स्वतंत्रता दिवस पर देश में संभावित आतंकी और विध्वंसक गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 17 अगस्त को दावा किया कि सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान स्थित और कथित तौर पर ISI समर्थित शाहजाद भट्टी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। उनके मुताबिक, इस अभियान में 14 राज्यों में 200 से अधिक ऑपरेटिव गिरफ्तार किए गए, जबकि कुल 253 लोगों को हिरासत में लिया गया। गृह मंत्रालय के अनुसार, अभियान के दौरान विस्फोटक सामग्री, हथियार और निगरानी उपकरण भी बरामद किए गए हैं।
अमित शाह ने कहा कि यह कार्रवाई स्वतंत्रता दिवस के आसपास देश में संभावित विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने की कथित योजना को नाकाम करने के लिए की गई। उनके अनुसार, विभिन्न स्थानों पर समन्वित कार्रवाई के जरिए नेटवर्क की गतिविधियों पर प्रहार किया गया। गृह मंत्री ने इसे आतंकवाद के खिलाफ सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति का उदाहरण बताया।
14 राज्यों में एक साथ कार्रवाई
गृह मंत्रालय के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों और राज्य पुलिस बलों ने 12 अगस्त को कई स्थानों पर समन्वित अभियान चलाया। इस कार्रवाई के पीछे वास्तविक समय में खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान की व्यवस्था काम कर रही थी। अभियान का दायरा 14 राज्यों तक फैला हुआ था।
सबसे अधिक हिरासतें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और पंजाब में हुईं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश में 62, हरियाणा में 52, दिल्ली में 51, पंजाब में 44, राजस्थान में 15, महाराष्ट्र में 8 और उत्तराखंड में 5 लोगों को हिरासत में लिया गया। इसके अलावा कर्नाटक, गुजरात और बिहार में तीन-तीन तथा तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और केरल में दो-दो लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी।
कार्रवाई में क्या बरामद हुआ??
अमित शाह के मुताबिक, तलाशी और गिरफ्तारी अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों ने IED, ग्रेनेड, पिस्तौल और जिंदा कारतूस बरामद किए। कुछ ग्रेनेड पर पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के निशान होने का भी दावा किया गया है। इसके अलावा ऐसे CCTV कैमरे भी बरामद किए गए, जिनका कथित तौर पर जासूसी और निगरानी के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था।
इन बरामदगियों को जांच एजेंसियां नेटवर्क की कथित गतिविधियों के महत्वपूर्ण सुराग के तौर पर देख रही हैं। हालांकि, बरामद सामग्री का इस्तेमाल किन संभावित योजनाओं में किया जाना था और प्रत्येक आरोपी की भूमिका क्या थी, यह जांच के आगे बढ़ने के बाद ही स्पष्ट होगा।
पुलिस और रक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी का आरोप
गृह मंत्रालय के अनुसार, शाहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े लोगों पर पुलिस प्रतिष्ठानों, रक्षा ठिकानों और धार्मिक स्थलों की रेकी करने का आरोप है। जांचकर्ताओं का दावा है कि नेटवर्क स्थानीय ऑपरेटिवों को इसके लिए भुगतान करता था और संवेदनशील स्थानों की निगरानी कराता था। CCTV कैमरों की मदद से भी निगरानी का नेटवर्क तैयार किए जाने की बात सामने आई है।
यदि जांच में ये आरोप पुष्ट होते हैं, तो यह मामला केवल हथियार या विस्फोटक रखने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक संगठित जासूसी और आतंकी नेटवर्क की गतिविधियों से भी जुड़ सकता है।
80 से अधिक FIR दर्ज
गृह मंत्रालय ने बताया कि इस नेटवर्क से जुड़े मामलों में अब तक 80 से अधिक FIR दर्ज की जा चुकी हैं और 200 से अधिक गिरफ्तारियां हुई हैं। आरोपियों के खिलाफ UAPA, भारतीय न्याय संहिता (BNS), आर्म्स एक्ट, NDPS एक्ट और Explosive Substances Act जैसी विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।
इन धाराओं के इस्तेमाल से संकेत मिलता है कि जांच एजेंसियां मामले को संगठित आतंकवाद, अवैध हथियार, विस्फोटक और अन्य आपराधिक गतिविधियों के व्यापक नेटवर्क के रूप में देख रही हैं।
शाहजाद भट्टी नेटवर्क की जांच कैसे आगे बढ़ी?
