रिटायरमेंट के लिए पैसा जोड़ना है और टैक्स भी बचाना है, तो सरकार की एक स्कीम इन दोनों जरूरतों को एक साथ पूरा करती है। इसी स्कीम का सबसे मुख्य हिस्सा है NPS Tier 1 Account, जिसे समझना हर नौकरीपेशा और स्वरोजगार करने वाले व्यक्ति के लिए जरूरी है। साल 2026 में भी यह अकाउंट रिटायरमेंट प्लानिंग के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्पों में गिना जाता है।
NPS Tier 1 Account क्या है?
NPS Tier 1 Account राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली यानी नेशनल पेंशन सिस्टम का मुख्य और अनिवार्य खाता है। यह पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी PFRDA द्वारा नियंत्रित किया जाता है। इसे खोलते ही निवेशक को एक स्थायी रिटायरमेंट अकाउंट नंबर यानी PRAN मिलता है, जो जीवनभर के लिए वैध रहता है। इस खाते में जमा राशि सीधे शेयर बाजार, सरकारी बॉन्ड और कॉर्पोरेट डेट में निवेश की जाती है, जिससे लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना रहती है।
यह अकाउंट कैसे काम करता है?
NPS Tier 1 Account में पैसा जमा होते ही वह साठ साल की उम्र तक लॉक हो जाता है, यानी बीच में इसे पूरी तरह निकालना संभव नहीं है। निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार इक्विटी, कॉर्पोरेट बॉन्ड और सरकारी सिक्योरिटी के बीच निवेश का अनुपात चुन सकता है।
साल 2026 के नियम के अनुसार इस खाते को खोलने के लिए न्यूनतम पांच सौ रुपये और हर साल कम से कम एक हजार रुपये जमा करना जरूरी है। पेंशन फंड मैनेजर हर तिमाही निवेश का प्रदर्शन दिखाता है, जिसे नेशनल पेंशन सिस्टम की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप से देखा जा सकता है।
फायदे और इस्तेमाल
NPS Tier 1 Account में निवेश करने पर सेक्शन 80C के तहत डेढ़ लाख रुपये तक और सेक्शन 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त पचास हजार रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है। यह छूट पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वाले करदाताओं के लिए बेहद फायदेमंद साबित होती है।
साठ साल की उम्र पूरी होने पर कम से कम साठ प्रतिशत रकम एकमुश्त निकाली जा सकती है, जबकि बाकी चालीस प्रतिशत से अनिवार्य रूप से नियमित पेंशन खरीदनी पड़ती है। यह व्यवस्था इसे EPS-95 Pension जैसी स्कीमों से अलग बनाती है, जहां पेंशन की शर्तें अलग तरह से तय होती हैं। नौकरी बदलने या शहर बदलने पर भी यह खाता पूरी तरह पोर्टेबल रहता है, इसलिए किसी नई प्रक्रिया की जरूरत नहीं पड़ती।

ध्यान रखने योग्य बातें
NPS Tier 1 Account में जमा रकम साठ साल से पहले सिर्फ चिकित्सा आपातकाल, घर खरीदने या बच्चों की पढ़ाई जैसी खास वजहों से आंशिक रूप से निकाली जा सकती है। टैक्स प्लानिंग करते समय Section 87A Tax Rebate जैसी अन्य छूटों को भी साथ में समझना फायदेमंद रहता है। निवेश से पहले अपनी जोखिम क्षमता के अनुसार इक्विटी और डेट के बीच सही अनुपात तय करना जरूरी है, ताकि रिटर्न और सुरक्षा दोनों संतुलित रहें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल: NPS Tier 1 Account कब मैच्योर होता है?
जवाब: यह खाता साठ साल की उम्र पर मैच्योर होता है, हालांकि कुछ शर्तों के तहत इसे सत्तर साल तक बढ़ाया जा सकता है।
सवाल: क्या Tier 1 अकाउंट से बीच में पैसा निकाला जा सकता है?
जवाब: सिर्फ खास परिस्थितियों में आंशिक निकासी की अनुमति है, पूरी रकम साठ साल से पहले नहीं निकाली जा सकती।
सवाल: NPS Tier 1 Account में कितनी टैक्स छूट मिलती है?
जवाब: सेक्शन 80C के तहत डेढ़ लाख और सेक्शन 80CCD(1B) के तहत अतिरिक्त पचास हजार रुपये तक की छूट मिलती है।
सवाल: क्या यह अकाउंट NPS Tier 2 Account से अलग है?
जवाब: हां, Tier 1 अनिवार्य और लॉक-इन वाला खाता है, जबकि Tier 2 पूरी तरह ऐच्छिक और बिना लॉक-इन वाला होता है।
सवाल: योजना से जुड़ी और जानकारी कहां से मिल सकती है?
जवाब: अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल पर जाया जा सकता है।
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- NPS Tier 2 Account किन बातों में Tier 1 से अलग है, पूरी जानकारी
- Section 87A Tax Rebate से जुड़ी पूरी जानकारी और फायदे
- EPS-95 Pension स्कीम से जुड़ी जरूरी जानकारी
उपरोक्त जानकारी गूगल और विभिन्न वेबसाइट/समाचार माध्यमों से ली गई है। सटीकता की गारंटी नहीं है। निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से सलाह जरूर लें।

