बारिश की स्थिति में अचानक जलप्रवाह बढ़ने का खतरा रहता है।

यूपी में वाराणसी समेत 11 जिलों में येलो अलर्ट

वाराणसी के अलावा प्रतापगढ़, कौशांबी, जौनपुर, संत रविदास नगर, बहराइच, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, पीलीभीत, बरेली और रामपुर में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

वाराणसी में बारिश का महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि मानसून के दौरान गंगा के जलस्तर में बदलाव तेजी से हो सकता है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार वाराणसी में गंगा का जलस्तर पिछले 30 घंटों में 1.26 मीटर से अधिक बढ़कर चेतावनी स्तर के करीब पहुंच गया है। ऐसे में आगे होने वाली बारिश और ऊपरी क्षेत्रों से आने वाले पानी पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।

लखनऊ से लेकर कानपुर और गोरखपुर तक बारिश के आसार

राजधानी लखनऊ सहित हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या, उन्नाव, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, कानपुर, हमीरपुर, महोबा, अंबेडकर नगर, आजमगढ़ और गाजीपुर में भी कई स्थानों पर बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा गोंडा, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, बलिया, मऊ, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, फर्रुखाबाद, कन्नौज, औरैया, जालौन, झांसी और ललितपुर में भी बारिश की बौछारें पड़ सकती हैं।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश की संभावना है, हालांकि पूर्वांचल में मौसम का प्रभाव अपेक्षाकृत ज्यादा रहने का अनुमान है।

नोएडा-गाजियाबाद में मौसम रह सकता है शुष्क

जहां पूर्वी यूपी में बारिश का जोर रहने की संभावना है, वहीं नोएडा, गाजियाबाद और आगरा जैसे इलाकों में सोमवार को मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है। हालांकि, हाल में हुई बारिश के कारण इन क्षेत्रों में तापमान में गिरावट आई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।

रामपुर, बदायूं, संभल, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर और सहारनपुर में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।

5 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

IMD के लखनऊ केंद्र के मुताबिक उत्तर प्रदेश में मौसम की यह गतिविधि केवल एक दिन तक सीमित रहने की संभावना नहीं है। प्रदेश के कई हिस्सों में 5 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में तेज बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है।

मौसम विभाग ने इस दौरान गरज-चमक और आकाशीय बिजली को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के कारण अगले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। इससे लोगों को गर्मी से राहत मिल सकती है।

किसानों और यात्रियों के लिए भी अहम अलर्ट

बारिश का यह दौर किसानों के लिए राहत के साथ चुनौती भी लेकर आ सकता है। पर्याप्त बारिश से सूखे या कम बारिश वाले क्षेत्रों में फसलों को फायदा मिल सकता है, लेकिन अत्यधिक बारिश से खेतों में पानी भरने और खड़ी फसलों को नुकसान का खतरा भी रहता है।

वहीं, सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने की जरूरत है। भारी बारिश वाले जिलों में जलभराव के कारण यातायात की रफ्तार प्रभावित हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्ची सड़कों और निचले इलाकों में भी परेशानी बढ़ सकती है।

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आकाशीय बिजली से सावधानी जरूरी

IMD की चेतावनी में बारिश के साथ बिजली गिरने का खतरा भी प्रमुखता से शामिल है। ऐसे मौसम में खुले मैदान, खेत, पेड़ के नीचे या जलस्रोतों के आसपास खड़े होने से बचना जरूरी है।

बारिश और गरज-चमक के दौरान लोगों को सुरक्षित इमारतों के भीतर रहने और स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की सलाह दी जाती है।

निष्कर्ष

उत्तर प्रदेश में मानसून ने अगस्त के अंतिम दिन एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रयागराज, चित्रकूट, मिर्जापुर, चंदौली और सोनभद्र में ऑरेंज अलर्ट, जबकि वाराणसी समेत 11 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।

प्रदेश के करीब 50 जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कई स्थानों पर गरज-चमक की संभावना है। IMD के अनुसार बारिश का यह दौर 5 सितंबर तक जारी रह सकता है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम लोगों को भी मौसम की ताजा जानकारी पर नजर रखते हुए सावधानी बरतने की जरूरत है।

खास तौर पर प्रयागराज और वाराणसी जैसे पूर्वांचल के जिलों में भारी बारिश के साथ जलभराव और बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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PandeyAbhishek
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Abhishek Pandey is a skilled news editor with 4-5 years of experience in the field, he covers mostly political, world news, sports and etc.
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