इस नेटवर्क को लेकर हाल के महीनों में कई राज्यों की सुरक्षा एजेंसियों ने जांच तेज की थी। जुलाई के अंत में पश्चिम बंगाल स्पेशल टास्क फोर्स ने पाकिस्तान से जुड़े एक कथित आतंक-जासूसी मॉड्यूल के मामले में मोहम्मद हामिम मंडल और उसकी सहयोगी अर्पिता सरकार को गिरफ्तार किया था। अधिकारियों के अनुसार, इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और डिजिटल उपकरणों तथा अंतरराष्ट्रीय संचार संपर्कों की भी पड़ताल की गई।
जांचकर्ताओं के अनुसार, नेटवर्क के कथित हैंडलर एन्क्रिप्टेड संदेशों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए स्थानीय संपर्कों के साथ संवाद करते थे। इस मामले में आगे की जांच से नेटवर्क की संरचना और इसके संभावित अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की तस्वीर स्पष्ट हो सकती है।
स्वतंत्रता दिवस के दौरान क्यों बढ़ी चिंता?
15 अगस्त देश के लिए सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसरों में से एक है। इस दिन राजधानी दिल्ली के लाल किले सहित देशभर में बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। ऐसे समय सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित आतंकी साजिश, तोड़फोड़ या जासूसी गतिविधि को लेकर विशेष सतर्क रहती हैं।
इसी पृष्ठभूमि में सरकार का कहना है कि शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई ने स्वतंत्रता दिवस के आसपास संभावित खतरे को कम किया। अभियान में बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी और हथियारों की बरामदगी को सुरक्षा एजेंसियों की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में पेश किया गया है।
केंद्र ने बताया ‘जीरो टॉलरेंस’ का उदाहरण
अमित शाह ने इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ केंद्र सरकार की नीति से जोड़ते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने 14 राज्यों में समन्वित कार्रवाई करके नेटवर्क को तोड़ा है। उन्होंने इसे सीमा पार से समर्थित आतंकवाद के खिलाफ भारत की सख्त नीति का उदाहरण बताया।
सरकार का जोर इस बात पर है कि आतंकी नेटवर्क को केवल हमले के बाद निशाना बनाने के बजाय उसकी तैयारी, वित्तीय सहायता, स्थानीय संपर्क, रेकी और हथियारों की आपूर्ति के स्तर पर ही तोड़ा जाए।
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आगे की जांच में क्या होगा?
अब सुरक्षा एजेंसियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती गिरफ्तार किए गए लोगों की वास्तविक भूमिका निर्धारित करना है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि कौन लोग सीधे नेटवर्क के संपर्क में थे, किसने हथियार या विस्फोटक उपलब्ध कराए, किन स्थानों की रेकी की गई और क्या किसी संभावित हमले की ठोस योजना तैयार की गई थी।
इसके अलावा जब्त डिजिटल उपकरणों और संचार माध्यमों की फोरेंसिक जांच से कथित नेटवर्क के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जानकारी मिलने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
स्वतंत्रता दिवस से पहले शाहजाद भट्टी नेटवर्क के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई ने देश में आतंकवाद और सीमा पार से संचालित कथित नेटवर्क को लेकर एक बार फिर चिंता सामने ला दी है। गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार, 14 राज्यों में कार्रवाई के दौरान 253 लोगों को हिरासत में लिया गया और 200 से अधिक ऑपरेटिव गिरफ्तार किए गए।
IED, ग्रेनेड, पिस्तौल, कारतूस और निगरानी के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले CCTV कैमरों की बरामदगी का दावा भी किया गया है। सरकार के मुताबिक, नेटवर्क पुलिस, रक्षा प्रतिष्ठानों और धार्मिक स्थलों की कथित रेकी में शामिल था।
हालांकि, इन आरोपों की अंतिम पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए ही होगी। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई का अगला चरण नेटवर्क के वित्तीय स्रोतों, डिजिटल संपर्कों, स्थानीय सहयोगियों और कथित सीमा-पार कनेक्शन का पता लगाने पर केंद्रित रहने की संभावना है।

