स्वतंत्रता दिवस से कुछ दिन पहले मंगलवार को संसद परिसर में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक ‘मंगल मिलन’ देशभक्ति के रंग में नजर आई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समेत NDA के कई वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने बैठक में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री के बैठक स्थल पर पहुंचते ही सांसदों ने तिरंगा लहराकर उनका स्वागत किया और ‘वंदे मातरम्’ तथा ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए।
‘मंगल मिलन’ का यह आयोजन ऐसे समय हुआ है जब देश 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाने की तैयारियों में जुटा है। इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के साथ ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने का संदर्भ भी जुड़ा हुआ है। NDA की बैठक में तिरंगा लहराने और राष्ट्रीय गीत के नारों ने कार्यक्रम को राजनीतिक बैठक के साथ-साथ देशभक्ति के संदेश वाले आयोजन का स्वरूप दिया।
प्रधानमंत्री मोदी का तिरंगे से स्वागत
NDA सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बैठक स्थल पर पहुंचने पर हाथों में तिरंगा लेकर उनका स्वागत किया। इस दौरान ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए गए। बैठक में मौजूद नेताओं ने प्रधानमंत्री के साथ तिरंगा लहराया।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह समेत NDA के कई नेता तिरंगा हाथ में लिए नजर आए। तस्वीरों और वीडियो में सत्ता पक्ष के सांसदों की बड़ी संख्या में भागीदारी दिखाई दी। इस आयोजन को स्वतंत्रता दिवस से पहले NDA की एकजुटता और राष्ट्रीय भावना के प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
‘मंगल मिलन’ में NDA के कई बड़े नेता शामिल
NDA की साप्ताहिक संसदीय दल की बैठक संसद परिसर स्थित GMC बालयोगी सभागार में आयोजित की गई। बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन समेत NDA के विभिन्न घटक दलों के नेता, केंद्रीय मंत्री और सांसद शामिल हुए।
‘मंगल मिलन’ NDA के सांसदों के बीच नियमित समन्वय और संसदीय रणनीति पर चर्चा का महत्वपूर्ण मंच है। ऐसे बैठकों में सरकार के विधायी एजेंडे, संसद की कार्यवाही और राजनीतिक मुद्दों पर पार्टी एवं गठबंधन के सांसदों के बीच विचार-विमर्श होता है।
मंगलवार की बैठक में देश की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के बीच NDA की एकजुटता भी महत्वपूर्ण संदेश के रूप में सामने आई। संसद के मानसून सत्र में विपक्ष और सरकार के बीच कई मुद्दों को लेकर टकराव जारी है। ऐसे माहौल में सत्ता पक्ष के सांसदों का एक साथ जुटना संसदीय रणनीति के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
तिरंगा और ‘वंदे मातरम्’ के जरिए देशभक्ति का संदेश
इस बार ‘मंगल मिलन’ में सबसे ज्यादा चर्चा तिरंगा लहराने और ‘वंदे मातरम्’ के नारों की रही। स्वतंत्रता दिवस से पहले आयोजित इस कार्यक्रम ने राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रीय गीत को केंद्र में रखा।
‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के कारण इस वर्ष इसके ऐतिहासिक महत्व को लेकर देशभर में कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। NDA की बैठक में भी इसका प्रभाव देखने को मिला। प्रधानमंत्री मोदी और अन्य नेताओं की मौजूदगी में सांसदों ने ‘वंदे मातरम्’ के नारे लगाए।
यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब स्वतंत्रता दिवस समारोह में ‘वंदे मातरम्’ को विशेष महत्व दिए जाने की तैयारियां चल रही हैं। 15 अगस्त को लाल किले से होने वाले समारोह में भी राष्ट्रीय गीत से जुड़ा विशेष कार्यक्रम प्रस्तावित है।
NDA की एकजुटता पर जोर
राजनीतिक दृष्टि से भी मंगलवार की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NDA में भाजपा के साथ कई क्षेत्रीय और राष्ट्रीय दल शामिल हैं। संसद में गठबंधन की संख्या और एकजुटता सरकार के विधायी कामकाज के लिए महत्वपूर्ण है।
‘मंगल मिलन’ जैसे नियमित कार्यक्रमों के जरिए गठबंधन के सांसदों के बीच समन्वय बनाए रखने की कोशिश की जाती है। मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी, अमित शाह और अन्य वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस मंच की राजनीतिक अहमियत को और बढ़ा दिया।
बैठक के दौरान सांसदों का तिरंगा लहराना केवल स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों से जुड़ा दृश्य नहीं था, बल्कि इसे गठबंधन की सामूहिक राजनीतिक उपस्थिति के रूप में भी देखा गया। NDA नेताओं ने एक साथ राष्ट्रीय ध्वज लहराकर एकजुटता और राष्ट्रवादी संदेश को प्रमुखता दी।
संसद में जारी गतिरोध के बीच बैठक
यह बैठक संसद के मानसून सत्र के दौरान हुई, जब सरकार और विपक्ष के बीच कई मुद्दों पर राजनीतिक टकराव जारी है। विपक्ष विभिन्न मुद्दों पर सरकार से जवाब मांग रहा है, जबकि सत्ता पक्ष संसद की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने की अपील कर रहा है।
ऐसे माहौल में NDA संसदीय दल की बैठक का महत्व और बढ़ जाता है। गठबंधन के सांसदों के लिए यह मंच संसद में आगे की रणनीति और आपसी समन्वय तय करने का अवसर भी देता है।
हालांकि बैठक के दौरान हुई चर्चाओं का पूरा विवरण सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आया है, लेकिन कार्यक्रम का सार्वजनिक दृश्य स्पष्ट रूप से देशभक्ति और गठबंधन की एकजुटता पर केंद्रित रहा।
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स्वतंत्रता दिवस से पहले खास माहौल
15 अगस्त के करीब आने के साथ देशभर में ‘हर घर तिरंगा’ जैसे अभियानों और स्वतंत्रता दिवस से जुड़े कार्यक्रमों की तैयारियां तेज हैं। इसी माहौल में NDA सांसदों का तिरंगा लहराना राजनीतिक और राष्ट्रीय दोनों संदर्भों में चर्चा का विषय बना।
प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह समेत वरिष्ठ NDA नेताओं का तिरंगा लहराते हुए नजर आना सोशल मीडिया और समाचार माध्यमों में भी प्रमुखता से सामने आया।
निष्कर्ष
संसद परिसर में मंगलवार को आयोजित NDA के ‘मंगल मिलन’ ने स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति और राजनीतिक एकजुटता का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह समेत NDA के वरिष्ठ नेताओं और सांसदों ने तिरंगा लहराया, जबकि प्रधानमंत्री के स्वागत के दौरान ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए गए।
संसद के मानसून सत्र में जारी राजनीतिक गतिरोध के बीच NDA की यह बैठक गठबंधन के भीतर समन्वय और एकजुटता के लिहाज से भी महत्वपूर्ण रही। वहीं, ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने और स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के बीच बैठक का देशभक्ति से जुड़ा स्वरूप इसे सामान्य साप्ताहिक संसदीय बैठक से अलग बनाता नजर आया।
अब 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह पर सबकी निगाहें हैं, जहां राष्ट्रीय ध्वज और ‘वंदे मातरम्’ से जुड़े विशेष कार्यक्रमों के जरिए स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और राष्ट्रीय एकता का संदेश प्रमुखता से सामने आने की उम्मीद है।

